ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 371




                                               

राज्य सभा के उपाध्यक्ष

राज्य सभा के उपसभापति राज्यसभा के सभापति के अभाव में राज्य सभा की कार्यवाही की अध्यक्षता करते हैं। भारत के उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा के सभापति होते है। राज्य सभा के उपसभापति राज्य सभा द्वारा आंतरिक रूप से चुने जाते हैं।

                                               

केरन, जम्मू और कश्मीर

केरन भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के कुपवाड़ा ज़िले में स्थित एक शहर है, जो ज़िले में तहसील का दर्जा भी रखता है। यह किशनगंगा नदी के किनारे बसा हुआ है और किशनगंगा घाटी में स्थित है। यह नियंत्रण रेखा पर स्थित है और उसके पार पाक-अधिकृत कश्मीर में भ ...

                                               

चंडीमढ़

अगर आप पंजाब व हरियाणा की राजधानी ढूंढ रहे हैं तो चंडीगढ़ का लेख देखें चंडीमढ़ भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के पुंछ ज़िले का एक गाँव है। यहाँ से उत्तर में सूरनकोट और दक्षिण में थनामंडी है। पास ही नूरी छम्ब जलप्रपात है।

                                               

लिद्दर घाटी

लिद्दर घाटी भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में लिद्दर नदी द्वारा निर्मित एक हिमालय उप-घाटी है जो कश्मीर घाटी का उत्तरी-पूर्वी भाग है। लिद्दर घाटी में प्रवेश का मार्ग अनंतनाग शहर से सात किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है तथा यह श्रीनगर, जो जम्मू कश् ...

                                               

लोलाब घाटी

लोलाब घाटी भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के कुपवाड़ा ज़िले में स्थित एक पर्वतीय घाटी है। घाटी में प्रवेश कुपवाड़ा शहर से 9 किमी उत्तर में है और इसका मध्य बिन्दु राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी, श्रीनगर से 114 किमी दूर है। लोलाब घाटी 24 किमी लम्बी औ ...

                                               

कुल्लू घाटी

कुल्लू घाटी भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित एक हिमालय की घाटी है। ब्यास नदी इसमें मनाली से आगे बहती है। यह धाटी अपने मंदिरों और चीड़ व देवदार से ढके ऊँचे पहाड़ों और सेब के बाग़ान के लिए जानी जाती है। कुल्लू घाटी पीर पंजाल पर्वतमाला और मध्य ...

                                               

नूरी छम्ब

नूरी छम्ब जलप्रपात भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के पुंछ ज़िले में स्थित एक जलप्रपात है। यह पुंछ नदी पर उस नदी के नदीशीर्ष के समीप स्थित है और एक पर्यटक स्थल है। पास ही चंडीमढ़ गाँव है।

                                               

सियार बाबा जलप्रपात

सियार बाबा जलप्रपात भारत के जम्मू और कश्मीर के रियासी ज़िले में स्थित एक जलप्रपात है। यह चनाब नदी पर रियासी शहर से लगभग 52.8 किमी की दूरी पर है।

                                               

आम्बोली घाट जलप्रपात

आम्बोली घाट जलप्रपात महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग ज़िले में स्थित एक जलप्रपात है। यह 690 मीटर की ऊँचाई पर स्थित एक रमणीय पहाड़ी क्षेत्र है। समीप ही गोवा राज्य की सीमा है।

                                               

अंशुपा झील

अंशुपा झील ओड़शा राज्य का दुसरा बड़ा झील है। यह झील महानदी के वाम भाग में कटक जिल्ला में आता हे और कटक से यह झील 40 km दूर स्थित है। इस झील के निकट सारदा नामक पर्वत और वाँस व आम के घने जंगल पायाजाता है और पर्यटकोँ के लिये अंशुपा में जलविहार तथा म ...

                                               

वेल्‍लयानी झील

वेल्‍लयानी झील केरल की वर्षापोषित ताजे जल वाली तीन झीलों में से एक है, जिसे वेल्‍लयानी कायल के नाम से भी पुकारा जाता है। यह रमणीय झील चारों तरफ हरियाली से घिरी है और तिरूवनंतपुरम शहर से लगभग नौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वेल्‍लयानी झील विभिन्‍ ...

