ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 372




                                               

ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र

ग्वालियर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र मध्य भारत में मध्य प्रदेश राज्य के 230 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है । यह निर्वाचन क्षेत्र 1951 में अस्तित्व में आया, जो तत्कालीन मध्य भारत राज्य के 79 विधानसभा क्षेत्रों में से एक था।

                                               

डबरा विधानसभा क्षेत्र

डबरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र मध्य भारत में मध्य प्रदेश राज्य के 230 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यह निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है।

                                               

भितरवार विधानसभा क्षेत्र

भितरवार विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र मध्य भारत में मध्य प्रदेश राज्य के 230 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है । यह निर्वाचन क्षेत्र विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद 2008 में अस्तित्व में आया। इस निर्वाचन क्षेत्र में पूर्ववर्ती गिर्द और ड ...

                                               

इन्दौर संभाग

इंदौर डिवीजन भारत के मध्य प्रदेश राज्य में एक प्रशासनिक भौगोलिक इकाई है। सम्भाग के प्रशासनिक मुख्यालय इन्दौर शहर में है। इस संभाग में बड़वानी, बुरहानपुर, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन और अलीराजपुर जिले हैं।

                                               

उज्जैन संभाग

उज्जैन संभाग भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक प्रशासनिक भौगोलिक इकाई है। संभाग का प्रशासनिक मुख्यालय उज्जैन है। संभाग में वर्तमान में देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर उज्जैन" जिले शामिल है।

                                               

ग्वालियर संभाग

ग्वालियर डिवीजन भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक प्रशासनिक उपखंड है। इसमें अशोकनगर, दतिया, गुना, ग्वालियर और शिवपुरी भी शामिल हैं। इसका प्रशासनिक मुख्यालय ऐतिहासिक शहर ग्वालियर है। ग्वालियर और चंबल संभाग का तात्पर्य मध्य प्रदेश के गिर्द क्षेत्र से ...

                                               

चंबल संभाग

चंबल संभाग के एक प्रशासनिक भौगोलिक इकाई के मध्य प्रदेश राज्य का भारतहै। मुरैना के प्रशासनिक मुख्यालय है विभाजन. वर्तमान में, विभाजन के होते हैं, तीन जिलों के मुरैना, भिण्ड और श्योपुरहै।

                                               

नर्मदापुरम् संभाग

नर्मदापुरम डिवीज़न, मध्य प्रदेश राज्य में एक भौगोलिक एरिया है। विभाजन का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया पर 27 अगस्त, 2008. इसमें होशंगाबाद, हरदाऔर बैतूल जिले में है। तीन जिलों के थे पहले भाग के भोपाल संभागहै।

                                               

रीवा संभाग

रीवा डिवीजन मध्य प्रदेश राज्य की एक प्रशासनिक एरिया है।रीवा के प्रशासनिक मुख्यालय है विभाजन. वर्तमान में, विभाजन के होते हैं जिले के रीवा, सतना, सीधीऔर सिंगरौली जिले में. विभाजन के रूपों का एक हिस्सा बघेलखण्ड क्षेत्र मध्य प्रदेश की है। संभागीय मु ...

                                               

शहडोल संभाग

शहडोल संभाग में एक प्रशासनिक प्रभाग के भारतीय राज्य के मध्य प्रदेश. प्रभाग का उद्घाटन 14 जून, 2008 में किया गया था। शुरूआती दौर में शहडोल, उमरिया, अनूपपुऔर डिंडौरी जिलों को इसमें जोड़ा गया था। जबकि अब अनूपपुर, शहडोल और उमरिया जिलों के लिए हि शहडो ...

                                               

सागर संभाग

सागर संभाग एक प्रशासनिक भौगोलिक इकाई है मध्य प्रदेश राज्य मे । सागर के प्रशासनिक मुख्यालय है वर्तमान में, सागर संभाग के जिले- छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी

                                               

कालापीपल

मध्यप्रदेश के शाजापुर जिला मे तीन विधानसभा है १ शाजापुर २. शुजालपुर ३. कालापीपल कालापीपल भोपाल उज्जैन के मध्य स्थित है कालापीपल रेलवे स्टेशन है कालापीपल विधानसभा होने के अतिरिक्त नगरपरिषद् है कालापीपल जनपद पंचायत मे ७२ ग्राम पंचायत है कालापीपल तह ...

