ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 67




                                               

विद्युत चुम्बक

विद्युत धारा के प्रभाव से जिस लोहे में चुंबकत्व उत्पन्न होता है, उसे विद्युत चुंबक कहते हैं। इसके लिये लोहे पर तार लपेटकर उस तार से विद्युत् धारा बहाकर लोहे को चुंबकित किया जा सकता है।

                                               

विमीय विश्लेषण

विमीय विश्लेषण एक संकाल्पनिक औजार है जो भौतिकी, रसायन, प्रौद्योगिकी, गणित एवं सांख्यिकी में प्रयुक्त होता है। यह वहाँ उपयोगी होता है जहाँ कई तरह की भौतिक राशियाँ किसी घटना के परिणाम के लिये जिम्मेदार हों। भौतिकविद अक्सर इसका उपयोग किसी समीकरण आदि ...

                                               

विवर्तन

जब प्रकाश व ध्वनि तरंगे किसी अवरोध से टकराती हैं, तो वे अवरोध के किनारों पर मुड जाती हैं और अवरोधक की ज्यामितिय छाया में प्रवेश कर जाती हैं। तरंगो के इस प्रकार मुड़ने की घटना को विवर्तन कहते हैं। ऐसा पाया गया है कि लघु आकार के अवरोधों से टकराने क ...

                                               

विसरण

दो या दो से अधिक पादार्थों का स्वतः एक दूसरे से मिलकर समांग मिश्रण बनाने की क्रिया को विसरण कहते हैं। सजीव कोशिकाओं में अमीनो अम्ल के संवहन में विसरण की मुख्य भूमिका है।

                                               

वेग

भौतिकी में वेग का अर्थ किसी दिशा में चाल होता है। यह एक सदिश राशि है। एक वस्तु का वेग अलग-अलग दिशाओं में अलग-अलग हो सकता है। किसी वस्तु के स्थिति बदलने की दर को वेग कहते हैं। चाल यदि दिशा के साथ लिखी जाए तो वो वेग के तुल्य ही होती है, उदाहरण के ल ...

                                               

शक्ति (भौतिकी)

भौतिकी मे, शक्ति या विद्युत-शक्ति या पावर, वह दर है जिस पर कोई कार्य किया जाता है या ऊर्जा संचारित होती है, या एक नियत समय में कितनी ऊर्जा की आवश्यकता होती है या उर्जा व्यय होती है। P = W t {\displaystyle P={\frac {W}{t}}\,} जहां P शक्ति है, W का ...

                                               

श्यानता

श्यानता किसी तरल का वह गुण है जिसके कारण वह किसी बाहरी प्रतिबल या अपरूपक प्रतिबल के कारण अपने को विकृत करने का विरोध करता है। सामान्य शब्दों में, यह उस तरल के गाढे़पन या उसके बहने का प्रतिरोध करने की क्षमता का परिचायक है। उदाहरण के लिये, पानी पतल ...

                                               

संघट्ट प्राचल

संघात प्राचल b {\displaystyle b} उस लम्बवत दूरी को कहा जाता है जो प्रक्षेप्य पर लगने वाले क्षेत्र के केन्द्र बिन्दु U {\displaystyle U} व प्रक्षेप्य के पथ के मध्य होती है। । यह बहुधा नाभिकीय भौतिकी व चिरसम्मत यांत्रिकी में काम मे लिया जाता है। सं ...

                                               

संघनित द्रव्य भौतिकी

संघनित द्रव्य भौतिकी भौतिकी की वह शाखा है जो द्रव्य की संघनित प्रावस्थाओं के भौतिक गुणों का अध्ययन करती है।

                                               

संवेग (भौतिकी)

किसी वस्तु के द्रव्यमान व वेग के गुणनफल को संवेग कहते हैं: p → = m v → {\displaystyle {\vec {p}}=m{\vec {v}}} संवेग एक सदिश राशि है क्योंकि इसका एक परिमाण होता है और एक दिशा भी होती है। एक संबंधित राशि कोणीय संवेग है। संवेग एक संरक्षित राशि है। अ ...

