ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 85




                                               

भारत गणराज्य का इतिहास

साँचा:History of South Asia भारत गणतन्त्र का इतिहास 26 जनवरी 1950 को शुरू होता है। राष्ट्र को धार्मिक हिंसा, जातिवाद, नक्सलवाद, आतंकवाद और विशेषकर जम्मू और कश्मीर तथा उत्तरपूर्वी भारत में, क्षेत्रीय अलगाववादी विर्द्रोहों का सामना करना पड़ा। भारत ...

                                               

भारत में भांग

भारत में भांग का उपयोग कम से कम २००० ईसापूर्व से हो रहा है। वर्तमान समय में भारत में भांग के कुछ परम्परागत उपयोगों को छोडकर अन्य सभी प्रकार के भांग के उपयोग अवैध है। भारतीय समाज में प्रयुक्त भांग से व्युत्पन्न चीजें ये हैं- चरस, गाँजा, भांग । भां ...

                                               

भारत में सिक्का-निर्माण

ईसापूर्व प्रथम सहस्राब्दी में भारत के शासकों द्वारा सिक्कों की निर्माण का कार्य आरम्भ हो चुका था। प्रारम्भ में मुख्यतः ताँबे तथा चाँदी के सिक्कों का निर्माण हुआ। हाल में द्वारका की प्राचीन नगरी में छेदयुक्त प्रस्तर मुद्राएँ मिली हैं जिनका काल लगभ ...

                                               

मदारपुर का युद्ध

मदारपुर का युद्ध मदारपुर नामक स्थान, जो कानपुर शहर के समीप है, मदारपुर के अधिपति भूमिहार ब्राह्मणों और बाबर की सेनाओं के बीच विक्रम संवत १५८४ में हुआ था जिसमें बाबर की सेना विजयी रही ।

                                               

मदुरै नायक राजवंश

मदुरै नायक राजवंश मदुरै नगर में केन्द्रित इस राजवंश ने १७७ वर्ष राज किया। विश्वनाथ नायक 1559 - 1563 कुमार कृष्णप्पा 1563 - 1573 मुट्टु वीरप्पा 1609 - 1623 मुट्टु कृष्णप्पा 1602 - 1609 मुट्टु अलकद्रि 1659 - 1662 तिरुमल नायक 1623 - 1659 रंगकृष्ण मु ...

                                               

मनोवैज्ञानिक युद्ध

मनोवैज्ञानिक युद्ध) आधुनिक मनोवैज्ञानिक आपरेशनों के मूल हथियार हैं। इन्हें अन्य नामों से भी जाना जाता है। मनोवैज्ञानिक युद्ध के अन्तर्गत बहुत सी तकनीकों का प्रयोग किया जाता है। ये तकनीकें लक्षित जनसमुदाय के मूल्य तंत्र, विश्वासों, आवेगों, वाहकों, ...

                                               

मलिक अयाज़

मलिक अयाज़ सुल्तान महमूद ग़ज़नवी के ग़ुलाम और प्रेमी या महबूब थे। वे जोर्जियाई मूल के थे। उन्होंने ग़ज़नवी की सेना के अधिकारी बने और बाद में वे सेनापति बने। लेकिन स्थानीय मुसलमान इतिहासकाऔर सूफ़ी मलिक अयाज़ को महमूद ग़ज़नवी के भरोसेमन्द सामन्तवाद ...

                                               

मलूटी

मलूटी झारखण्ड राज्य के दुमका जिले में शिकारीपाड़ा के निकट एक छोटा सा कस्बा है। यहाँ ७२ पुराने मंदिर हैं जो बज बसन्त वंश के राज्यकाल में बने थे। इन मन्दिरों में रामायण तथा महाभारत और अन्य हिन्दू ग्रन्थों की विविध कथाओं के दृष्यों का चित्रण है।

                                               

महमूद ग़ज़नवी

महमूद ग़ज़नवी मध्य अफ़ग़ानिस्तान में केन्द्रित गज़नवी वंश का एक महत्वपूर्ण शासक था जो पूर्वी ईरान भूमि में साम्राज्य विस्तार के लिए जाना जाता है। वह तुर्क मूल का था और अपने समकालीन सल्जूक़ तुर्कों की तरह पूर्व में एक सुन्नी इस्लामी साम्राज्य बनान ...

