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ⓘ २०१७ अमरनाथ यात्रा आक्रमण. उत्तर भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित हिन्दू तीर्थ गुफ़ा अमरनाथ की श्रावण यात्रा को जा रहे श्रद्धालुओं के जत्थे पर 10 जुलाई 2 ..




२०१७ अमरनाथ यात्रा आक्रमण
                                     

ⓘ २०१७ अमरनाथ यात्रा आक्रमण

उत्तर भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित हिन्दू तीर्थ गुफ़ा अमरनाथ की श्रावण यात्रा को जा रहे श्रद्धालुओं के जत्थे पर 10 जुलाई 2017 को आतंकवादियों ने हमला किया था। इस्लामी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के द्वारा किये गये इस आतंकी हमले में ७ श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई थी। भारत का आरोप है कि, इस आक्रमण में लश्कर ए तैयबा का आतंकी इस्माइल मुख्य आरोपी है। लेकिन पाकिस्तान में स्थित इस्लामिक आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा ने इस आक्रमण की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की।

10 जुलाई 2017 दिनांक और तदनुसार श्रावण मास के प्रथम सोमवार को अनन्तनाग ज़िले में ये आक्रमण किया गया था। अमरनाथ भारत, नेपाल और दुनियाभर में निवास करने वालें हिन्दू धर्म के लोगों का प्रमुख यात्रा स्थल है। भारत में श्रावण मास के दिन और विशेषतः श्रावण के सोमवार के दिन हिन्दू धर्म में शिव के दर्शन करने का विशेष महत्त्व होता है। 2017 में सोमवार के दिन ही श्रावण मास की शुरूआत हुई थी और प्रथम दिन ही यात्रियों पर ये आक्रमण किया गया था।

                                     

1. पृष्ठभूमि

8 जुलाई 2016 को बुरहान वानी नामक मिलिटेंट कमांडर भारतीय सेना द्वारा मारा गया था। उसकी बरसी के समय ही ये आतंकी आक्रमण हुआ, जिससे उसको जम्मू और कश्मीर के लोगों में शहीद के रूप में जीवित रखने के लिये ये आक्रमण किया गया। इसी के चलते यात्रा की सुरक्षा को भी सशक्त किया गया था। लेकिन ये आक्रमण हुआ जिस पर भारत में विपक्षीय दलों ने सरकापर चुक का आरोप लगाते हुए जाँच करने की मांग की थी।

यात्रियों पर टैक्स लगाने से यह जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा राजस्व अर्जित करने का एक तरीक़ा है, और स्थानीय शिया मुस्लिम बकरवाल-गुर्जर बिरादरी हिन्दू यात्रियों को सेवाएँ प्रदान करके भी राजस्व अर्जित करते हैं; लेकिउन लोगों के लिए आय के इस स्रोत को इस्लामवादी कश्मीरी सुन्नी मिलिटेंट ग्रुपों की वजह से ख़तरे में है क्योंकि उन्होंने यात्रा पर कई बार प्रतिबंध लगाया है और हमला किया है।

                                     

2. घटनाक्रम

रात 8:15 बजे, पहले तीन हमलावरों ने अर्ध सैनिक बल की छावनी पर आक्रमण किया और रात 8:20 बजे खानाबल के पास यात्रियों से भरी बस पर अंधाधुन्द गोलीबार करके आक्रमण किया था। वो बस गुजरात के बनासकांठा ज़िले की थी। इस बस का अमरनाथ श्राइन बॉर्ड में पंजीकरण नहीं हुआ था, इस कारण बस बिना सुरक्षा ही वो बस अकेली ही आ रही थी और यात्री अमरनाथ के दर्शन करने के बाद पुनः जम्मू की और प्रस्थान कर रहे थे। उस समय आक्रमण किया गया था। बस के ऊपर हमलावरों के द्वारा गोलीयों की बौछार बरसाई गई, जिस कारण सात यात्रीओं की मोत हुई और 32 गंभीर रूप से घायल हुये थे। इस बस में 56 यात्री थे जो गुजरात, दमन और दीव और महाराष्ट्र के रहने वालें थे। 7 मृतकों में 5 स्त्रीयाँ थी। 7 में से 5 मृतक गुजरात के थे और 2 महाराष्ट्र के रहने वाले थे।।