                                               

भिण्ड विधानसभा क्षेत्र (मध्य प्रदेश)

भिंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, २३० विधायक संजीव सिंह कुशवाह उर्फ संजू भैया ब.स. पा पार्टी से विधानसभा, का एक निर्वाचन क्षेत्र है. यह भिंड ज़िला में आता है.

                                               

उज्जैन का इतिहास

Ujjain Mein Sabhi Rajya Gurjar Vansh ke the उज्जयिनी की ऐतिहासिकता का प्रमाण ई.पु सन 600 वर्ष पूर्व मिलता है। तत्कालीन समय में भारत में जो सोलह जनपद थे उनमें अवंति जनपद भी एक था। अवंति उत्तर एवं दक्षिण इन दो भागों में विभक्त होकर उत्तरी भाग की रा ...

                                               

इकबाल सम्मान

इक़बाल सम्मान,साहित्य और कलाओं के क्षेत्र में उत्कृष्टता और सृजनात्मकता को सम्मानित करने की अपनी परम्परा के अनुसार मध्यप्रदेश शासन ने वर्ष 1986-87 में, उर्दू साहित्य में रचनात्मक लेखन के लिए स्थापित किया है। पुरस्कार उर्दू के सुप्रसिद्ध कवि अल्ला ...

                                               

कबीर सम्मान

राष्ट्रीय कबीर सम्मान मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग ने साहित्य और सृजनात्मक कलाओं में उत्कृष्टता तथा श्रेष्ठ उपलब्धि को सम्मानित करने, साहित्य और कलाओं में राष्ट्रीय मानदण्ड विकसित करने की दृष्टि से अखिल भारतीय सम्मानों और राज्य स्तरीय सम्मानों ...

                                               

किशोर कुमार सम्मान

किशोर कुमार प्रख्यात पार्श्व गायक एवं हरफनमौला कलाकार थे। वे खण्डवा, मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। उन्होंने सिनेमा के क्षेत्र में अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय देते हुए न सिर्फ भारत, बल्कि विश्व के अनेक देशों में जो जगह बनायी उससे न सिर्फ यश स्थाप ...

                                               

कुमार गन्धर्व सम्मान

कुमार गंधर्व सम्मान मध्यप्रदेश शासन ने संगीत के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट युवा प्रतिभा को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 1992-93 से वार्षिक राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया है। इस सम्मान का नाम संगीत के क्षेत्र में राष्ट्रीय औ ...

                                               

तुलसी सम्मान

मध्यप्रदेश शासन ने आदिवासी लोक और पारम्परिक कलाओं में उत्कृष्टता और श्रेष्ठ उपलब्धि को सम्मानित करने और इन कलाओं में राष्ट्रीय मानदण्ड विकसित करने की दृष्टि से तुलसी सम्मान के नाम से 2 लाख रुपये का एक वार्षिक पुरस्कार स्थापित किया है। यह सम्मान त ...

                                               

देवी अहिल्या सम्मान

देवी अहिल्या सम्मान, मध्यप्रदेश शासन ने आदिवासी, लोक एवं पारम्परिक कलाओं के क्षेत्र में महिला कलाकारों की सृजनात्मकता को सम्मानित करने के लिए वर्ष 1996-97 से स्थापित किया है। देवी अहिल्याबाई कुशल शासिका, न्यायविद, सच्ची समाज सेविका और कलाप्रिय वि ...

                                               

मैथिलीशरण गुप्त सम्मान

मैथिलीशरण गुप्त सम्मान मध्यप्रदेश शासन ने साहित्य और कलाओं को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सम्मानों की स्थापना की है। हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में वार्षिक सम्मान का नाम खड़ी बोली के शीर्ष प्रवर्तक कवि श्री मैथिलीशर ...

