ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 63




                                               

बरमूडा त्रिभुज

बरमूडा त्रिभुज या बरमूडा त्रिकोण उत्तर पश्चिम अटलांटिक महासागर का एक क्षेत्र है जिसमे कुछ विमान और सतही त्रुटि या प्रकृति के कृत्यों की सीमाओं के परे है। लोकप्रिय संस्कृति ने गायब होने की कुछ घटनाओं को अपसामान्य, भौतिकी के नियमों के निलंबन, या भू ...

                                               

षड्यन्त्र का सिद्धान्त

षड्यंत्र के सिद्धांतों की सूची के लिए देखें: षड्यंत्र के सिद्धांतों की सूची षड्यंत्र का सिद्धांत एक ऐसा शब्द है, जो मूलत: किसी नागरिक, आपराधिक या राजनीतिक षड्यंत्र के दावे के एक तटस्थ विवरणक के लिए उपयोग किया जाता है। हालांकि, यह बाद में काफी अपम ...

                                               

इंटेलिजेंट डिज़ाइन

इंटेलिजेंट डिजाइन छद्म वैज्ञानिक मान्यता है कि "हिन्दी अनुवाद – ब्रह्माण्ड और सजीवों की कुछ विशेषताओं को केवल एक बुद्धिमान सृजनकर्ता के अस्तित्व से ही समझाया जा सकता है, प्राकृतिक वरण की प्रक्रिया से नहीं"।

                                               

एक्यूपंक्चर

एक्यूपंक्चर दर्द से राहत दिलाने या चिकित्सा प्रयोजनों के लिए शरीर के विभिन्न बिंदुओं में सुई चुभाने और हस्तकौशल की प्रक्रिया है। एक्यूपंक्चर: दर्द से राहत दिलाने, शल्य-चिकित्सीय संज्ञाहरण प्रवृत्त करने और चिकित्सा प्रयोजनों के लिए शरीर के विशिष्ट ...

                                               

कीमिया

कीमिया एक प्राचीन दर्शन तथा व्यवसाय था जिसमें अल्कली धातुओं को स्वर्ण में बदलने का प्रयत्न किया जाता था। इसके अलावा दीर्घायु होने के लिये अमृत के निर्माण का प्रयत्न तथा अनेक ऐसे पदार्थ बनने का प्रयत्न किया जाता था जो असाधारण गुणों वाले हों। कीमिय ...

                                               

चीनी ज्योतिष

चीन में ज्योतिष का इतिहास पाँच हजार वर्ष से अधिक पुराना है। वहाँ के मनीषियों ने अपनी ज्योतिष विद्या को पौर्वात्य देशों में विस्तारित किया है। भारत ही नहीं, विश्व के अलग-अलग भू-भागों में मानव-सभ्यता और संस्कृति समानान्तर रूप से साथ-साथ जन्मीं और व ...

                                               

डिस्कवरी संस्थान

डिस्कवरी संस्थान अमेरिका के सीऐटल नगर में स्थित एक लाभ निरपेक्ष प्रबुद्ध मंडल है जो मुख्य रूप से छद्म वैज्ञानिक मान्यता इंटेलिजेंट डिज़ाइन की वकालत करने के लिए जाना जाता है।

                                               

पञ्च-पक्षी ज्योतिष

ज्योतिष की पंच-पक्षी पद्वति प्राचीन समय में विशेष रूप से दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में प्रचलित थी। परन्तु आज यह अपने खास विशेषताओं के कारण पूरे भारत में लोकप्रियता प्राप्त कर चुकी है। पंच-पक्षी सिद्धान्त के अन्तर्गत आने वाले पांच पक्षी गिद्ध, ...

                                               

भारतीय और पाश्चात्य ज्योतिष

भारतीय ज्योतिष पद्धति निरयण के सिद्धांत को मानती है। जबकि पाश्चात्य ज्योतिष सायन पर आधारित है। भविष्य को जानने की चाहत सभी मनुष्य में रहती है चाहे वह भारत का हो अथवा पश्चिमी देशों में रहना वाला हो। भविष्य जानने का तरीका भले ही अलग है परंतु ग्रह औ ...

                                               

भारतीय ज्योतिष

भारतीय ज्योतिष ग्रहनक्षत्रों की गणना की वह पद्धति है जिसका भारत में विकास हुआ है। आजकल भी भारत में इसी पद्धति से पंचांग बनते हैं, जिनके आधापर देश भर में धार्मिक कृत्य तथा पर्व मनाए जाते हैं। वर्तमान काल में अधिकांश पंचांग सूर्यसिद्धांत, मकरंद सार ...

