ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 8




                                               

भारत माता मन्दिर

भारत माता मन्दिर महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ के प्रांगण में है। इसका निर्माण डाक्टर शिवप्रसाद गुप्त ने कराया और उदघाटन सन 1936 में गांधीजी द्वारा किया गया। इस मन्दिर में किसी देवी-देवता का कोई चित्र या प्रतिमा नहीं है बल्कि संगमरमर पर उकेरी गई अ ...

                                               

मुंडेश्वरी मंदिर

बिहार के भभुआ जिला केद्र से चौदह किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है कैमूर की पहाड़ी। साढ़े छह सौ फीट की ऊंचाई वाली इस पहाड़ी पर माता मुंडेश्वरी एवं महामण्डलेश्वर महादेव का एक प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर को भारत के प्राचीन मंदिरों में से एक माना ज ...

                                               

श्री रघुनाथ जी मन्दिर

रघुनाथ जी भारत देश के राजस्थान राज्य के करौली जिला के प्रसिद्ध नगर हिण्डौन में स्थित एक प्रसिद्ध विख्यात मंदिर है। श्री रघुनाथ जी मंदिर एक हिंदू मंदिर है यह हिण्डौन का निपुण मंदिर है। मंदिर 650 वर्ष पुराना है। यह मंदिर तुलसीपुरा में नक्कश की देवी ...

                                               

श्री विश्वनाथ मन्दिर

श्री विश्वनाथ मन्दिर, वाराणसी में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के परिसर में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मन्दिर है। इसे नया विश्वनाथ मन्दिर या बिड़ला मन्दिर भी कहा जाता है। इस मन्दिर का शिखर विश्व में सबसे ऊँचा है। यह मन्दिर वाराणसी के प्रसिद्ध मन्दिरों मे ...

                                               

परिहासपुर

परिहासपुर, जिसे आम स्थानीय भाषा में अब परसपुर कहा जाता है, भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के बारामूला ज़िले में स्थित एक पुरातत्व स्थल है। यह झेलम नदी से ऊपर एक पठापर ललितादित्य मुक्तपीड द्वारा लगभग 700 ईसवी काल में बनाया गया था। ललितादित्य कर्कोट ...

                                               

महाबोधि विहार

महाबोधि विहार या महाबोधि मन्दिर, बोध गया स्थित प्रसिद्ध बौद्ध विहार है। यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया है।यह विहार उसी स्थान पर खड़ा है जहाँ गौतम बुद्ध ने ईसा पूर्व 6वी शताब्धिं में ज्ञान प्राप्त किया था।

                                               

के एस सुदर्शन

श्री कुप्पाहाली सीतारमय्या सुदर्शन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पाँचवें सरसंघचालक थे। मार्च २००९ में श्री मोहन भागवत को छठवाँ सरसंघचालक नियुक्त कर स्वेच्छा से पदमुक्त हो गये। 15 सितम्बर 2012 को अपने जन्मस्थान रायपुर में 81 वर्ष की अवस्था में इनका न ...

                                               

दत्तात्रेय होसबोले

दत्तात्रेय होसबळे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह और प्रसिद्ध विचारक हैं। दिनांक 01 दिसम्बर, 1955 को कर्नाटक के शिमोगा जिले के सोराबा तालुक़ के इनका जन्म हुआ। इन्होंने अंग्रेज़ी विषय से स्नातकोत्तर तक की शिक्षा ग्रहण की है। दत्तात्रेय हो ...

                                               

देवेन्द्र स्वरूप

देवेन्द्र स्वरूप राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक, पाञ्चजन्य के पूर्व सम्पादक, भारतीय इतिहास तथा संस्कृति के गहन अध्येता है। 88 वर्ष की आयु में वे आज भी पूर्ण रूप से सक्रिय रहते हुए राष्ट्रवादी पत्रकारिता के लिये समर्पित हैं। जीवन में साद ...

                                               

मनोहर लाल खट्टर

मनोहर लाल खट्टर भारत के हरियाणा राज्य के मुख्यमंत्री हैं। 26 अक्टूबर 2014 को उन्होने हरियाणा के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। हैं 18 वर्ष बाद वे इस पद पर विराजमान होने वाले पहले गैर जाट नेता हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं तथ ...

