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ⓘ तकनीकी और अभियान्त्रिकी - अभियान्त्रिकी, अन्तरिक्षीय अभियान्त्रिकी, अवलोकन टनलिंग सूक्ष्मदर्शी यंत्र, जैवप्रौद्योगिकी, ध्रुवक, नैनोप्रौद्योगिकी ..




                                               

अभियान्त्रिकी

अभियान्त्रिकी वह विज्ञान तथा व्यवसाय है जो मानव की विविध जरूरतों की पूर्ति करने में आने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करता है। इसके लिये वह गणितीय, भौतिक व प्राकृतिक विज्ञानों के ज्ञानराशि का उपयोग करती है। इंजीनियरी भौतिक वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करती है; औद्योगिक प्रक्रमों का विकास एवं नियंत्रण करती है। इसके लिये वह तकनीकी मानकों का प्रयोग करते हुए विधियाँ, डिजाइन और विनिर्देश specifications प्रदान करती है।

                                               

अन्तरिक्षीय अभियान्त्रिकी

अन्तरिक्षीय अभियान्त्रिकी या अन्तरिक्षीय तकनीकी बाहरी अन्तरिक्ष से जुड़ी हुई तमाम तकनीकियों का समूह है, जिसमें अन्तरिक्ष यात्रा, अन्तरिक्ष यान और उनकी बनावट और चाल, वगैरह शामिल हैं। ये वैमानिक और अन्तरिक्षीय अभियान्त्रिकी (en:Aerospace engineering के दो बड़े हिस्सों में से एक है।

                                               

अवलोकन टनलिंग सूक्ष्मदर्शी यंत्र

आणुविक स्तर पर सतहों को देखने के लिये अवलोकन टनलिंग सूक्ष्मदर्शी यंत्र) एक शक्तिशाली तकनीक है। सन १९८१ में गर्ड बिन्निग और हैन्रिक रोह्रर ने इसका आविष्कार किया जिसके लिये सन १९८६ में इन्हे भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया। यह यंत्र टनलिंग धारा के मापन के आधापर पदार्थ के अवस्था घनत्व को परखता है। यह 0.1 नैनोमीटर की चौडाई और 0.01 नैनोमीटर की गहराई तक देख सकता है। यह यंत्र ना सिर्फ अति-निर्वात परिस्तिथियों में, बल्कि खुली हवा तथा द्रव एवं गैस के वातावरण में भी काम कर सकता है। साथ ही लगभग शून्य केल्विन से लेकर कुछ सौ डिग्री सेल्सिअस तापमान तक यह काम कर सकता है।. यह सूक्ष्मदर्शी यंत्र प्रमात्र ...

                                               

जैवप्रौद्योगिकी

जैवप्रौद्योगिकी या जैवतकनीकी तकनीकी का वो विषय है जो अभियान्त्रिकी और तकनीकी के डाटा और तरीकों को जीवों और जीवन तन्त्रों से सम्बन्धित अध्ययन और समस्या के समाधान के लिये उपयोग करता है। इसे रासायनिक अभियान्त्रिकी, रसायन शास्त्र या जीव विज्ञान में संबंधित माना जाता है। जैव प्रौद्योगिकी लागू जीव विज्ञान के एक क्षेत्र है कि अभियान्त्रिकी, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा और अन्य जैव-उत्पाद आवश्यकता क्षेत्रों में रहने वाले जीवों और बायोप्रोसेस का इस्तेमाल शामिल है।

                                               

ध्रुवक

ध्रुवक या ध्रुवीयक विद्युत चुंबकीय तरंगों के एक अस्पष्ट या मिश्रित ध्रुवीकरण वाले किरणपुंज को एक सु-स्पष्ट किरणपुंज में परिवर्तित करने वाली युक्ति है। ध्रुवको का प्रयोग कई प्रकाशीय तकनीकों और उपकरणों में किया जाता है और ध्रुवीकरण फिल्टर फोटोग्राफी और द्रव क्रिस्टल प्रादर्शी प्रौद्योगिकी में प्रयोग किए जाते है। ध्रुवक को दो सामान्य श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है: अवशोषक ध्रुवक, जहां उपकरण के द्वारा अवांछित ध्रुवीकरण अवस्थाओं का अवशोषण किया जाता है और किरणपुंज-विभाजक ध्रुवक, जहां अध्रुवीकृत किरणपुंज को दो विपरीत ध्रुवीकरण अवस्थाओं वाले किरणपुंज में विभाजित किया जाता है।

                                               

नैनोप्रौद्योगिकी

नैनोतकनीक या नैनोप्रौद्योगिकी, व्यावहारिक विज्ञान के क्षेत्र में, १ से १०० नैनो स्केल में प्रयुक्त और अध्ययन की जाने वाली सभी तकनीकों और सम्बन्धित विज्ञान का समूह है। नैनोतकनीक में इस सीमा के अन्दर जालसाजी के लिये विस्तृत रूप में अंतर-अनुशासनात्मक क्षेत्रों, जैसे व्यावहारिक भौतिकी, पदार्थ विज्ञान, अर्धचालक भौतिकी, विशाल अणुकणिका रसायन शास्त्र, स्वयमानुलिपिक मशीनएं और रोबोटिक्स, रसायनिक अभियांत्रिकी, याँत्रिक अभियाँत्रिकी और वैद्युत अभियाँत्रिकी. अभी यह कहना मुशकिल है कि इन रेखाओं में अनुसन्धान के क्या परिणाम होंगे। नैनोप्रौद्योगिकी को विद्यमान विज्ञान का नैनो स्केल में विस्तारीकरण, या विद् ...