                                               

मान्चुको

मान्चुको या मांचुको और बाद में वृहत्तर मान्चुको उत्तरी चीन और आतंरिक मंगोलिया क्षेत्र में एक राज्य था जो संवैधानिक राजशाही द्वारा शासित था। hiii Myself Lucifer Jones,New Jersey

                                               

मारवर्मन् कुलशेखर पांड्य प्रथम

मारवर्मन् कुलशेखर पाण्ड्य प्रथम पाण्ड्य शासक था जिसने दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों पर 1268 से 1308 CE तक शासन किया। उसकी मृत्यु के बाद पाण्ड्य राजवंश में आपस में ही युद्ध चिड़ गया ।

                                               

मुर्तजाशाह द्वितीय

मुर्तजा निज़ाम शाह द्वितीय वर्ष 1600 से 1610 तक अहमदनगर के सुल्तान थे। उनका शासनकाल मलिक अंबर नामक ताकतवर शासक के अधीन था जिनके क्षेत्र में शाह प्रभावी कठपुतली शासक रहे।

                                               

मुर्शिद कुली खां

मुर्शिद कुली खां 1700 में मुगल शासक फरुख्शियर द्वारा बंगाल का सूबेदार बनाया गया। यह मुग़ल सम्राट द्वारा नियुक्त अंतिम सूबेदार था, इसी के साथ बंगाल में वंशानुगत सूबेदारी शासन की शुरुवात हुयी। यद्यपि वह १७00 से ही उसका वास्तविक शासक खुद को मुग़ल शा ...

                                               

राजस्थान का युद्ध

सन ७३८ ई में लड़े गये कई युद्धों की शृंखला को राजस्थान के युद्ध कहते हैं। इन युद्धों में हिन्दुओं के संघ ने आक्रमणकारी अरब सेनाओं को सिन्ध नदी के पूर्वी भाग से पीछे धकेलते हुए इस भाग को अरबों के प्रभाव से मुक्त कर दिया था। अन्तिम युद्ध वर्तमान सि ...

                                               

राणा सांगा

राणा सांगा उदयपुर में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे तथा राणा रायमल के सबसे छोटे पुत्र थे। राणा रायमल के तीनों पुत्रों कुंवर पृथ्वीराज, जगमाल तथा राणा सांगा में मेवाड़ के सिंहासन के लिए संघर्ष प्रारंभ हो जाता है। एक भविष्यकर्त्ता के अनुसार सां ...

                                               

रिचर्ड ३

रिचर्ड ३ इंग्लैंड के राजा थे। वे १४८३ से बोसवर्थ फील्ड की लड़ाई में अपनी मृत्यु तक इंग्लैंड के राजा और आयरलैंड की जागीरदार रहे।

                                               

लक्ष्मी निवास महल

लक्ष्मी निवास महल भारत के राजस्थान राज्य के बीकानेर ज़िले के महाराजा गंगासिंह का महल था। इसे 1896 में भारत-अरबी शैली में ब्रिटिश के एक वास्तुकार सैम्युल स्विंटन जैकब ने इसका डिजाइन किया था और 1902 में बनकर तैयार हुआ था। अभी वर्तमान में यह एक लग्ज ...

                                               

लम्बा कूच

दीर्घ प्रयाण या लम्बा कूच या लॉन्ग मार्च 16 अक्टूबर 1934 से शुरु होकर 20 अक्टूबर 1935 तक चलने वाला चीन की साम्यवादी सेना का एक कूच था जब उनकी फ़ौज विरोधी गुओमिंदांग दल की सेना से बचने के लिए 370 दिनों में लगभग 6000 मील का सफ़र तय किया। वास्तव में ...

                                               

विक्रमादित्य ६

विक्रमादित्य षष्ठ पश्चिमी चालुक्य शासक था। वह अपने बड़े भाई सोमेश्वर द्वितीय को अपदस्थ कर गद्दी पर बैठा। चालुक्य-विक्रम संवत् उसके शासनारूढ़ होने पर आरम्भ किया गया। सभी चालुक्य राजाओं में वह सबसे अधिक महान, पराक्रमी था तथा उसका शासन काल सबसे लम्ब ...

                                               

वियतनाम का इतिहास

वियतनाम का इतिहास 2.700 वर्षों से भी अधिक कालखण्ड में फैला हुआ है। अन्तरराष्ट्रीय संबन्ध के मामले में इसके लिये सबसे महत्वपूर्ण चीन रहा है। वियतनाम के प्रागैतिहासिक काल में वँन लांग राजवंश की कथा आती है जिसके राज्य के अधीन वर्तमान चीन का ग्वांग्स ...