                                               

संवेग संरक्षण

यदि किसी निकाय पर कोई बाह्य बल कार्य न कर रहा हो तो, निकाय का कुल संवेग नियत रहता हैं। संवेग को न ही उत्पन्न किया जाता है ना ही नष्ट किया जाता है यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित हो जाते है । m1u2×m2u2=m1v1m2v2

                                               

सदिश राशि

जिस भौतिक राशि में मात्रा तथा दिशा दोनो निहित होते हैं उन्हें सदिश राशि कहते हैं। सदिश राशियों के उदाहरण हैं - वेग, बल, संवेग इत्यादि। जिन राशियों में सिर्फ परिमाण होता है उन्हें अदिश राशि कहते हैं, जैसे - चाल, दूरी, द्रव्यमान, आयतन इत्यादि। सदिश ...

                                               

समस्थानिक

समस्थानिएक ही तत्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान होती हैं, परन्तु भार अलग-अलग होता है, उन्हें समस्थानिक कहा जाता है। इनमें प्रत्येक परमाणु में समान प्रोटोन होते हैं। जबकि न्यूट्रॉन की संख्या अलग रहती है। इस कारण परमाणु संख्या तो समान रहती है ...

                                               

सांख्यिकीय यांत्रिकी

सांख्यिकीय यांत्रिकी गणितीय भौतिकी की वह शाखा है जिसमें प्रायिकता सिद्धान्त का उपयोग करते हुए यांत्रिक निकाय के माध्य-व्यवहार का अध्ययन किया जाता है।

                                               

साहा समीकरण

साहा समीकरण का विकाश सुप्रसिद्ध भारतीय खगोलविज्ञानी मेघनाद साहा ने 1920 में किया था। इसके द्वारा वर्णपट्ट के आधापर तारों के वर्गीकरण की व्याख्या की गई है। For a gas composed of a single atomic species, the Saha equation is written: n i + 1 n e n ...

                                               

सेल्सियस

सेल्सियस तापमान मपने का ए पैमाना है। इसे सेन्टीग्रेड पैमाना भी कहते हैं। इस पैमाने के अनुसार पानी, सामान्य दबाव पर 0 डिग्री सेल्सियस पर जमता है और 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलता है। सेल्सिस विश्व में तापमान के लिये सबसे लोकप्रिय माप है। यह पैमाना द ...

                                               

स्थितिज ऊर्जा

स्थितिज ऊर्जा अन्य वस्तुओं के साथ अपने सापेक्ष स्थिति, या स्वयं के भीतर तनाव के कारण, विद्युत आवेश या अन्य कारकों की वजह से एक वस्तु में ऊर्जा है। इसका अंतर्राष्ट्रीय इकाई मात्रक जुल है। स्थितिज का विमीये सूत्र ML2T-2

                                               

स्थिर विद्युत

भौतिकी में स्थिर विद्युत के अन्तर्गत आवेश की स्थिर अवस्था में होने वाले प्रभावों एवं घटनाओं का अध्ययन किया जाता है। स्थिर विद्युत से अभिप्राय किसी वस्तु की सतह पर निर्मित हुये विद्युत आवेश से है। यह स्थिर आवेश उस वस्तु पर तब तक उपस्थित रहते है जब ...

                                               

अन्तर्दर्शन

अंतर्दर्शन का तात्पर्य अंदर देखने से है। इसे आत्म निरीक्षण या आत्म चेतना भी कहा जाता है। मनोविज्ञान की यह एक पद्धति है। इसका उद्देश्य मानसिक प्रक्रियाओं का स्वयं अध्ययन कर उनकी व्याख्या करना है। इस पद्धति के सहारे हम अपनी अनुभूतियों के रूप को समझ ...

                                               

अभिक्षमता

अभिक्षमता से आशय निश्चित प्रकार के कार्य को कर सकने की क्षमता से है। इसे योग्यता माना जा सकता है। अभिक्षमता, शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की हो सकती है। लेकिन बढ़ा हुआ ज्ञान-स्तर, समझ, सीखे हुए कौशल या अभिवृत्ति आदि अभिक्षमता के अन्तर्गत नहीं आते। ...

                                               

अभिवृत्ति

मनोविज्ञान के सन्दर्भ में, अभिवृत्ति वह मानसिक एवं भावनात्मक वस्तु है जो किसी व्यक्ति की विशेषताएँ या अभिलाक्षणिक निर्धारित करती है। कुछ पाश्चात्य वैज्ञानिकों ने अभिवृत्ति को मनुष्य की वह अवस्था माना है जिसके द्वारा मानसिक तथा नाड़ी-व्यापार-संबंध ...