                                               

लता मंगेशकर पुरस्कार

इंदौरी लेखक जावेद शाह खजराना ने बताया कि इंदौर में जन्मी पार्श्व गायिका लता मंगेशकर के नाम से मध्यप्रदेश शासन द्वारा हर साल दिया जाने वाला एक पुरस्कार है । जो पार्श्व गायक/गायिका के अलावा संगीतकारों को दिया जाता है । लता मंगेशकर पुरस्कार एक राष्ट ...

                                               

शरद जोशी सम्मान

शरद जोशी सम्मान,उत्कृष्ट सृजन को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने की अपनी सुप्रतिष्ठित परम्परा का अनुसरण करते हुए मध्यप्रदेश शासन ने हिन्दी व्यंग्य, ललित निबन्ध, संस्मरण, रिपोर्ताज, डायरी, पत्र इत्यादि विधाओं में रचनात्मक लेखन के लिए स्थापित किया ...

                                               

शिखर खेल अलंकरण

शिखर खेल अलंकरण हेतु राज्य सम्मान,मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय सम्मान है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश के मूल निवासी के उस खिलाड़ी को दिया जाता है जिसने पिछले 5 वर्षों में न्यूनतम 2 वर्ष तक राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा स ...

                                               

डोम्बिवली

डोम्बिवली भारतीय राज्य महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले में स्थित एक नगर हैं, जो महाराष्ट्र का सबसे साक्षर शहर और भारत का दूसरा सबसे साक्षर शहर है। यह मुम्बई महानगरीय क्षेत्र का एक शहरी केन्द्र हैं। डोम्बिवली में पेंढारकर, जोंधळे और जे॰ आर॰ पाटिल जैसे प् ...

                                               

खिरोदा

खिरोदा महाराष्ट्र के जलगाँव जिले का एक गाँव है। यह बुरहानपुर-अंकलेश्वर मार्ग पर सवदा से ७ किमी उत्तर में स्थित है। इसकी जनसंख्या लगभग ७ हजार है। कृषि ही यहाँ के लोगों की मुख्य आजीविका है। मुख्यतः केले की खेती के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ पर एक महाविद ...

                                               

करली नदी

करली नदी, भारतीय राज्य महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के मालवन के कुदाल और तारकरली गाँवों से होकर बहने वाली एक नदी है। यह मालवन तट के दक्षिण से होकर बहती है और अंतत: देवबाग में अरब सागर में विसर्जित होती है। इस नदी और समुद्र के संगम पर खूबसूरत समु ...

                                               

दमनगंगा नदी

दमन गंगा नदी पश्चिमी भारत में बहने वाली एक नदी है। यह पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढलानों पर आरम्भ होती है और पश्चिम दिशा में बह कर अरब सागर में विलय हो जाती है। इसका मार्ग महाराष्ट्र, गुजरात, दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली से गुज़रता है। वापी, दादर ...

                                               

अजिंक्यतारा

अजिंक्यतारा महाराष्ट्र के सातारा जिले में स्थित किला है।अजिंक्‍यतारा की उंचाई लगभग ३०० मीटर है। उसका दक्षिणोत्तर विस्तार ६०० मीटर है। आज इस किले पर वृक्षारोपण जैसे अनेक सामाजिक कार्यक्रम लिए जाते हैं। कैसे जाना? अजिंक्‍यतारा किला सातारा शहर में ह ...

                                               

अरनाला का किला

अर्नाला का किला महाराष्ट्र की राजधानी के निकट वसई गाँव में है। यह दुर्ग जल के बीच एक द्वीप पर बना होने के कारण इसे जलदुर्ग या जन्जीरे-अर्नाला भी कहा जाता है। यह मुम्बई से ४८ किमी दूरी पर ख्य अर्नाला से ८ कि॰मी॰ दूरी पर स्थित है। इस किले पर १७३९ म ...