                                               

माधव सदाशिव गोलवलकर

माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक तथा विचारक थे। इनके अनुयायी इन्हें प्रायः गुरूजी के ही नाम से अधिक जानते हैं। गोलवलकर ने बंच ऑफ थॉट्स तथा वी, ऑर ऑवर नेशनहुड डिफाइंड पुस्तकें लिखीं।

                                               

राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया)

प्रो॰ राजेन्द्र सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चौथे सरसंघचालक थे, जिन्हें सर्वसाधारण जन से लेकर संघ परिवार तक सभी जगह रज्जू भैया के नाम से ही जाना जाता है। वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में १९३९ से १९४३ तक विद्यार्थी रहे। तत्पश्चात् १९४३ से १९६७ तक ...

                                               

विष्णु श्रीधर वाकणकर

डॉ विष्णु श्रीधर वाकणकर भारत के एक प्रमुख पुरातत्वविद् थे। उन्होंने भोपाल के निकट भीमबेटका के प्राचीन शिलाचित्रों का अन्वेषण किया। अनुमान है कि यह चित्र १,७५,००० वर्ष पुरानें हैं। इन चित्रों का परीक्षण कार्बन-डेटिंग पद्धति से किया गया, इसीके परिण ...

                                               

सुनील अम्बेकर

सुनील आंबेकर एक प्रतिष्ठित समाज सेवी एवं छात्र कार्यकर्ता हैं। वर्तमान में ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के राष्ट्रीय संगठन मंत्री हैं। ये छात्र जीवन से ही परिषद् से जुड़े हैं और देश भर में संगठन कार्य हेतु प्रवास करते हैं। बडे ही सरल स्वभाव ह ...

                                               

अशोक सिंघल

अशोक सिंघल हिन्दू संगठन विश्व हिन्दू परिषद के २० वर्षों तक अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। दिसंबर २०११ में बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण उन्हें अपना स्थान छोड़ना पड़ा और प्रवीण तोगड़िया ने उनका स्थान लिया। आज वि॰हि॰प॰ की जो वैश्विक ख्याति है, उसमें अशोक स ...

                                               

एकात्मता स्तोत्र

एकात्मता स्तोत्र भारत की राष्ट्रीय एकता का उद्बोधक गीत है जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं में गाया जाता है। यह संस्कृत में है। इसमें आदिकाल से लेकर अब तक के भारत के महान सपूतों एवं सुपुत्रियों की नामावलि है जिन्होने भारत एवं महान हिन्दू सभ्य ...

                                               

क्रीड़ा भारती

क्रीड़ा भारती राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक अनुसांगिक संगठन है जिसमें युवकों को शारीरिक और मानसिक खेल के प्रशिक्षण दिए जाते हैं। इसकी स्थापना पुणे में वर्ष 1992 में की गई। इसका बोधवाक्य "क्रीडा से निर्माण चरित्र का, चरित्र से निर्माण राष्ट्र का ह ...

                                               

दीनदयाल शोध संस्थान

दीनदयाल शोध संस्थान नानाजी देशमुख द्वारा स्थापित एक ग्रामीण विकास संस्था है। इसकी स्थापना सन् १९७२ में की गयी थी। इसका मुख्यालय दिल्ली में है। इसका मुख्य उद्देश्य दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को फलीभूत करना है। इसके द्वारा सबसे पहले उत्तर प्रदेश क ...

                                               

राष्ट्रसेविका समिति

राष्ट्र सेविका समिति, भारत की स्त्रियों की एक संस्था है जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ही दर्शन के अनुरूप कार्य करती है। किन्तु यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की महिला शाखा नहीं है। इसकी स्थापना १९३६ में विजयादशमी के दिन वर्धा में हुई थी। श्रीमती लक्ष ...

                                               

विज्ञान भारती

विज्ञान भारती, भारत की एक अशासकीय संस्था है जो भारत में स्वदेशी विज्ञान के विकास के लिए एक जीवंत आंदोलन के रूप में परिकल्पित है। इसकी संस्थापना सन् १९९२ में जबलपुर में हुई थी। इसका ध्येयवाक्य है - अविद्यया मृत्युं तीर्वा विद्ययामृतमश्नुते।

                                               

सरस्वती शिशु मंदिर

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के निर्देशन में संचालित विद्यालयों को सरस्वती शिशु मंदिर एवं "सरस्वती विद्या मंदिर" कहते हैं। विद्या भारती सरस्वती शिशु मंदिर की शिक्षा प्रणाली को अभिनव रूप में मानते हुए इनका प्रसार करता है। इसे अंतर्राष्ट ...