                                               

इदम्, अहम् तथा पराहम्

अंग्रेजी इड का तुल्य हिन्दी। इदं जन्मजात प्रकृति का होता है तथा इसमें मुख्य रूप से व्यक्ति की मूल वासनाएँ, प्रवृत्तियाँ तथा दमित इच्छाएँ आती हैं। इदं किसी भी तरह का तनाव नहीं सह सकता है और बिना किसी बाधा या इंतजार के तत्काल आनंद, सुख व संतुष्टि प ...

                                               

आत्म-धारणा

आत्म-धारणा अकादमिक प्रदर्शन के रूप में तत्वों में शामिल हैं। ये अपने आप के बारे में विश्वास का एक संग्रह है, जिसमे लिंग भूमिकाओं और कामुकता, और जातीय पहचान किया जाता है। आम तौर पर, आत्म अवधारणा मैं कौन हूँ?, इस जवाब का प्रतीक हैं। आत्म-धारणा एक क ...

                                               

आत्मरति

आत्मरति, व्यक्ति का स्वयं के प्रति असामान्य कामात्मक प्रेमभाव। यूनानी मिथक "नारसिसस" के आधापर उक्त मनोविकृति का नामकरण किया गया था। नारसिसस नदी के देवता सेफ़िसस तथा अप्सरा लीरिओप से उत्पन्न अति सुंदर बालक था। भविष्यवक्ता टीरेसियस ने घोषणा की थी क ...

                                               

आत्मविश्वास

आत्मविश्वास वस्तुतः एक मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति है। आत्मविश्वास से ही विचारों की स्वाधीनता प्राप्त होती है और इसके कारण ही महान कार्यों के सम्पादन में सरलता और सफलता मिलती है। इसी के द्वारा आत्मरक्षा होती है। जो व्यक्ति आत्मविश्वास से ओत-प्रोत ...

                                               

आधुनिक मनोविज्ञान

मनोविज्ञान आधुनिक युग की नवीनतम विद्या है। वैसे तो मनोविज्ञान की शुरूआत आज से 2.000 वर्ष पूर्व यूनान में हुई। प्लेटो ओर अरस्तू के लेखों में उसे हम देखते हैं। मध्यकाल में मनोविज्ञान चिंतन की योरप में कमी हो गई थी। आधुनिक युग में इसका प्रारंभ ईसा क ...

                                               

आनुभविक मनोविज्ञान

आनुभविक मनोविज्ञान अनुभव पर आधारित मनोविज्ञान जिसके अंतर्गत व्यवस्थित प्रयोग तथा वैज्ञानिक निरीक्षण की प्रणाली प्रयुक्त की जाती है। यह तार्किक मनोविज्ञान से सर्वथा भिन्न है क्योंकि तार्किक मनोविज्ञान सामान्य दार्शनिक सिद्धांत से निष्कर्षित निगमन ...

                                               

आलोचनात्मक मनोविज्ञान

किसी व्यक्ति के मानहानि का विवेचना करना आलोचना कहलाता है किसी की कमियों को कहीं पर दिखावा देना ही आलोचना है आलोचना विभिन्न प्रकार से हो सकता है जैसे किसी व्यक्ति की बुराई के लिए दूसरा किसी व्यक्ति के बुरे भाव के लिए तीसरा किसी के बुरे कर्तव्य के ...

                                               

ईदिपस मनोग्रंथि

मनोविश्लेषण के जन्मदाता डाक्टर सिगमंड फ्रायड ने पुत्र की अपनी माता के प्रति कामवासना की ग्रंथि को ईदिपस ग्रंथि की संज्ञा दी। फ्रायड के अनुसार ईदिपस की यह कथा हर मनुष्य के अंतर में छिपी हुई कामवासना की एक ग्रंथि का सांकेतिक प्रतिनिधान करती है। मनु ...

                                               

औद्योगिक एवं संगठनात्मक मनोविज्ञान

औद्योगिक मनोविज्ञान में उद्योगों के बारे मे जानकारी लेकर उस पर अध्ययन किया जाता है। जेसे:-बड़े बड़े खारखाने पेक्ट्रीया आदि मे होने वाला कामकाज मशीनरी का अध्ययन करना है।

                                               

कल्पना

विगत प्रत्यक्षानात्मक अनुभवों का बिंबों और विचारों के रूप में, विचारणात्मक स्तर पर, रचनात्मक नियोजन कल्पना है। कल्पना की मानसिक प्रक्रिया के अतंर्गत वास्तव में दो प्रकार की मानसिक प्रक्रियाएँ निहित हैं – प्रथम, विगत संवेदनशीलताओं का प्रतिस्मरण, ब ...