                                               

जॉर्ज दुर्ग, मुंबई

जॉर्ज दुर्ग १७६९ में मुंबई नगर की दीवारों का विस्ताकर बनाया गया था। यह वर्तमान मुंबई के फोर्ट क्षेत्र में पूर्व में स्थित था। जिस पहाड़ी पर डोंगरी दुर्ग हुआ करता था, उसकी जगह फोर्ट जॉर्ज का निर्माण हुआ था। १८६२ में इस दुर्ग को ध्वस्त कर दिया गया ...

                                               

पन्हाला दुर्ग

पन्हाला दुर्ग जो कि इन नामों से भी जाना जाता है। जो भारतीय राज्य महाराष्ट्र के कोल्हापुर ज़िले से दक्षिण पूर्व से २० किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आजकल पन्हाला यह किला एक पर्यटनस्थल के लिए प्रसिद्ध है। इसी पन्हाल गड का सिद्दी जोहारने घेराव किया थ ...

                                               

बेलापुर का किला

बेलापुर दुर्ग महाराष्ट्र के नवी मुम्बई में स्थित एक दुर्ग है। इस दुर्ग का निर्माण जंजीरा के सिद्दियों ने करवाया था। कालान्तर में इस पर पुर्तगाली साम्राज्य का और फ़िर मराठा साम्राज्य का आधिपत्य हो गया। १९वीं शताब्दी के आरम्भ में यहां ब्रिटिश राज क ...

                                               

मढ़ दुर्ग

मढ़ किला महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई के उत्तरी भाग में मढ़ द्वीप पर स्थित एक छोटा सा किला है। यह पुर्तगाली लोगों के अधीन भारत में द्वारा बनाया गया था। १७३९ के फरवरी माह में उनका मराठों से युद्ध हुआ, जिसमें वे यह किला हार गये एवं इस पर मराठों का ...

                                               

रतनगढ़

रतनगढ़ भारत के महाराष्ट्र राज्य के रतन वाड़ी क्षेत्र में स्थित एक किला है, जहाँ से, कृत्रिम रूप से बने सबसे पुराने जलग्रहण क्षेत्रों में से एक क्षेत्र, भंडारदारा का अत्यंत मनोहारी दृश्य दिखाई पड़ता है। यह किला लगभग 200 साल पुराना है। रतनगढ़ का शि ...

                                               

वर्ली फोर्ट

वर्ली किला मुम्बई में वर्ली में ब्रिटिश द्वारा बनाया गया था। काफ़ी समय तक इसे पुर्तगालियों ा निर्माण माना जाता रहा था, परंतु यह किला असल में ब्रिटिश ने १६७५ में बनाया था। यह किला वर्ली पहाड़ी पर बना था, माहिम की खाड़ी पर नजर रखने के लिए, जब मुम्ब ...

                                               

वसई किला

बसेन दुर्ग, जिसे फोर्ट बसेन या वसई किला भी कहते हैं, महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई गांव में स्थित एक विशाल दुर्ग है। वसाई किला एक राष्ट्रीय महत्व का स्मारक है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है। बसेन नाम पुर्तगाली शब्द "बासाइ" Baça ...

                                               

शिवनेरी दुर्ग

शिवनेरी दुर्ग या शिवनेरी किला, भारत के महाराष्ट्र राज्य के पुणे के जुन्नर गांव के पास स्थित एक ऐतिहासिक किला है। शिवनेरी छत्रपति शिवाजी का जन्मस्थान भी है। शिवाजी के पिता, शाहजी बीजापुर के सुल्तान आदिल शाह की सेना में एक सेनापति थे। लगातार हो रहे ...

                                               

सायन हिल्लक फोर्ट

सायन दुर्ग एक पहाड़ी किला है जो भारत के मुम्बई शहर में स्थित है। इसका निर्माण तात्कालीन बंबई के गवर्नर जेरार्ड अङ्गिएर द्वारा १६६९ से १६७७ के बीच ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के तहत करवाया गया था।. इसे एक शंकु आकार की पहाड़ी के ऊपर बनाया था। ...