                                               

शाह आयोग

शाह आयोग भारत सरकार द्वारा २८ मई १९७७ में नियुक्त एक जाँच आयोग था। यह आपातकाल के समय की गयी ज्यादतियों की जाँच के लिये बनाया गया था। भारत के भूतपूर्व मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति जे सी शाह इसके अध्यक्ष थे। शाह आयोग ने सौ बैठकें की थीं, 48.000 कागजा ...

                                               

श्री छत्रपति शाहू संग्रहालय, कोल्हापुर

श्री छत्रपति शाहू संग्रहालय, कोल्हापुर महाराष्ट्र,भारत के ज़िले कोल्हापुर में स्थित एक प्राचीन संग्रहालय है। जिनका निर्माण सन १८७७ से १८८४ के बीच किया गया था। इस संग्रहालय में काले रंग के पॉलिश्ड पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। श्री छत्रपति शाहू सं ...

                                               

सप्तवर्षीय युद्ध

सप्तवर्षीय युद्ध एक विश्वयुद्ध था जो 1754 तथा 1763 के बीच लड़ा गया। इसमें 1756 से 1763 तक की सात वर्ष अवधि में युद्ध की तीव्रता अधिक थी। इसमें उस समय की प्रमुख राजनीतिक तथा सामरिक रूप से शक्तिशाली देश शामिल थे। इसका प्रभाव योरप, उत्तरी अमेरिका, क ...

                                               

समर-विद्या

युद्ध में शत्रु से लड़ने एवं उसे पराजित करने के लिये सैनिक शक्ति को संगठित करना, हथियारों का समन्वय एवं उपयोग करने की तकनीक के विज्ञान एवं कला को सामरिकी या समर-विद्या या युद्ध-विद्या कहते हैं।

                                               

साइमन कमीशन

साइमन कमीशन सर जॉन साइमन साइमन कमीशन की नियुक्ति ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने सर जॉन साइमन के नेतृत्व में की थी। इस कमीशन में सात सदस्य थे, जो सभी ब्रिटेन की संसद के मनोनीत सदस्य थे। यही कारण था कि इसे श्वेत कमीशन कहा गया। साइमन कमीशन की घोषणा 8 नवम्ब ...

                                               

सिकन्दर का भारत पर आक्रमण

सिकन्दर ने ३२६ ईसापूर्व भारत पर आक्रमण किया था। परसिया पर अधिकाकर लेने के बाद सिकन्दर ने भारत के उत्तरी-पश्चिमी भाग पर आक्रमण कर दिया। सिकंदर का युद्ध पोरस से हुआ था।

                                               

सिसोदिया रानी बाग

सिसोदिया रानी बाग एक बाग तथा महल है जो भारतीय राज्य राजस्थान की राजधानी जयपुर से 6 किमी की दूरी पर स्थित है। इसका निर्माण सवाई जयसिंह ने 1779 में करवाया था। 1991 में एक भारतीय हिंदी फ़िल्म लम्हें की शूटिंग भी यहीं की गई थी। उस फ़िल्म में अनिल कपू ...

                                               

सुमेर

आजकल के ईराक क्षेत्र यानि प्राचीन मेसोपोटामिया की सबसे पहली मानव सभ्यता। इसका काल ईसा के पूर्व ४५०० से १९०० के साल तक माना जाता है। बीच में २३००-२१०० ईसापूर्व के दौरान अक्कद ने सुमेपर प्रभुता हासिल की, लेकिन अक्कद के पतन के बाद सुमेर फिर से मजबूत ...

                                               

सुलुव राजवंश

सुलुव राजवंश इस राजवंश के निर्माता "सुलुवास" है इस राजवंश के राजाओं ने भारत के कर्नाटक राज्य के कल्याणी क्षेत्र में राज किया था। सुलुव शब्द का प्रयोग बाज का शिकार करने में किया जाता है वे बाद में शायद प्रवास से या 14 वीं सदी के दौरान विजयनगर साम् ...

                                               

सूचना क्रांति

सूचना से संबन्धित गतिविधियाँ अब एक नया और बड़ा आर्थिक सेक्टर हैं। पारम्परिक प्राथमिक सेक्तर, द्वितियक सेक्टर एवं तृतीयक सेक्टर के अलावा अब सूचना सेक्टर का भी अस्तित्व है। कम्पनियाँ और सम्पूर्ण समाज सूचना-नियंत्रण एवं सूचना-प्रक्रमण information co ...