                                               

गीतगोविन्द

गीतगोविन्द जयदेव की काव्य रचना है। गीतगोविन्द में श्रीकृष्ण की गोपिकाओं के साथ रासलीला, राधाविषाद वर्णन, कृष्ण के लिए व्याकुलता, उपालम्भ वचन, कृष्ण की राधा के लिए उत्कंठा, राधा की सखी द्वारा राधा के विरह संताप का वर्णन है। जयदेव का जन्म ओडिशा में ...

                                               

मनोहर राय

मनोहर राय, रामशरण चट्टराज के शिष्य थे, जो श्री गोपाल भट्ट की शिष्यपरंपरा में थे। इनके शिष्य प्रियादास जी भक्तमाल के प्रसिद्ध टीकाकार थे। इनकी रचना "राधारमणसागर" प्रसिद्ध है, जो संवत् 1757 की कृति है। इससे इनका समय संवत् 1710 से संवत् 1780 के मध्य ...

                                               

मोरारी बापू

मोरारी बापू का जन्म २५ सितंबर १९४७ हिंदू कैलेंडर के अनुसार शिवरात्रि को महुवा, गुजरात के पास तलगाजरडा गाँव में प्रभुदास बापू हरियाणी और सावित्री बेन हरियाणी के वहां छह भाइयों और दो बहनों के परिवार में हुआ था। रामप्रसाद महाराज की उपस्थिति में गुजर ...

                                               

रामानन्द

रामानन्द सम्प्रदाय के प्रवर्तक समी रामानन्दाचार्य का जन्म सम्वत् 1236 में हुआ था। जन्म के समय और स्थान के बारे में ठीक-ठीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। शोधकर्ताओं ने जो जानकारी जुटाई है उसके अनुसार रामानन्द जी के पिता का नाम पुण्यसदन और माता का नाम सु ...

                                               

विट्ठलनाथ

श्री विट्ठलनाथ वल्लभ संप्रदाय के प्रवर्तक श्री वल्लभाचार्य जी के द्वितीय पुत्र थे। गुसाईं विट्ठलनाथ का जन्म काशी के निकट चरणाट ग्राम में पौष कृष्ण नवमी को संवत्‌ १५७२ में हुआ। इनका शैशव काशी तथा प्रयाग के निकट अरैल नामक स्थान में व्यतीत हुआ। काशी ...

                                               

शंकरदेव

श्रीमंत शंकरदेव का जन्म असम के नौगाँव जिले की बरदौवा के समीप अलिपुखुरी में हुआ। इनकी जन्मतिथि अब भी विवादास्पद है, यद्यपि प्राय: यह 1371 शक मानी जाती है। जन्म के कुछ दिन पश्चात् इनकी माता सत्यसंध्या का निधन हो गया। 21 वर्ष की उम्र में सूर्यवती के ...

                                               

हरिवंश महाप्रभु

राधा वल्लभीयसम्प्रदायाचार्य गोस्वामी श्री हित हरिवंश चन्द्र महाप्रभु सोलहवीं शताब्दी में आविर्भूत विभूतियों में से एक अनन्यतम विभूति थे। उन्होंने अपने अद्भुत चरित और आचरणों के द्वारा उपासना, भक्ति, काव्य और संगीत आदि के क्षेत्र में क्रान्तिकारी म ...

                                               

अरुंधती

सन्ध्या ब्रह्मा की मानस पुत्री थी जो तपस्या के बल पर अगले जन्म में अरुन्धती के रूप में महर्षि वसिष्ठ की पत्‍‌नी बनी। वह तपस्या करने के लिये चन्द्रभाग पर्वत के बृहल्लोहित नामक सरोवर के पास सद्गुरु की खोज में घूम रही थी। सन्ध्या की जिज्ञासा देखकर म ...