                                               

राशि और रत्न

जो भी व्यक्ति जन्म लेता है उसका अपना एक लग्न होता है। सभी लग्न एक राशि है जिनका अपना एक स्वामी होता है। ज्योतिषशास्त्र का मानना है कि व्यक्ति अगर अपनी राशि के अनुरूप उपयुक्त रत्न धारण करता है तो उसे जल्दी और आसानी से सफलता मिलती है। किस राशि के स ...

                                               

रिफ्लेक्सोलॉजी

रिफ्लेक्सोलॉजी एक वैकल्पिक चिकित्सा है, पूरक या इलाज की एकीकृत चिकित्सा विधि है जिसमें बिना तेल या लोशन का इस्तेमाल किये विशिष्ट अंगूठे, अंगुली और हस्त तकनीक द्वारा पैऔर हाथ पर दबाव डाला जाता है। रिफ्लेक्सोलॉजिस्ट का दावा है कि यह ज़ोन और रिफ्लेक ...

                                               

वर्ष फल

वर्ष फल पद्धति अपने आप में एक महत्वपूर्ण पद्धति है। वर्ष फल के द्वारा हम एक वर्ष में होने वाली घटनाओं का अनुमान लगा सकते हैं। वर्ष फल कुण्डली में ग्रहों की आपसी दृष्टियाँ पराशरी दृष्टि से भिन्न होती हैं। यहाँ हम ताजिक दृष्टियों का प्रयोग करते हैं ...

                                               

शाश्वत गति

शाश्वत गति का शाब्दिक अर्थ है - वह गति जो सदा चलती रहती है । किन्तु प्राय: इसका अर्थ ऐसी किसी युक्ति या प्रणाली से है जो कम ऊर्जा लेकर अधिक ऊर्जा उत्पन्न करती है - जिसका अर्थ है कि यह अनन्त काल तक कुछ न कुछ शुद्ध ऊर्जा उत्पन्न करती रहती है। ऐसी म ...

                                               

अंग तंत्र

नाना प्रकार के ऊतक मिलकर शरीर के विभिन्न अंग तंत्र का निर्माण करते हैं। कई अंग तंत्र मिलकर जीव की रचना करते हैं।

                                               

अंग संवर्धन

अंग कल्चर अंगों या उनके अंशों को इस प्रकार पात्रे या इन विट्रो कल्चर करना, कि वे जीवे या इन्वाइवो अंगों के समान बने रहें, अंग कल्चर या ऑर्गन कल्चर कहलाता है। अंग कल्चर का सबसे बड़ा लाभ यह है, कि इन्हें संपूर्ण जंतुओं के स्थान पर काम में लाया जा स ...

                                               

अंडाणु

अंडाणु अंडा कोशिका, या डिंब, ओगमास जीवों में मादा प्रजनन कोशिका है। अंडा कोशिका आम तौपर सक्रिय आंदोलन के लिए सक्षम नहीं है, और यह मोटीयल शुक्राणु कोशिकाओं की तुलना में बहुत अधिक जब अंडा और शुक्राणु फ्यूज, एक द्विगुणित कोशिका का गठन होता है, जो ते ...

                                               

अंतःस्रावी तंत्र

अंत:स्रावी तंत्र छोटे अंगों की एक एकीकृत प्रणाली है जिससे बाह्यकोशीय संकेतन अणुओं हार्मोन का स्राव होता है। अंत:स्रावी तंत्र शरीर के चयापचय, विकास, यौवन, ऊतक क्रियाएं और चित्त के लिए उत्तरदायी है। समझा जाता था, किंतु अब ज्ञात हुआ है कि ये सब एक-द ...

                                               

अजीवात् जीवोत्पत्ति

अजीवात् जीवोत्पत्ति सरल कार्बनिक यौगिक जैसे अजीवात् पदार्थों से जीवन की उत्पत्ति की प्राकृतिक प्रक्रिया को कहते हैं। जीवोत्पत्ति पृथ्वी पर अनुमानित ३.८ से ४ अरब वर्ष पूर्व हुई थी। इसका अध्ययन प्रयोगशाला में किगए कुछ प्रयोगों के द्वारा, और आज के ज ...

                                               

अनुकंपी तंत्रिकातंत्र

मनुष्य के विविध अंगों और मस्तिष्क के बीच संबंध स्थापित करने के लिए धागे से भी पतले अनेक स्नायुतंतु होते हैं। स्नायुतंतुओं की लच्छियाँ अलग बँधी रहती हैं। इनमें से प्रत्येक को तंत्रिका कहते हैं। प्रत्येक में कई एक तंतु रहते हैं। तंत्रिकाओं के समुदा ...