                                               

कौसरनाग

कौसरनाग या विष्णुपाद जम्मू और कश्मीर के कुलगाम जिले के पीर पंजाल पर्वतश्रेणी में ऊंचाई पर स्थित एक झील है। यह झील लगभग ३ किमी लम्बी है। इसकी अधिकतम चौड़ाई लगभग १ किमी है।. इस झील पर पहुंचने का मार्ग अहरबल नामक प्रसिद्ध जलप्रपात से होकर जाता है।

                                               

ऊटी झील

ऊटी झील तमिल नाडु के नीलगिरि जिले की एक झील हैं। यह झील 2.5 किमी लंबी है। यहां आने वाले पर्यटक बोटिंग और मछली पकड़ने का आनंद ले सकते हैं। मछलियों के लिए चारा खरीदने से पहले आपके पास मछली पकड़ने की अनुमति होनी चाहिए। यहां एक बगीचा और जेट्टी भी है। ...

                                               

तिल्यार झील

तिल्यार झील रोहतक जिला, हरियाणा राज्य में २ किमी की दूरी पर दिल्ली मार्ग पर स्थित है। इसमें बहुत से पशु, पक्षी व पेड़, पौधे हैं। नौकायन की सुविधा यहाँ पर्यटन को बढ़ावा देती है। यह झील पीरागढ़ी चौक दिल्ली, दिल्ली बॉर्डर / 55 किलोमीटर से 42 किलोमीट ...

                                               

बड़खल झील

फरीदाबाद में स्थित बड़खल झील बहुत ही खूबसूरत है। यह मानव निर्मित झील है। इसके पास अरावली पर्वत श्रृंखला है। झील में पर्यटक जलक्रीडा़ओं वाटर स्पोर्टस का आनंद ले सकते हैं। यहां से थोड़ी दूरी पर बड़खल गांव है। इस गांव का नाम पर्शियन भाषा से लिया गया ...

                                               

नमका चू

नमका चू भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य के तवांग ज़िले में बहने वाली एक नदी है। न्यामजांग चू इसकी एक उपनदी है जो तिब्बत से बहकर आती है और नमका चू में मिल जाती है। 1962 भारत-चीन युद्ध में इस नदी की घाटी में घमासान लड़ाई हुई थी।

                                               

सुमदोरोंग चू

सुमदोरोंग चू भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य के तवांग ज़िले में बहने वाली एक नदी है। यह नमका चू और न्यामजांग चू के संगम स्थल से पूर्वोत्तर में बहती है। सुमदोरोंग चू घाटी में 1987 भारत-चीन झड़प हुई थी, जिसमें किसी जान की हानि नहीं हुई।

                                               

उटंगन नदी

उटंगन नदी, जो गम्भीर नदी भी कहलाती है, भारत के राजस्थान व उत्तर प्रदेश राज्यों में बहने वाली एक नदी है। यह राजस्थान में करौली ज़िले में अरावली पहाड़ियों में उत्पन्न होती है। धौलपुर ज़िले में इसका कुछ भाग राजस्थान व उत्तर प्रदेश की राज्य सीमा निर् ...

                                               

कठना नदी

कठना नदी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद से निकलकर सीतापुर जनपद में गोमती से मिल जाती है। यह जंगली क्षेत्र से प्रवाहित होती है । शाखू के जंगलों के मध्य से गुजरने वाली इस नदी का ऐतिहासिक एवं सामाजिक महत्व है, साथ ही वन्य जीवों के लिए यह नदी और इसका ज ...

                                               

ब्रम्हाणी नदी

ब्राह्मणी नदी का उदगम दुमका ज़िले के उत्तर में स्थित दुधवा पहाड़ी से होता है। यह दामिनी-ए-कोह में झिलीमिली और मोसनिया बंग्ला होते हुए बहती है। यह दरिन मौलेश्वर के पास दुमका ज़िले को छोड़कर झारखण्ड से बाहर निकलती हुई नलहाती रेलवे स्टेशन के पास गंग ...