                                               

2017 हरियाणा दंगे

2017 में गुरमीत राम रहीम सिंह को यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराये जाने के बाद हरियाणा के पंचकुला में हिंसा शुरू हुई और बाद में उत्तरी भारत के अन्य राज्यों में फैलने लगी, जिसमें हरियाणा, पंजाब और राजधानी नई दिल्ली शामिल है। इस उपद्रव के कारण कम से कम 3 ...

                                               

जयपुर का वृंदावन

वृंदावन भगवान श्री कृष्ण से संबंधित है. गोनेर में स्थित श्री लक्ष्मी जगदीश महाराज मंदिर एवं अन्य श्री कृष्ण के विभिन्न स्वरूपों के मन्दिरों के कारण इस धार्मिक नगरी को जयपुर का वृंदावन कहा जाता है.

                                               

जांजगीर का विष्णु मंदिर

छत्तीसगढ़ के इस दक्षिण कोशल क्षेत्र में कल्चुरी नरेश जाज्वल्य देव प्रथम ने भीमा तालाब के किनारे ११ वीं शताब्दी में एक मंदिर का निर्माण करवाया था। यह मंदिर भारतीय स्थापत्य का अनुपम उदाहरण है। मंदिर पूर्वाभिमुखी है, तथा सप्तरथ योजना से बना हुआ है। ...

                                               

द्वारिकाधीश मंदिर

द्वारिकाधीश मंदिर भारत के गुजरात राज्य के द्वारिका में स्थित श्री कृष्ण का प्रमुख मंदिर है। हिन्दुओं के पवित्र चार धाम में से यह एक धाम है जो पश्चिम दिशा में स्थित है।

                                               

बांके बिहारी जी मन्दिर

बांके बिहारी मंदिर भारत में मथुरा जिले के वृंदावन धाम में रमण रेती पर स्थित है। यह भारत के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। बांके बिहारी कृष्ण का ही एक रूप है जो इसमें प्रदर्शित किया गया है। इसका निर्माण १८६४ में स्वामी हरिदास ने करवाया ...

                                               

भालका

सोमनाथ मंदिर से ४ किलोमीटर दूर स्थित इस तीर्थस्थान के बारे में मान्यता है कि यहाँ पर विश्राम करते समय ही भगवान श्री कृष्ण को जर नामक शिकारी ने गलती से तीर मारा था, जिसके पश्चात् उन्होनें पृथ्वी पर अपनी लीला समाप्त करते हुए निजधाम प्रस्थान किया।. ...

                                               

खजराना मंदिर

Khajrana is a town located east of the city of Indore. Khajrana, located in the middle of Ring Road and Bypass Bypass, is a historical and tourist destination. Khajrana has three famous sites of religious importance. Khajrana Ganesh Temple, Nahar ...

                                               

पद्मालय

पद्मालय एक हिंदू देवता गणेश का मन्दिर है जो महाराष्ट्र के जलगाँव जिले के एरंडोल तालुका के पास स्थित है। संस्कृत में पद्मालय का अर्थ है "कमल का निवास"; । ये गणेश मन्दिर दो स्वयंभू मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है जिनका नाम अमोद और प्रमोद है। एक मूर्ति ...

                                               

पाला गणेश मन्दिर

पाला गणेश मन्दिर एक हिन्दू गणेश मन्दिर है जो भारतीय राज्य राजस्थान के उदयपुर ज़िले में स्थित है। यह मन्दिर गुलाब बाग़ के निकट स्थित है।

                                               

बोहरा गणेश मन्दिर

बोहरा गणेश मन्दिर एक प्राचीन भारतीय भगवान गणेश का हिन्दू मन्दिर है जो स्वतन्त्र भारतीय राज्य राजस्थान के उदयपुर ज़िले में स्थित है। यह मन्दिर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के काफी नजदीक ही है। इस मन्दिर में गणेश जी मूर्ति है जहाँ रोजाना हजारों ...

                                               

सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई

सिद्धिविनायक मन्दिर मुम्बई स्थित एक प्रसिद्ध गणेशमन्दिर है। सिद्घिविनायक, गणेश जी का सबसे लोकप्रिय रूप है। गणेश जी जिन प्रतिमाओं की सूड़ दाईं तरह मुड़ी होती है, वे सिद्घपीठ से जुड़ी होती हैं और उनके मंदिर सिद्घिविनायक मंदिर कहलाते हैं। कहते हैं क ...