                                               

कार्य संतुष्टि

कार्य संतुष्टि को कई तरह से परिभाषित किया जाता है। कुछ लोग समझते हैं कि कार्य संतुष्टि से यह तात्पर्य है कि कोई व्यक्ति अपने कार्य से कितना संतुष्ट है। किन्तु अन्य लोग यह मानते हैं कार्य संतुष्टि का अर्थ इतना सरल नहीं है बल्कि इसके अनेकों मनोवैज् ...

                                               

किशोर अपराध

जब किसी बच्चे द्वारा कोई कानून-विरोधी या समाज विरोधी कार्य किया जाता है तो उसे किशोर अपराध या बाल अपराध कहते हैं। कानूनी दृष्टिकोण से बाल अपराध 8 वर्ष से अधिक तथा 16 वर्ष से कम आयु के बालक द्वारा किया गया कानूनी विरोधी कार्य है जिसे कानूनी कार्यव ...

                                               

गेस्टाल्ट मनोविज्ञान

गेस्टाल्ट मनोविज्ञान की स्थापना जर्मनी में मैक्स बरदाईमर द्वारा 1912 ई0 में की गयी। इस सम्प्रदाय के विकास में दो अन्य मनोवैज्ञानिकों, कर्ट कौफ्का तथा ओल्फगैंग कोहलर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। इस स्कूल की स्थापना वुण्ट व टिचनर की आणुविक विचार ...

                                               

चित्तविभ्रम

चित्तविभ्रम अर्थात् डेलीरियम मानसिक संभ्रांति की उस अवस्था को कहते हैं जिसमें अचेतना, अकुलाहट और उत्तेजना पाई जाती है। इसमें असंबद्ध विचारों के साथ साधारण भ्रम और मतिभ्रम के मायाजाल मस्तिष्क की स्वाभाविक चेतना को धूमिल कर देते हैं। चित्तविभ्रम का ...

                                               

जन्म का क्रम

जन्म का क्रम विशेष रूप से एक ही परिवार में जन्मे बच्चों से सम्बंधित है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार क्रम के कारण बच्चों की मानसिकता के विकास में काफ़ी प्रभाव पड़ता है। अगर कोई परिवार की पहली संतान हैं तो उसने वो सब कुछ देखा है जो अक्सर बीच में जन्म ...

                                               

तंत्रिकादौर्बल्य

तंत्रिकादौर्बल्य, मन:श्रांति या न्यूरैस्थिनिया शारीरिक और मानसिक थकान की अवस्था है, जिसमें व्यक्ति निरंतर थकान और शक्ति के ह्रास का अनुभव करता है। हिन्दी में इसे तंत्रिकावसाद भी कहते हैं।

                                               

तनाव (मनोवैज्ञानिक)

आज के समय में तनाव लोगों के लिए बहुत ही सामान्य अनुभव बन चुका है, जो कि अधिसंख्य दैहिक और मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रियाओं द्वारा व्यक्त होता है। तनाव की पारंपरिक परिभाषा दैहिक प्रतिक्रिया पर केंद्रित है। हैंस शैले ने तनाव शब्द को खोजा और इसकी परिभाषा ...

                                               

तुलनात्मक मनोविज्ञान

तुलनात्मक मनोविज्ञान मानव के अतिरिक्त अन्य पशुओं के व्यवहार एवं मानसिक प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन है। विशेष रूप से गैर-मानव पशुओं के जातिवृत्तिक इतिहास, अनुकूलन एवं व्यवहार के विकास से जुड़े मानसिक प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन तुलनात्मक अ ...

                                               

द्विध्रुवी विकार

द्रिध्रुवी विकार एक गंभीर प्रकार का मानसिक रोग है जो एक प्रकार का मनोदशा विकार है। इस रोग से ग्रसित रोगी की मनोदशा बारी-बारी से दो विपरीत अवस्थाओं में जाती रहती है। एक मनोदशा को सनक या उन्माद और दूसरी मनोदशा को अवसाद कहते हैं। सनक की मनोदशा में र ...

                                               

निर्देश

निर्देश व्यक्तिविशेष के चित्त में किसी प्रकार की अभीप्सित प्रतिक्रिया अथवा भावना को प्रत्यक्ष रीति से जगाने के लिए वैचारिक संप्रेषण निर्देश है। "आदेश का पालन अनिच्छापूर्वक भी हो सकता है किंतु निर्देश का स्वेच्छया पालन होता है। परामर्श, सलाह, संमत ...