                                               

मझुई नदी

मझुई नदी भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से निकलकर आज़मगढ़ में अहरौला के शमसाबाद होते हुए फूलपुर तहसील स्थित दुर्वासा धाम नामक स्थान पर तमसा नदी में मिलती है। नदी की कुल लंबाई लगभग 40 किलोमीटर और जलग्रहण क्षेत्र 213 वर्ग किलोमीटर है।

                                               

तुंगा नदी

तुंगा नदी कर्नाटका राज्य,दक्षिण भारत की एक नदी है। इस नदी का जन्म गंगामूला नाम की जगह पर स्थित पहारी वराहा पर्वत के पश्चिमी घाटों पर होता है। यहाँ से ये नदी दो जिलों से होकर गुजरती है और इन दो जिलों का नाम कर्नाटक-चिकमगलूर जिला और शिमोगा जिला हैं ...

                                               

कल्लड़ा नदी

कल्लड़ा नदी भारत के केरल राज्य के कोल्लम ज़िले की दो बड़ी नदियों में से एक है। यह तीन नदियों - कुलातुपुड़ा, चेन्डूरनी, कालतुरुती - के संगम से बनती है जिनका पानी पश्चिमी घाट से उतरता है। पालरुवी जलप्रपात भी नदी में पानी जोड़ता है। आगे जाकर कल्लड़ा ...

                                               

तोटुपुऴायार नदी (थोडुपुज़ायार)

साँचा:Rivers of Kerala तोडुपुज़ायार തൊടുപുഴയാർ नदी केरल के मूवाट्टुपुज़ायार नदी के एक शाखा है और करीब ५० की मी दूर है। यह मूलामट्टमं के आसपास के जैसे इलप्पल्ली झर्ना, वागामण, कुडायात्तूर, आदी पाहाडीयों से उद्भव होता है और मूलामट्टमं पावर हाउस से ...

                                               

जुवारी नदी

जुवारी नदी भारत के गोवा राज्य में बहने वाली सबसे लम्बी नदी है। यह एक ज्वारीय नदी है। इस नदी का उद्गम पश्चिमी घाट में स्थित हेमद-बार्शम में है। जुवारी नदी को आन्तरिक क्षेत्रों में अघनाशिनी नाम से भी जाना जाता है। यह नदी दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहती ...

                                               

माण्डवी नदी

माण्डवी नदी, जिसे मांडोवी, महादायी या महादेई तथा कुछ स्थानों पर गोमती नदी के नाम से भी जाना जाता है, भारत के राज्य कर्नाटक और गोवा से होकर बहने वाली एक नदी है। इस नदी को गोवा राज्य की जीवन रेखा के रूप में वर्णित किया जाता है साथ ही यह ज़ुआरी नदी ...

                                               

छत्तीसगढ़ की नदियाँ

यह छत्तीसगढ़ प्रदेश की जीवन रेखा और छत्तीसगढ़ की गंगा कहा जाता है। महानदी धमतरी जिले के सिहावा पर्वत से 42 मीटर की ऊंचाई से निकलकर दक्षिण-पूर्व की ओर से उड़ीसा के पास से बहते हुये बंगाल की खाड़ी में समा जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य में इसकी लम्बाई 28 ...

                                               

हसदेव नदी

हसदेव नदी महानदी की प्रमुख सहायक नदी है तथा कोरबा के कोयला क्षेत्र में तथा चांपा मैदान में प्रवाहित होने वाली प्रमुख नदी है। यह नदी koriya जिले की कैमूर की पहाड़ियों से निकलकर कोरबा, बिलासपुर जिलों में बहती हुई महानदी में मिल जाती है। हसदेव का अध ...

                                               

तवी नदी

तवी नदी उत्तर भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में बहने वाली एक नदी है, जिसे जम्मू प्रांत की जीवन रेखा समझी जाती है। यह नदी चिनाब नदी की सहायक नदी है। यह नदी का उद्गम कैलास कुंड ग्लेशियर के आसपास के इलाके से होता है और पाकिस्तान में जाकर चिनाब नदी म ...

                                               

पुंछ नदी

पुंछ नदी भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में बहने वाली एक नदी है। यह झेलम नदी की एक मुख्य उपनदी है। इसका कुछ अंश पाक-अधिकृत कश्मीर में भी बहता है।

                                               

कूवम नदी

कूवम नदी तमिल नाडु राज्य की प्रसिद्ध नदी है, जो चेन्नई में बंगाल की खाड़ी से मिलती है। यह नदी चेन्नई शहर के एकदम बीच से निकलती है, तो शहर को दो समान भगों में विभाजितक रती है। कूवम नाम तमिल साहित्य से लिया गया लगता है। तमिल में भुमिगत जल स्रोतों, ...