                                               

सेवरी किला

सिवरी दुर्ग ब्रिटिश द्वारा मुम्बई के सिवरी में बनवाया गया था। इस दुर्ग का निर्माण १६८० में एक उत्खनित पहाड़ी पर मुंबई बंदरगाह पर दृष्टि बनाये रखने हेतु एक पहरे की मीनार के रूप में किया गया था।

                                               

अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पुणे

अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पुणे यह भारत के पुणे शहर में स्थित एक अभियांत्रिकी महाविद्यालय है। इसे सन १८५४ में स्थापन किया गया था। अभियांत्रिकी महाविद्यालय, गिंडी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के बाद, यह भारत और एशिया का तीसरा सबसे पुराना अ ...

                                               

पार्श्वनाथ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग

पार्श्वनाथ कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एक निजी अभियांत्रिकी कॉलेज है। यह भारत के महाराष्ट्र राज्य के ठाणे जिले में घोडबन्दर मार्ग पे कासर वदवली में स्थित है। यह कॉलेज सन १९९४ में स्थापित किया गया था और पार्श्वनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रबंधित है। यह ...

                                               

महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद

महाराष्ट्र राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (1977 में संशोधन किया है और एक सांविधिक स्वायत्तशासी महाराष्ट्र माध्यमिक बोर्ड अधिनियम 1965 के अधीन स्थापित शासकीय निकाय है।

                                               

राष्ट्रीय औद्योगिक इंजीनियरी संस्थान

राष्ट्रीय औद्योगिक इंजीनियरी संस्थान भारत के औद्योगिक इंजीनियरी संस्थानों में से अग्रणी संस्थान है। यह मुम्बई के पवई में विहार झील के पास स्थित है। पहले इसका नाम राष्ट्रीय प्रशिक्षण एवं औद्योगिक इंजीनियरी संस्थान था।

                                               

ज़ोखाव्थर

ज़ोखाव्थर पूर्वोत्तरी भारत के मिज़ोरम राज्य के चम्फाई ज़िले में स्थित एक ग्राम है। यह भारत व बर्मा की सीमा पर स्थित है और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग ६ यहाँ समाप्त होता है।

                                               

उमरोई

उमरोई भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के री भोई जिले में एक गांव है। यह जिला मुख्यालय नोंगपोह से लगभग २० किलोमीटर दक्षिण दिशा में स्थित है। यह राज्य की राजधानी शिलांग से ३० किलोमीटर उत्तर पूर्व में स्थित है।

                                               

जकरेम

जकरेम भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की राजधानी शिलांग से ६४ किमी दूर मावकिर्वाट ब्लॉक स्थित एक ग्राम है। यह अपने गर्म जल के सोतों के लिये जाना जाता है। यहां मेघालय में अन्य पर्यटक स्थलों की तरह घनी आबादी नहीं मिलती है। इस क्षेत्र में गर्म गन्धक ...

                                               

टिनरॉन्ग

टिनरॉन्ग भारतीय राज्य के मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स जिले में माशिनरुत तहसील के अन्तर्गत एक मध्यम आकार ग्राम है। यह सब-जिला मुख्यालय माशिनरुत से २० किमी दूऔर जिला मुख्यालय नोंगस्टोइन से ३३ किमी दूर स्थित है।

                                               

डैन थ्लेन प्रपात

इस प्रपात का नाम इस क्षेत्र में कभी रहने वाले अजगर के नाम पर पड़ा है जिसे स्थानीय खासी भाषा में थ्लेन कहते हैं। लोककथाओं के अनुसार इस गाँव के निवासियों को यह अजगर बहुत परेशान किया करता था। कई लोग इसकी भेंट चढ़ चुके थे। एक दिउन लोगों को यह अजगर मि ...

                                               

नोंगखाइलेम वन्य जीवन अभयारण्य

नोंगखाईलेम वन्य जीवन अभयारण्य मेघालय राज्य के री भोई जिले में लाईलाड ग्राम के निकट स्थित एक अभयारण्य है। यह पूर्वोत्तर भारत के सबसे सुन्दर एवं लोकप्रिय अभयारण्यों में से एक है। इसका विस्तार २९ किमी के क्षेत्र में है और यह यहां के पर्यटक गंतव्यों ...