आक्रमण की शुरूआत तीन में से एक आतंकवादी द्वारा की गई, जिसे इस्माइल के नाम से पहचान लिया गया है, जो एक मोटरसाइकिल पर आया था। आक्रमण के बाद आक्रमणकारी अरवानी की तरफ़ भाग गए जहाँ उन्होंने बिना किसी हानी के केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल की छावनी पर हमला किया।

                                     

3. प्रतिक्रिया और परिणाम

जम्मू और कश्मीर पुलिस के अनुसार हमले में पाकिस्तान स्थित इस्लामी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। हालांकि इस्माइल को अपना आतंकी न बताकर लश्कर-ए-तैयबा ने इस घटना में उनकी भागीदारी होने से इनकाकर दिया है और कहा है कि भारतीय सरकार लश्कर के मुक्त कश्मीर आन्दोलन में बाधा लाने के लिए उन्हें दोषी ठहरा रही है। लश्कर ए तोयबा ने इस घटना को ग़ैर-इस्लामी कहते हुए, भारत सरकार ने ही ये आक्रमण करवाया है ऐसा प्रत्यारोप लगया था। इस्माइल के पाकिस्थानी होने की भी कोई पुष्टि अब तक नहीं हुई है।

भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने हमले की निंदा की और कहा कि, "भारत ऐसे कायरतापूर्ण हमलों और घृणा के नापाक मनसूबों के आगे झुकने वाला नहीं है।" साथ ही अन्य कई जैसे कि राजनीतिज्ञ राजनाथ सिंह, मेहबूबा मुफ़्ती, राम नाथ कोविन्द, और ओमर अब्दुल्ला ने घटना की निंदा की।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने निन्दा करते हुए कहा कि, अमरनाथ यात्रा पर हुआ आतंकी आक्रमण निन्दनीय है। अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य विल हर्ड ने कहा, ‘‘मेरी संवेदनाएं अमरनाथ यात्रा आतंकवादी हमले के पीड़ितों एवं उनके परिजन के साथ है। यह आक्रमण निन्दनीय है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।’’ कांग्रेस की सदस्या शीला जैक्सन ली ने ट्वीट किया, ‘‘अमरनाथ यात्रियों पर आक्रमण स्तब्ध करने वाला है, धर्म एक मौलिक एवं मानवाधिकार है।’’

उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर उच्च सुरक्षा लगागई और राज्य में इंटरनेट सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया था।

मृतकों के परिवार को जम्मू और कश्मीर सरकार ने ₹6 लाख रुपये, श्री अमरनाथ श्राइन बॉर्ड ने ₹5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी। गंभीर रूप से घायल यात्रीयों को जम्मू और कश्मीर सरकार ने ₹2 लाख रुपये और श्री अमरनाथ श्राइन बॉर्ड ने ₹1॰5 लाख रुपये का भुगतान जारी किया था; साथ ही मामूली चोटों वाले लोगों को ₹1 लाख रुपये का भुगतान जम्मू और कश्मीर सरकार करेंगी और श्री अमरनाथ श्राइन बॉर्ड ₹75 हज़ार रुपये करेंगा ऐसी घोषणा भी की गई थी। केन्द्रीय भारत सरकार ने मृतकों के परिवार को ₹7 लाख रुपये और घायलों को ₹१ लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी। बस के चालक शेख सलीम गफ़ूर को हमले के दौरान अनुकरणीय साहस दिखाने के लिये जम्मू एवं कश्मीर सरकार ₹३ लाख रुपये और श्री अमरनाथ श्राइन बॉर्ड द्वारा ₹२ लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी।



                                     
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