                                               

ताम्रपर्णी नदी

ताम्रपर्णी नदी एक है बारहमासी नदी है जो अगसत्यरकूदम शिखर से निकलती है यह शिखर पश्चिमी घाटों की अगस्त्य मलय की पहाड़ियों में स्थित है, जो अम्बासमुद्रम तालुक में पापनाशम के ऊपर स्थित है। यह दक्षिणी भारत के तमिलनाडु राज्य के तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन ...

                                               

पहराली नदी

पहराली नदी, जो पारालियार नदी भी कहलाती है, भारत के तमिल नाडु राज्य के कन्याकुमारी ज़िले में बहने वाली एक नदी है। यह महेंद्रगिरि की ढलानों से आरम्भ होती है। मातूर जलवाही सेतु इसके ऊपर से निकलता है और एशिया का सबसे लम्बा जलवाही सेतु है। पहराली नदी ...

                                               

कंगसाबती नदी

कंगसाबती नदी भारत के पश्चिम बंगाल राज्यों में बहने वाली एक नदी है। यह छोटा नागपुर पठार में पुरुलिया ज़िले में झालदा के समीप स्थित मुरग्राम बस्ती के पास उत्पन्न होती है और बाँकुड़ा ज़िले व पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले से गुज़रकर बंगाल की खाड़ी में बह जा ...

                                               

द्वारकेश्वर नदी

द्वारकेश्वर नदी भारत के पश्चिम बंगाल राज्यों में बहने वाली एक नदी है। यह छोटा नागपुर पठार में पुरुलिया ज़िले में उत्पन्न होती है और बाँकुड़ा ज़िले से गुज़रकर, हुगली ज़िले में घाटाल के समीप सिलाई नदी से संगम करती है, जिसके बाद यह रूपनारायण नदी कहल ...

                                               

मातला नदी

मातला नदी भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के दक्षिण २४ परगना ज़िले में बहने वाली एक नदी है जो एक चौड़ा ज्वारनदीमुख बनाती है। मकर संक्रान्ति के पर्व पर दक्षिण बिश्नुपुर ग्राम में मातला व आदि गंगा नदियों के संगमस्थल में हर वर्ष ३,००,००० श्रद्धालु स्नान ...

                                               

रंगीत नदी

रंगीत या रंगित टिस्टा नदी की सहायक नदी है, सिक्किम की जीवन रेखा समझी जानेवाली दो ही बड़ी नदियाँ हैं। रंगीत नदी पश्चिम बंगाल के टिस्टा बजार के समीप टिस्टा नदी से मिलती है। ६० मेगावाट का विद्युत उत्पादन भी इसी नदी में सिक्किम और पश्चिमी बंगाल की सी ...

                                               

इंदौरी नदी

इस नदी का उद्गम मेवात जिलों के नूँह के निकट पहाड़ियों से होता है. प्राचीन इंदौरी जिले के निकट से उद्गम के कारण इसे इंदौरी नदी कहा जाता है.यह छोटी नदी दो शाखाओं में बंट जाती है. एक शाखा रेवाड़ी जिले की सीमा पर साहिबी नदी से मिलती है तथा दूसरी शाखा ...

                                               

जाखम नदी

जाखम नदी राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी की पहाड़ियों के दक्षिण-पश्चिम में निकलती है और उदयपुर जिले के पहाड़ी क्षेत्रों से होते हुए दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहती है। बिलारा गाँव के पास ये सोम नदी में मिल जाती है। इस नदी पर जाखम परियोजना क ...

                                               

भगाणी नदी

राजस्थान में अरावली पर्वत माला में स्थित सरिस्का की खूबसूरत और हरी-भरी ऊंची पहाड़ियों के बीच पत्थरों पर धारा प्रवाह सरकती हुई एक नदी है भगाणी। इसका उद्गम नौवीं सदी पुराने नीलकंठ मन्दिऔर दसवीं सदी के गढ़-राजौर जैसे पुरातात्विक महत्व के स्थल व ऐतिह ...