                                               

सोवियत संघ का इतिहास (१९८५-१९९१)

सोवियत संघ का स्वतत्र राष्ट्रों के रूप में विघटन सन् १९८५ के आरम्भ में शूरू हुआ। सोवियत संघ सैनिक रूप से बहुत शक्तिशाली बन गया था किन्तु घरेलू आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। इसके अलावा धीरे-धीरे अनेक कारणों से स्थिति कराब होती चली गयी। अन्तत: सन् १९ ...

                                               

स्कॉट्लैण्ड का इतिहास

स्कॉटलैण्ड का निर्माण लगभग १० हजार वर्ष पूर्व हुआ। प्रागैतिहासिक स्कॉटलैण्ड नवपाषाण युग में लगभग ४ हजार ईसा पूर्व प्रविष्ट हुआ, कांस्य युग में २ हजार ईसापूर्व प्रविष्ट हुआ, तथा लगभग ७०० ईसापूर्व लौह युग में प्रविष्ट हुआ। स्कॉटलैण्ड का सबसे पुराना ...

                                               

स्वर्ण होड़

स्वर्ण होड़ या स्वर्ण दौड़ उस समय को कहते है जब किसी स्थान पर सोने की खोज के बाद उस स्थान पर बड़ी संख्या में लोग और कर्मी पहुँचने लगते हैं। १९वीं सदी के दौरान ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, दक्षिण अफ़्रीका और संयुक्त राज्य अमेरिका में इस प्रकार की ...

                                               

हिन्दी कम्प्यूटिंग का इतिहास

सबसे पहले हिन्दी टाइप शायद वर्डस्‍टार जैसे एक शब्द संसाधक ‘अक्षर’ में आया। फिर विंडोज़ आया और पेजमेकर व वेंचुरा का समय आया। इस सारी यात्रा में कम्प्‍यूटर केवल प्रिटिंग की दुनिया की सहायता भर कर रहा था। यूनिकोड के आगमन एवं प्रसार के पश्चात हिन्दी ...

                                               

होयसल राजवंश

होयसल प्राचीन दक्षिण भारत का एक राजवंश था। इसने दसवीं से चौदहवीं शताब्दी तक राज किया। होयसल शासक पश्चिमी घाट के पर्वतीय क्षेत्र वाशिन्दे थे पर उस समय आस पास चल रहे आंतरिक संघर्ष का फायदा उठाकर उन्होने वर्तमान कर्नाटक के लगभग सम्पूर्ण भाग तथा तमिल ...

                                               

अरशद इस्लाम

अरशद इस्लाम मलेशिया के अंतर्राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय में इतिहास शास्त्र के सह प्रोफेसर हैं। उन्होंने अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय से अपनी पीएचडी पूरी की।

                                               

अल-उदरी

अल-उदरी या अल-उधरी, एक मुवालाद भूगोलकाऔर अल-अंडलस के इतिहासकार थे।Islam y Al-Ándalus. 1003 में अल्मेरिया में पैदा हुए, अल-उदरी एक युवा लड़के के रूप में मक्का गए। अपने दस साल के प्रवास के दौरान, उन्होंने अबू धार अल-हरवी के साथ अध्ययन किया। अल-अंडल ...

                                               

अल-ज़ुबेर इब्न बकर

अल-ज़ुबेर इब्न बकर, अल-जुबयिर विशेष रूप से हिजाज क्षेत्र के एक प्रमुख अरब मुस्लिम इतिहासकाऔर वंशावली थे। उन्होंने वंशावली पर कई कार्य किए जो उन्हें कुरैशी जनजाति की वंशावली के विषय पर स्थायी अधिकार बनाते थे। इब्न हजर अल -अस्कलानी ने उन्हें कुरैशी ...

                                               

अल-मादानी

अबुल-इसान अली इब्न मुहम्मद इब्न अब्द अल्लाह इब्न अबी सईफ, जो अल-मदानी के अपने निस्बा द्वारा जाना जाता है, एक प्रारंभिक अरब विद्वान थे, 9 वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में इराक में अब्बासी खिलाफत अन्तर्गत सक्रिय थे। और कई हितों से इतिहासकार के रूप मे ...

                                               

अहमद इब्न खालिद अल-नासिरि

अबू अल-अब्बास अहमद इब्न खालिद अल-नासिरि अल-सलावी, मोरक्को में हुआ था और इन्हें 19वीं शताब्दी का सबसे बड़ा मोरक्कन इतिहासकार माना जाता था। वह एक प्रमुख विद्वान और परिवार के सदस्य थे जिन्होंने 17 वीं शताब्दी में नासिरिया सूफी आदेश की स्थापना की थी। ...