                                               

अनुकूलन

अनुकूलन किसी विशेष वातावरण में सुगमता पूर्वक जीवन व्यतीत करने एवं वंशवृद्धि के लिए जीवों के शरीर में रचनात्मक एवं क्रियात्मक स्थायी परिवर्तन उत्पन्न होने की प्रक्रिया है। यह शरीर का अंग या स्थिति नहीं बल्कि एक प्रक्रिया है अनुकूलन द्वारा होने वाल ...

                                               

अनुहरण

अनुहरण उस बाहरी समानता को कहते हैं जो कुछ जीवों तथा अन्य जीवों या आसपास की प्राकृतिक वस्तुओं के बीच पाई जाती है, जिससे जीव को छिपने में सुगमता, सुरक्षा अथवा अन्य कोई लाभ प्राप्त होता है। ऐसा बहुधा पाया जाता है कि कोई जंतु किसी प्राकृतिक वस्तु के ...

                                               

अमीनो अम्ल

अमीनो अम्ल, वे अणु हैं जिनमें अमाइन तथा कार्बोक्सिल दोनों ही ग्रुप पाएं जाते हैं। इनका साधारण सुत्र H 2 NCHROOH है। इसमें R एक पार्श्व कड़ी है। जो परिवर्तनशील विभिन्न अणुओं का ग्रूप होता है। कार्बोक्सिल तथा अमाइन ग्रूप कार्बन परमाणु से लगा रहता ह ...

                                               

अवकाशिका (जीवविज्ञान)

जीवविज्ञान के संदर्भ में अवकाशिका या ल्यूमेन किसी नलिकामय संरचना के आंतरिक स्थान को कहते हैं। वनस्पति विज्ञान में यह स्थान पुटी कहलाता है। उदाहरण के लिए किसी धमनी या आंत जैसी एक नलिकामय संरचना के अंदर की जगह जिसमें से क्रमश: रक्त और भोजन का प्रवा ...

                                               

अवशिष्ट

अवशिष्ट जब किसी उत्पाद, उपोत्पाद काल आभदायक उपयोग संभव नहीं होता, उसे अवशिष्ट या वेस्ट कहा जाता है। जो अवशिष्ट पर्यावरण को प्रदूषित करते हैम, प्रदूषक कहलाते हैं।

                                               

आकारिकी

आकारिकी अथवा आकार विज्ञान शब्द वनस्पति विज्ञान तथा जंतु विज्ञान के अंतर्गत उन सभी अध्ययनों के लिए प्रयुक्त होता है। जिनका मुख्य विषय जीवपिंड का आकाऔर रचना है। पादप आकारिकी में पादपों के आकाऔर रचना तथा उनके अंगों एवं इन अंगों के परस्पर संबंध और सं ...

                                               

आणविक कृंतन

आण्विक कृंतन एक निश्चित डीएनए अनुक्रम को जीवित प्राणियों के भीतर अलग करके उसकी कई प्रतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया को दर्शाता है। कृंतन का बार बार प्रयोग द्वारा जीन युक्त डीएनए खंडों का विस्तार किया जाता है, लेकिन इसका प्रयोग डीएनए अनुक्रम जैसे ...

                                               

आण्विक क्रम-विकास

आण्विक क्रम-विकास समय के साथ-साथ अणुओं में होने वाले क्रम-विकास को कहते हैं। जीव-वैज्ञानिकों ने कुछ अणुओं की श्रेणियों में युगों के साथ-साथ आए परिवर्तन का गहराई से अध्ययन किया है, जैसे कि डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल, राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल और भिन् ...

                                               

आण्विक चिह्नक

आण्विक चिह्नक जो अणु डी एन ए खंड या क्रम, गुण सूत्र या क्रोमोज़ोम चित्रण में चिह्नक जीन की तरह उपयोग किये जाते हैं, आण्विक चिह्नक या मॉलीक्यूलर मार्कर कहलाते हैं।

                                               

आद्योद्भिद

आद्योद्भिद ऐसे एककोशिकीय या बहुकोशीय जीव हैं जो पौधों की तरह अपना भोजन तरल रूप में ही ग्रहण करते हैं। इनको देखने से अनुमान किया जा सकता है कि वानस्पतिक सृष्टि का आदि रूप कैसा रहा होगा। कुछ सामान्य शैवाल भी इसी वर्ग में आते हैं। शैवाल और एककोशिकी ...