                                               

सरसा नदी (राजस्थान)

सरसा नदी की मुख्य धारा राजस्थान के पूर्वोत्तर में स्थित अलवर जिले की तहसील थानागाजी के अन्तर्गत आने वाले अंगारी, गुढा किशोर दास व मैजोड़ गाँवों की सीमाओं से निकल कर दक्षिण की ओर जयसिंहपुरा, डेरा, बामनवास, किशोरी, भीकमपुरा आदि गांव के समीप से गुजर ...

                                               

कैलाशगिरी

कैलाशगिरी भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम शहर में एक पहाड़ी पर स्थित पार्क है। यह पार्क विशाखापत्तनम मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा विकसित किया गया था और इसमें 380 एकड़ भूमि शामिल है जो वनस्पतियों और उष्णकटिबंधीय पेड़ों से ...

                                               

बिन्दुसागर झील

बिन्दुसागर झील उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है, यहाँ की अन्य झीलों से यह काफ़ी बड़ी और ख़ूबसूरत है। लिंगराज मन्दिर के उत्तर में स्थित चारों ओर पत्थरों के घेरे में 1.300 फुट लम्बी व 700 फुट चौड़ी यह झील भुवनेश्वर की सबसे बड़ी झील है। कहा ...

                                               

मुक्‍तेश्‍वर मन्दिर

मुक्‍तेश्‍वर मन्दिर भुवनेश्वर के ख़ुर्द ज़िले में स्थित है। मुक्‍तेश्‍वर मन्दिर दो मन्दिरों का समूह है: परमेश्‍वर मन्दिर तथा मुक्‍तेश्‍वर मन्दिर। मुक्तेश्वर मन्दिर भगवान शिव को समर्पित है और यह मन्दिर एक छोटी पहाड़ी पर बना हुआ है इस मन्दिर तक पहु ...

                                               

हाथीगुम्फा शिलालेख

मौर्य वंश की शक्ति के शिथिल होने पर जब मगध साम्राज्य के अनेक सुदूरवर्ती प्रदेश मौर्य सम्राटों की अधीनता से मुक्त होने लगे, तो कलिंग भी स्वतंत्र हो गया। उड़ीसा के भुवनेश्वर नामक स्थान से तीन मील दूर Tejउदयगिरि नाम की पहाड़ी है, जिसकी एक गुफा में ए ...

                                               

कर्नाटक का स्थापत्य

प्राचीनकाल से कर्नाटक का स्थापत्य इसके दक्षिणी नियोलिथिक और शुरूआती लौह युग से से आरम्भ होता है जिसने धार्मिक-सांस्कृतिक रूप से वास्तुशिल्प वैचारिक और उपयोगितावादी परिवर्तन देखे।

                                               

डुमस बीच

गुजरात के सूरत शहर के दक्षिण क्षेत्र मे स्थित डुमस बीच सूरत एवम नजदीकी शहरो के लिए घूमने का एक अच्छा विकल्प है। जो सूरत एयरपोर्ट से केवल 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर है। डुमस गाँव का इतिहास भी काफी भाव्य एवम रोमांचक है। यहां ज़्यादातर मछुआरे की बसा ...

                                               

शबरी धाम

शबरी धाम दक्षिण-पश्चिम गुजरात के डांग जिले के आहवा से 33 किलोमीटर और सापुतारा से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर सुबीर गांव के पास स्थित है। माना जाता है कि शबरी धाम वही जगह है जहां शबरी और भगवान राम की मुलाकात हुई थी। शबरी धाम अब एक धार्मिक पर्यटन स ...

                                               

अखनूर किला

अखनूर किला चनाब नदी के किनारे पर स्थित एक किला है, जिसका निर्माण १८०२ में राजा आलम सिंह ने करवाया था। वास्तव में राजा तेग सिंह के कहने पर १७६२ में किले का निर्माण शुरू हुआ और १८०२ में उनके बेटे राजा आलम सिंह ने पूरा किया। यह ऐतिहासिक किला जम्‍मू ...

                                               

वेरीनाग

वेरिनाग भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में अनंतनाग जिले में स्थिति तहसील के साथ एक पर्यटन स्थल और एक अधिसूचित क्षेत्रीय समिति है। यह अनंतनाग से लगभग 26 किलोमीटर दूऔर श्रीनगर से लगभग 78 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व है जो जम्मू और कश्मीर राज्य की गर्मियों ...