                                               

इन्द्र विद्यावाचस्पति

इन्द्र विद्यावाचस्पति का जन्म ९ नवम्बर सन् १८८९ को पंजाब के जालन्धर जिले के नवां शहर में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा गुरुकुल कांगड़ी में हुई। अध्ययन के समय ही उन्हें सद्धर्म प्रचारक के सम्पादन का मौका मिला। यहीं से उनकी प्रवृति पत्रकारिता की ओर गय ...

                                               

इब्न अब्द अल-हाकम

अबूल कासिम अब्द अर-रामान बिन अब्दुल्ला बिन अब्द अल-अकाल बिन आयन अल-कुराशी अल-मसरी, आमतौपर इब्न अब्द अल-हाकम एक मिस्र के मुस्लिम इतिहासकार थे, जिन्होंने आम तौपर मिस्और उत्तरी अफ्रीका और स्पेन की मुस्लिम विजय अभियानों पर कार्य लिखा था।

                                               

इब्न हैयान

अबू मारवन इयान इब्न खलाफ इब्न उस्मान हैयान अल कूरतुबी, जिन्हें आम तौपर इब्न हैयान के नाम से जाना जाता है, अल-अंडलस से एक मुस्लिम इतिहासकार थे। कॉर्डोबा में पैदा हुए, वह अंडलुसियन शासक अल-मंसूर की अदालत में एक महत्वपूर्ण अधिकारी थे और इतिहास पर कई ...

                                               

एडवर्ड गिबन

एडवर्ड गिबन इंग्लैंड के इतिहासकार तथा पार्लमेन्ट सदस्य थे। उनकी हिस्ट्री ऑफ द डिक्लाइन ऐण्ड फाल ऑफ रोमन इम्पायर नामक कृति १७७६ से १७८८ के बीच छः खण्डों में प्रकाशित हुई।

                                               

गौतम भद्रा

गौतम भद्रा एक इतिहासकार है, जिनका जन्म कलकत्ता में १९४८ में हुआ। यह प्रेसीडेंसी कॉलेज, जादवपुर विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके है।

                                               

गौरीशंकर हीराचन्द ओझा

पंडित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार थे। उन्होने राजपूताने के इतिहास के लेखन के लिये विस्तृत ठोसपूर्ण पीठिका बना कर एक अग्रदूत की भांति इतिहास का प्रणयन किया, कई प्रश्नों के उत्तर दिये, कई प्रसंग कायम किये। उन्होंने निरन्तर खोज ...

                                               

ग्रैनविले ऑस्टिन

ग्रैनविले सीवार्ड ऑस्टिन भारतीय संविधान के एक अमेरिकी इतिहासकार थे। 2011 में, भारतीय संविधान के निर्माण और कार्य पर उनके लेखन के लिए, उन्हें भारत के गणतंत्र के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

                                               

जस्तिन

जस्तिन लातिनी इतिहासकार था। यह रोम में लगभग दूसरी-तीसरी शताब्दी में रहा। इसने आगुस्तस के समकालीन त्रागस पांपियस द्वारा लिखित प्राचीन काल के इतिहास का संक्षिप्त रूप प्रस्तुत किया। उस समय तक त्रागस पांपियस का लिखा साहित्य अप्राप्य था। यद्यपि जुस्ति ...

                                               

जाँ फ्रॉइसार

जाँ फ्रॉइसार एक मध्यकालीन फ्रांसीसी लेखक तथा दरबारी इतिहासकार था। उसके द्वारा रचित इतिहास, शताब्दियों तक १४वीं शताब्दी में इंग्लैण्ड और फ्रांस के शौर्यपूर्ण उदय की गाथा बने रहे। उसके द्वारा रचित इतिहास सौ वर्षीय युद्ध के पूर्वार्ध के लिये एक महत् ...

                                               

जोज़फ अर्नाल्ड ट्वानबी

जोज़फ अर्नाल्ड ट्वानबी के चाचा और समाजशास्त्रीर्थशास्त्री के लिये देखें - अर्नाल्ड ट्वानबी जोज़फ अर्नाल्ड ट्वानबी 14 अप्रैल 1889 – 22 अक्टूबर 1975) विश्वविख्यात अंग्रेज इतिहासकार थे। आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने वहाँ ...