                                               

अवंती स्वामी मंदिर

अवंती स्वामी मंदिर, अवंतीपुर, श्रीनगर के दक्षिण-पूर्व में 28 कि.मी. दूर अनंतनाग जिले में झेलम नदी के किनारे स्थित है। इस नगर की स्थापना का श्रेय उत्पल वंश के पहले राजा, अवंती वर्मन को दिया जाता है।

                                               

बेताल भैरव मंदिर

बेताल भैरव मंदिर श्रीनगर के रैनावाड़ी में मौजूद 400 साल से अधिक प्राचीन हिंदू मंदिर है। अति संवेदनशील क्षेत्र में शताब्दी पुराने बेताल भैरव मंदिर जो,कश्मीर के अधिकांश पंडितों को आतंकवदीओ द्वारा 1 99 0 में आतंकवाद के कारण घाटी से खदेड़े जाने के बा ...

                                               

शंकराचार्य मंदिर

शंकराचार्य मंदिर कश्मीर के शंकराचार्य पर्वत पर स्थित एक प्राचीन मंदिर है। इसे ज्येष्ठेश्वर मंदिऔर पास-पहाड़ भी कहते हैं। वस्तुतः यह शिवमंदिर है। यह मन्दिर समुद्र तल से ३०० मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है और कई दृष्टियों से अन ...

                                               

कृष्ण मंदिर, लाहौर

कृष्ण मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो वाचोवाली, कसूर पुरा, लाहौर, पाकिस्तान में स्थित हिंदू देवता कृष्ण को समर्पित है। भारतीय धर्मों हिन्दुओं के उपासनास्थल मन्दिर कहते हैं। यह अराधना और पूजा-अर्चना के लिए निश्चित की हुई जगह या देवस्थान है। यानी जिस जग ...

                                               

अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली

नई दिल्ली में बना स्वामिनारायण अक्षरधाम मन्दिर एक अनोखा सांस्कृतिक तीर्थ है। इसे ज्योतिर्धर भगवान स्वामिनारायण की पुण्य स्मृति में बनवाया गया है। यह परिसर १०० एकड़ भूमि में फैला हुआ है। दुनिया का सबसे विशाल हिंदू मन्दिर परिसर होने के नाते २६ दिसम ...

                                               

जांजगीर

जांजगीर छत्तीसगढ़ प्रान्त का एक शहर है। छत्तीसगढ़ के हृदय में स्थित जांजगीर चाम्पा जिले का जिला मुख्यालय जांजगीर एक खूबसूरत स्‍थान है। यह अपने वैष्णव शैली में बने मन्दिरों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों में यह मन्दिर बहुत लोकप्रिय हैं और ...

                                               

पद्मनाभस्वामी मंदिर

पद्मनाभस्वामी मंदिर भारत के केरल राज्य के तिरुअनन्तपुरम में स्थित भगवान विष्णु का प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है। भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में शामिल यह ऐतिहासिक मंदिर तिरुअनंतपुरम के अनेक पर्यटन स्थलों में से एक है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर विष्णु-भक् ...

                                               

लक्ष्मण मन्दिर, खजुराहो

पंचायतन शैली का यह सांघार प्रसाद, विष्णु को समर्पित है। बलुवे पत्थर से निर्मित, भव्य: मनोहारी और पूर्ण विकसित खजुराहो शैली के मंदिरों में यह प्राचीनतम है। ९८ लंबे और ४५ चौड़े मंदिर के अधिष्ठान की जगती के चारों कोनों पर चार खूंटरा मंदिर बने हुए है ...

                                               

लक्ष्मी नारायण मंदिर, मोदीनगर

लक्ष्मीनारायण मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर कस्बे में स्थित है। इसे प्रचलित रूप में मोदी मंदिर भी कहा जाता है। दिल्ली के बिड़ला मंदिर से कुछ कुछ मेल खाते हुए इस मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है।

                                               

विट्ठल मन्दिर

विट्ठल मन्दिर के प्रमुम देवता विट्ठल हैं जो सामान्यत: महाराष्ट्र में पूजे जाने वाले विष्णु के एक रूप हैं। इस देवता की पूजा कर्नाटक में शुरू करना उन माध्यमों का प्रतीक है जिनसे एक सामाजिक संस्कृति के निर्माण के लिए विजयनगर के शासकों ने अलग-अलग परम ...