                                               

परचित्‍तज्ञान

दूरसंवेदन, मन:पर्यय या परचित्‍तज्ञान एक ऐसी शक्ति है, जिससे दूर बैठे व्यक्ति की मानसिक स्थिति से सम्पर्क किया जा सकता है। प्राचीनकाल में इसके माध्यम से सिद्ध लोग एक दूसरे से वार्तालाप किया करते थे। दूरसंवेदन के माध्यम से हम खुद से भौतिक सम्बन्ध म ...

                                               

परामर्श मनोविज्ञान

परामर्श मनोविज्ञान या उपबोधन मनोविज्ञान एक मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञता है जो परामर्श प्रक्रिया एवं परिणाम; पर्यवेक्षण एवं प्रशिक्षण; जीवन विकास एवं परामर्श तथा निवारण एवं स्वास्थ्य जैसे विभिन्न व्यापक क्षेत्और शोध में प्रयुक्त की जाती है। परामर्श मनो ...

                                               

पर्यावरणीय मनोविज्ञान

पर्यावरणीय मनोविज्ञान मानव एवं उसके पर्यावरण के अन्तर्सम्बन्धों के अध्ययन पर केन्द्रित एक बहुविषयी क्षेत्र है। यहाँ पर पर्यावरण शब्द की वृहद परिभाषा में प्राकृतिक पर्यावरण, सामाजिक पर्यावरण, निर्मित पर्यावरण, शैक्षिक पर्यावरण तथा सूचना-पर्यावरण स ...

                                               

बहु-प्रतिभा सिद्धांत

बहु-प्रतिभा का सिद्धान्त, लोगों एवं उनकी विभिन्न प्रकार की प्रतिभाओं भाषाई,स्थानिक,दैहिक,इन्द्रियगत,अंतर्वैयक्तिक,अन्तःवैयक्तिक,सांगीतिक,तार्किक गणितीय के बारे में हार्वर्ड गार्डनर का एक मनोवैज्ञानिक सिद्धांत है जिसे उन्होने सन् १९८३ में प्रतिपाद ...

                                               

बाल मनोविज्ञान

बालमनोविज्ञान मनोविज्ञान की वह शाखा है, जिसमें गर्भावस्था से लेकर प्रौढ़ावस्था तक के मनुष्य के मानसिक विकास का अध्ययन किया जाता है। जहाँ सामान्य मनोविज्ञान प्रौढ़ व्यक्तियों की मानसिक क्रियाओं का वर्णन करता है तथा उनको वैज्ञानिक ढंग से समझने की च ...

                                               

बौद्धिक अशक्‍तता

बौद्धिक अशक्‍तता एक सामान्यीकृत मानसिक रोग है जिसमें व्यक्ति की संज्ञात्मक शक्ति काफी हद तक न्यून होती है और दो या अधिक समायोजनात्मक व्यवहारों में कमी देखी जाती है। इसे पहले मानसिक मन्दता कहते थे। मानसिक मंदता विकास संबंधित एक मानसिक अवस्था है, ज ...

                                               

भारतीय मनोविज्ञान

भारतीय मनोविज्ञान भारत में अति प्राचीन काल से आज तक हुए मनोवैज्ञानिक अध्ययनों और अनुसंधानों का समग्र रूप है।भारतीय कहने से यही तात्पर्य है कि भारतीय संस्कृति की पृष्टभूमि में जिस मनोविज्ञान का विकास हुआ वह इस क्षेत्र में भारत का विशेष योगदान माना ...

                                               

मन के नक़्शे

एक मन के नक्शे नेत्रहीन जानकारी को व्यवस्थित करने के लिए इस्तेमाल एक चित्र है। एक मन के नक्शे अक्सर जो इस तरह के चित्र, शब्द और शब्दों के कुछ हिस्सों के रूप में विचारों का जुड़ी जोड़ रहे हैं के लिए एक खाली परिदृश्य पेज के केंद्र में एक छवि है, के ...

                                               

मनस्ताप

मनस्ताप या मनोविक्षिप्ति या साइकोसिस मन की एक अपसामान्य दशा है जिसमें मन यह तय नहीं कर पाता कि क्या वास्तविक है और क्या अवास्तविक । इसके कुछ लक्षण ये हो सकते हैं- असत्य विश्वास, तथा ऐसी ध्वनि सुनाई देना या ऐसी चीजें दिखाई देना जो सामान्य लोगों को ...