                                               

ईंधन प्रौद्योगिकी

ईंधन प्रौद्योगिकी जैव कारकों अथवा उनके अवयवों के उपयोग से उर्जा विरल स्रोतों को उर्जा बहुल स्रोतों में रूपांतरित करने को ईंधन प्रौद्योगिकी या फ्युअल इंजीनियरिंग कहते हैं।

                                               

ऊतक अभियांत्रिकी

कृत्रिम अंगों का उत्पादन ऊतक अभियांत्रिकी कहलाता है। इसके कई उद्देश्य हो सकते हैं: अल्सर के रोगियों के लिये कृत्रिम त्वचा का। रोगियों में विभिन्न अंगों के प्रत्यारोपण के लिये। आग से जले रोगियों में प्रत्यारोपण, आदि।

                                               

ऍक्स गुण सूत्र

एक्स गुण सूत्र किसी भी स्तनधारी श्रेणी के जानवर में लिंग की पहचान देने वाला एक गुण सूत्र है। इन जीवों में केवल ऐसे दो लिंग-भेद करने वाले गुण सूत्र होते हैं - एक्स गुण सूत्और वाई गुण सूत्र। इनका नाम अंग्रेजी के "X" और "Y" अक्षरों पर पड़ा है क्योंक ...

                                               

एकल कोशी प्रोटीन

एकल कोशी प्रोटीन शैवाल या ऐल्गी, फफूंद या कवक, खामीर या यीस्ट एवं जीवाणु एकल कोशी सूक्ष्म जीव हैं, जिनमें प्राप्य प्रोटीन का उपयोग मानव आहार तथा पशु-आहार के रूप में किया जा सकता है; परंतु इन जीवों का अविषैला होना आवश्यक है। इन्हें प्रचलित रूप में ...

                                               

एलर्जी

अधिहृषता या एलर्जी या "प्रत्यूर्जता" रोग-प्रतिरोधी तन्त्र का एक व्याधि है जिसे एटोपी भी कहते हैं अधिहृषता एलर्जी शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग वान पिरकेट ने बाह्य पदार्थ की प्रतिक्रिया करने की शक्ति में हुए परिवर्तन के लिए किया था। कुछ लेखक इस पारिभाष ...

                                               

ओलिंगीटो

ओलिंगीटो, एक स्तनधारी जीव है। यह एक नयी जीव प्रजाति है जिसकी खोज की घोषणा 15 अगस्त 2013 को की गयी है। इस प्रजाति का वंश बासारिस्योन और कुल प्रोसाइओनिडी है।यह प्रजाति कोलम्बिया और ईक्वाडोर के पर्वतीय वनों में वास करती है।

                                               

औषधि डिज़ाइनिंग

औषधि डिज़ाइनिंग ऐसी औषधियों की अभिकल्पना करना, जो लक्ष्य अणुओं के क्रांतिक स्थलों से आबद्ध होकर उन्हें निष्क्रिय कर दें। औषध अभिकल्पना या ड्रग डिज़ाइनिंग कहलाता है।

                                               

कवक-विज्ञान

कवक विज्ञान कवक प्रजाति का ज्ञान है, जिसमें उनकी जैव-रसायनीय विशेषताओं का, अनुवांशिक विशेषताओं आदि की एवं मानव के कल्याण हेतु आयुर्विज्ञान आदि हेतु अनुसन्धान किया जाता है।कवक पर्णहरिमरहित होते हैं| इनमें जड तना पत्ती नही होती है|ये परजीवी अथवा मृ ...

                                               

कांच मेंढक

कांच मेंढक सेंट्रोलाइनिडे परिवार का उभयचर प्राणी है। ज्यादातर कांच के मेंढक का सामान्य रंग हल्का हरा होता है तथा इस परिवार के कुछ सदस्यों की पेट की त्वचा पारदर्शी पायी जाती है। दिल, यकृत, और जठरांत्र संबंधी मार्ग सहित आंतरिक आंत, त्वचा के माध्यम ...

                                               

कायिक कोशिका संगलन

कायिक कोशिका संगलन कायिक कोशिकाओं के संगलन से संकर कोशिकाएं प्राप्त होतीं हैं। सामान्य मानव रेशा कोशिकाओं या श्वेत रक्त कोशिकाओं को मूषक सतत कोशिका लाइनों से संगलित करते हैं। कोशिका संगलन के लिये, पराबैंगनी किरणित सैंडेई विषाणु या पॉलीइथाइलीन ग्ल ...

