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ⓘ २०१९ श्रीलंका बम विस्फोट. 21 अप्रैल 2019 ईस्टर रविवार को, पूरे श्रीलंका में तीन चर्च और वाणिज्यिक राजधानी कोलंबो के तीन लक्जरी होटल में बम विस्फोट की गई। बाद मे ..




२०१९ श्रीलंका बम विस्फोट
                                     

ⓘ २०१९ श्रीलंका बम विस्फोट

21 अप्रैल 2019 ईस्टर रविवार को, पूरे श्रीलंका में तीन चर्च और वाणिज्यिक राजधानी कोलंबो के तीन लक्जरी होटल में बम विस्फोट की गई। बाद में दोपहर में, एक आवासीय परिसर और एक गेस्ट हाउस में छोटे विस्फोट हुए, जिसमें तीन पुलिस वाले जोकि स्थिति की जांच और संदिग्ध स्थानों पर छापे मार रहे थे, मारे गये। कोलंबो सहित श्रीलंका के कई शहरों को निशाना बनाया गया। कम से कम 290 लोग मारे गए, जिनमें कम से कम 35 विदेशी नागरिक और तीन पुलिस अधिकारी शामिल थे, और बम विस्फोट में लगभग 500 लोग घायल हुए है।

नेगोंबो, बट्टीकलोआ और कोलंबो के चर्च में ईस्टर प्रार्थना के दौरान बम विस्फोट किए गए; कोलंबो के शांगरी ला, किंग्सबरी और सिनेमन ग्रैंड होटल पर भी लगभग उसी समय बम धमाके हुए थे।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, लगभग सभी आत्मघाती हमलावर, श्रीलंकाई नागरिक थे जोकि एक स्थानीय आतंकवादी इस्लामिक समूह, राष्ट्रीय ताहीथ जमात से जुड़े हुए थे, जिन्हें पहले बौद्धों के खिलाफ हमलों के जिम्मेदार माना जाता था।

                                     

1. पृष्ठभूमि

श्रीलंका की सत्तर प्रतिशत आबादी बौद्ध है और श्रीलंका के 9.7% मुस्लिम हैं। श्रीलंकाई आबादी के लगभग 7.4% लोग ईसाई हैं, जिनमें से 82% रोमन कैथोलिक हैं जो सीधे पुर्तगालियों को अपनी धार्मिक विरासत का स्रोत बताते हैं। श्रीलंकाई तमिल कैथोलिक अपनी धार्मिक विरासत का श्रेय सेंट फ्रांसिस जेवियर के साथ-साथ पुर्तगाली मिशनरियों को देते हैं। शेष ईसाई समान रूप से सीलोन के एंग्लिकन चर्च और अन्य प्रोटेस्टेंट संप्रदायों के बीच विभाजित हैं। 2009 में श्रीलंका के गृह युद्ध के अंत के बाद से, पहली बार देश में एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ है।

2010 के दौरान, ईसाई मण्डलों और व्यक्तियों, तथा साथ ही अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ एक कम लेकिन लगातार संख्या में हमले और धमकी दिये जा रहे थे। कोलंबो के एंग्लिकन बिशप ढिल्लराज कैनागासबी ने धर्म पर संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया। 2018 में, नेशनल क्रिश्चियन इवेंजेलिकल अलायंस ऑफ श्रीलंका NCEASL ने उस वर्ष देश में ईसाइयों के खिलाफ हमलों की संख्या में बड़ी वृद्धि दर्ज की।

ईस्टर रविवार ईसाई धर्म के पवित्रतम दिनों में से एक है; इस दिन श्रीलंका के चर्च में प्रार्थना करने वालो की उपस्थिति बहुत अधिक होती है।

न्यू यॉर्क टाइम्स और एएफपी के एक रिपोर्ट के अनुसार दस दिन पहले ही सुरक्षा अधिकारियों द्वारा एक कट्टरपंथी इस्लामवादी समूह, नेशनल थोहीथ जमात द्वारा चर्चों पर हमलों के खतरे की सुचना जारी की गई थी। हालाँकि, इस संबंध में कोई जानकारी देश के वरिष्ठ राजनेताओं को नहीं दी गई थी। मंत्री हरिन फ़र्नांडो ने तब राष्ट्रीय थोहीथ जमात के नेता मोहम्मद ज़हरान द्वारा योजनाबद्ध आतंकी हमले की पुलिस की खुफिया सूचना और आंतरिक मेमो की रिपोर्ट ट्वीट की।

                                     

2. हमला

जब श्रीलंका में चर्च और होटल को निशाना बनाया गया, तब ईसाई ईस्टर संडे का जश्न मना रहे थे। बम विस्फोटों के अनुक्रम और समन्वय को अधिकतम विनाश का कारण बनाने की योजना बनागई थी, द्वीप भर में बड़े पैमाने पर ईस्टर के दौरान ईसाइयों को निशाना बनाने और राजधानी के समुद्र तट पर स्थित पाँच सितारा होटलों में नाश्ते के दौरान मेहमानों को लक्षित किया गया था। चर्चों और होटलों पर शुरुआत के सभी छह विस्फोट, आत्मघाती हमलावर द्वारा किये गए थे।

पहला धमाका राजधानी के एक ऐतिहासिक चर्च सेंट एंथोनी चर्च के श्राइन में हुआ, जहां 50 से अधिक लोग मारे गए। दूसरा विस्फोट कोलंबो के उत्तर में ईसाई बहुल उपनगर नेगोंबो और श्री जयवर्धनेपुरा कोटे के सेंट सेबेस्टियन चर्च में हुआ।. सेंट सेबेस्टियन श्रीलंका के मुख्य हवाईअड्डे, भंडारनाइके अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के करीब है, जहां सुरक्षा बढ़ागई थी।

सेंट एंथोनी और होटलों के बीच, श्रीलंकाई मीडिया ने कोलंबो में कम से कम 40 लोगों के मारे जाने की सूचना दी गई है।

                                     
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