पिछला

ⓘ रात्रि दृष्टि कम प्रकाश वाली परिस्थितियों में देखने की क्षमता होती है। कई प्राणियों की आँखों के दृष्टि पटल में शलाका कोशिकाएँ उन्हें रात्रि दृष्टि प्रदान करती ह ..




रात्रि दृष्टि
                                     

ⓘ रात्रि दृष्टि

रात्रि दृष्टि कम प्रकाश वाली परिस्थितियों में देखने की क्षमता होती है। कई प्राणियों की आँखों के दृष्टि पटल में शलाका कोशिकाएँ उन्हें रात्रि दृष्टि प्रदान करती हैं। कृत्रिम यंत्रों से इस क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। कुछ प्राणियों में "टपिटम लूसिडम" नामक अंग रात्रि दृष्टि को अधिक शक्तिशाली बनाता है लेकिन मानवों में इस अंग का आभाव है।

                                     
  • व च कशच चन द रम नक तम त अर थ त य त र नक षत र र प म उन नत स थ न म ब ठ ह य र त र म द ख य द त थ व द न म कह व ल न ह गय चन द रम भ प रक श त ह त
  • द र हर श करप रम क प छ एक स रम य पह ड पर स थ त ह यह प र त स र त र तक, व भ न न स न य ज त क र यक रम क म ध यम स आश रम ज वन स पर च त कर न
  • भ 15 जनवर क मन य ज एग श स त र क अन स र, दक ष ण यन क द वत ओ क र त र अर थ त नक र त मकत क प रत क तथ उत तर यण क द वत ओ क द न अर थ त सक र त मकत
  • अय ध य व स य न घ क द पक जल ए क र त क म स क सघन क ल अम वस य क वह र त र द य क र शन स जगमग उठ तब स आज तक भ रत य प रत वर ष यह प रक श - पर व
  • क अभ प र य स क स क घर क ख ड क स घर क अ दर क च ज क द ख तथ र त र म स ध लग कर च र करन क य जन बन कर ह ल ट ज य त उसपर च र क अपर ध
  • जर मरण, द ख स म क त द ल न क म र ग एव सत य द व य ज ञ न क ख ज म र त र म र जप ठ क म ह त य गकर वन क ओर चल गए वर ष क कठ र स धन क पश च त
  • म 10 ऋष ऋग व द क मन त रद ष ट ह और एक प त र ज सक न म र त र थ वह भ र त र स क त क मन त रद ष ट म न गई ह ॠग व द क छठ मण डल क द रष ट
  • पद र थ क आह त द त ह मल पह ड य भ अक ट बर नव बर म स म क ल प ज क र त र क म त प रख क सम म न म स ख सन क बत त य जल त ह उत तर भ रत क
  • इन ह कण द कहत ह क स क मत ह क द न भर य सम ध म रहत थ और र त र क कण क स ग रह करत थ यह व त त उल ल पक ष क ह क स क कहन ह
  • ग थ ए स न त थ इसम म लस ई, रम ल, ज गर आद प रचल त ह अभ ग व म र त र म लगन व ल ज गर म ल क ग थ ए स नन क म लत ह यह क ल क स ह त य

यूजर्स ने सर्च भी किया:

...
...
...