                                               

किण्वक

सजीवों के प्रत्येक जीवीत कोशिकाओ में जीवन पर्यन्त जैव रासायनिक क्रियाएं होती रहती है। ये जैव रासायनिक क्रियाएं किसी न किसी जैव उत्प्रेरक की उपस्थिति में होती है। इन्हीं जैव उत्प्रेरक को किण्वक कहते हैं। इन्जाइम शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम कुहने ने 1 ...

                                               

कीट विज्ञान

कीट विज्ञान प्राणी विज्ञान की एक शाखा है जिसमे कीड़ो का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। अतीत में, शब्द "कीट" अधिक अस्पष्ट था और ऐतिहासिक रूप से कीटविज्ञान की परिभाषा में आर्थ्रोपॉड, फ़िला और स्थलीय जीवों का अध्ययन जैसे कि एराचैड्स, मायरीपॉड, गांडव ...

                                               

कुंडलिनी

डी एन ए की रचना उभय कुंडलिनी के आकार की होती है, जिसे डबल हैलिक्स भी कहते हैं। विश्व में अनेक जैव तथा अजैव स्वरूप कुंडलिनी के आकार के होते हैं। वस्तुतः डी एन ए की उभय कुंडलिनी यांत्रिकी की दृष्टि से बहुत सुदृड़ संरचना होती है। कुंडलीनी जागरण -कुं ...

                                               

कृंतक (जीव विज्ञान)

जीव विज्ञान में कृंतन प्रकृति में पाये जाने वाले जीवों का आनुवंशिक रूप से समान प्रतिलिपि निर्माण की एक विधि है जिसके अन्तर्गत जीवाणु, कीट और पादप अलैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं। इस तरह उत्पादित जीव कृंतक कहलाते हैं। जैव प्रौद्योगिकी में कृंतन का ...

                                               

कोएन्जाइम क्यू-१०

कोएन्ज़ाइम क्यू-10 विटामिन की तरह एक एन्जाइम है जो कोशिकीय ऊर्जा के निर्माण में अति महत्वपूर्ण है। इसे यूबीक्विनोन, मिटोक्विनोन, यूबीडेकारेनोन और कोक्यू-10 भी कहते है। इसे यूबीक्विनोन इसलिए कहते हैं कि यह हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं में पाया जाता ...

                                               

कोशिका

कोशिका सजीवों के शरीर की रचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है और प्राय: स्वत: जनन की सामर्थ्य रखती है। यह विभिन्न पदार्थों का वह छोटे-से-छोटा संगठित रूप है जिसमें वे सभी क्रियाएँ होती हैं जिन्हें सामूहिक रूप से हम जीवन कहतें हैं। कोशिका का अंग्रेजी शब् ...

                                               

कोशिका लाइन

जो अर्बुदी कोशिका या मैलिग्नैंट सेल के संवर्धन से प्राप्त होतीं हैं। इन्हें कंटीन्युअस सेल लाइन भी कहतेहैं। ये सदैव जीवित रह सकतीं हैं।

                                               

कोशिका विज्ञान

कोशिका विज्ञान या कोशिका जैविकी में कोशिकाओं के शरीरक्रियात्मक गुणों, संरचना, कोशिकांगों, वाह्य पर्यावरण के साथ क्रियाओं, जीवनचक्र, विभाजन तथा मृत्यु का वैज्ञानिक अध्यन किया जाता है। यह अध्ययन सूक्ष्म तथा आणविक स्तरों पर किया जाता है। कोशिकाओं के ...

                                               

खनित्रपाद

खनित्रपाद समुद्र में रहनेवाले द्विपार्श्वीय सममितवाले मोलस्का हैं, जिनका शरीऔर कवच अग्रिम-पश्च-अक्ष की दिशा में लंबा होकर बर्तुलाकार हो जाता है। इनका सिर छोटा होता है, आँखें नहीं होती और वर्तुलाकार होता है, जो खोदने के काम आता है। इसलिये खनित्रपा ...

                                               

गुणसूत्र

गुणसूत्र या क्रोमोज़ोम सभी वनस्पतियों व प्राणियों की कोशिकाओं में पाये जाने वाले तंतु रूपी पिंड होते हैं, जो कि सभी आनुवांशिक गुणों को निर्धारित व संचारित करते हैं। प्रत्येक प्रजाति में गुणसूत्रों की संख्या निश्चित रहती हैं। मानव कोशिका में गुणसू ...