ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 370




                                               

राँढीया (अमरेली)

राँढीया भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। राँढीया गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ब ...

                                               

राजस्थली (अमरेली)

राजस्थली भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। राजस्थली गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ...

                                               

रीकडीया (अमरेली)

रीकडीया भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। रीकडीया गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ब ...

                                               

लापालिया (अमरेली)

लापालिया भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। लापालिया गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ...

                                               

लालावदर (अमरेली)

लालावदर भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। लालावदर गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ब ...

                                               

वडेरा (अमरेली)

वडेरा भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। वडेरा गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, बाजरा ...

                                               

वरसडा (अमरेली)

वरसडा भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। वरसडा गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, बाजरा ...

                                               

वाँकीया (अमरेली)

वाँकीया भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। वाँकीया गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ब ...

                                               

विठ्ठलपुर (अमरेली)

विठ्ठलपुर भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। विठ्ठलपुर गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहाँ पे गेहूँ, मूँगफली, ...

                                               

वेणीवदर (अमरेली)

वेणीवदर भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। वेणीवदर गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकल कारीगरी है। यहाँ पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ब ...

                                               

शँभुपरा (अमरेली)

शँभुपरा भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। शँभुपरा गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहाँ पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ...

                                               

शेडुभार (अमरेली)

शेडुभार भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। शेडुभार गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ब ...

                                               

सणोसरा (अमरेली)

सणोसरा भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। सणोसरा गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, बाज ...

                                               

सरँभडा (अमरेली)

सरँभडा भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। सरँभडा गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहाँ पे गेहूँ, मूँगफली, तल, बा ...

                                               

साँगाडेरी (अमरेली)

साँगाडेरी भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। साँगाडेरी गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, त ...

                                               

साजीयावदर (अमरेली)

साजीयावदर भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। साजीयावदर गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहाँ पे गेहूँ, मूँगफली, ...

                                               

सुरगपुरा (अमरेली)

सुरगपुरा भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। सुरगपुरा गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहाँ पे गेहूँ, मूँगफली, तल ...

                                               

सोनारीया (अमरेली)

सोनारीया भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। सोनारीया गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ...

                                               

हरिपुरा अरोडा

हरिपुरा भारतीय राज्य गुजरात के सबर कांटा जिले का एक गाँव है। यहाँ के लोगों का प्रमुख व्यवसाय कृषि और पशु है। गांव मुख्य रूप से गेहूं, धनिया, बाजरा, कपास, अरंडी की फसल उगाई जाती है। गाँव में शैक्षणिक संस्थानों के रूप में प्राथमिक स्कूल और हाई स्कू ...

                                               

हरीपुरा (अमरेली)

हरीपुरा भारत देश में गुजरात प्रान्त के सौराष्ट्र विस्तार में अमरेली जिले के ११ तहसील में से एक अमरेली तहसील का महत्वपूर्ण गाँव है। हरीपुरा गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती, खेतमजदूरी, पशुपालन और रत्नकला कारीगरी है। यहा पे गेहूँ, मूँगफली, तल, ब ...

                                               

बाजबहादुर

मियान बाईज़िद बाज बहादुर खान, माल्वा के अंतिम सुल्तान थे, जिन्होंने 1555 से 1562 तक राज्य किया। वह रूपमती के साथ अपने रोमानी संपर्क के लिए जाना जाता है। pp.सुलतान के रूप में बाज बहादुर अपने राज्य की देखभाल करने के लिए परेशान नहीं हुए और उन्होंने ...

                                               

नवागढ़

नवागढ़ बेमेतरा जिले में है। पहले यह अवभाजित दुर्ग जिले में था। यह दुर्ग से इसकी दूरी करीब 100 कि०मी० और बेमेतरा से 25 कि०मी० है। यह मुंगेली व बेमेतरा जिले के ठीक मध्य में स्थित है। मंदिरों की नगरी कहा जाने वाला नवागढ़ अपने आप में पुरातात्विक इतिह ...

                                               

सपोस

सपोस भारतीय राज्य छत्तीसगढ़ के महासमुन्द ज़िले का एक गाँव है। इसे ग्रीन गाँव का दर्जा दिया गया है। इस गाँव में नित्य सुबह भारत का राष्ट्रगान गाया जाता है, जिसके लिये यह प्रसिद्ध है

                                               

छत्तीसगढ़ के साहित्यकार

छत्तीसगढ़ के प्रमुख साहित्यकार इस प्रकार हैं: ।- * कुबेर जन्मतिथि - 16 जून 1956 प्रकाशित कृतियाँ 1 - भूखमापी यंत्र कविता संग्रह 2003 2 - उजाले की नीयत कहानी संग्रह 2009 3 - भोलापुर के कहानी छŸाीसगढ़ी कहानी संग्रह 2010 4 - कहा नहीं छŸाीसगढ़ी कहानी ...

                                               

छत्तीसगढ़ के उत्सव

छेरछेरा-छेर-छेरा पुन्नी के नाम से जाने वाला यह त्योहाहर साल पौष मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन दान करने से घर में अनाज की कभी कमी नहीं होती।एवं गांव में छोटे छोटे बच्चे दुसरो के घर जाकर धान मांगते हैं।

                                               

छत्तीसगढ़ के मेले

विविधतापूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न स्वरुप के मेलों का लंबा सिलसिला है, इनमें मुख्यतः उत्तर-पूर्वी क्षेत्र यानि जशपुर-रायगढ़ अंचल में जतरा अथवा रामरेखा, रायगढ़-सारंगढ़ का विष्णु यज्ञ-हरिहाट, चइत-राई और व्यापारिक मेला, कटघोरा-कोरबा अंचल का बा ...

                                               

छत्तीसगढ़ के जल प्रपात

जगदलपुर से 39 किलोमीटर दूर इन्द्रावती नदी पर यह जलप्रपात बनता है। समीक्षकों ने इस प्रपात को आनन्द और आतंक का मिलाप माना है। 90 फुट उपर से इन्द्रावती की ओजस्विन धारा गर्जना करते हुये गिरती है। इसके बहाव में इन्द्रधनुष का मनोरम दृश्य, आल्हादकारी है ...

                                               

दलपत सागर

दलपत सागर एक झील है जो जगदलपुर के भीतर स्थित है। यह छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में से एक है। वर्षा जल को जमा करने के लिए इसे ४०० से अधिक वर्ष पहले राजा दलपत देव ककातिया ने बनवाया था। इस झील के मध्य में एक द्वीप है जिस पर एक प्राचीन मंदि ...

                                               

बाँस गीत

बाँस गीत, छत्तीसगढ़ की यादव जातियों द्वारा बाँस के बने हुए वाद्य यन्त्र के साथ गाये जाने वाला लोकगीत है। बाँस गीत के गायक मुख्यत: रावत या अहीर जाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में राउतों की संख्या बहुत है। राउत जाति यदूवंशी माना जाता है। अर्थात इनका पू ...

                                               

कुलेश्वर मंदिर,राजिम,रायपुर

कुलेश्वर मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद जिले में राजिम नगर में स्थित है। यह स्मारक छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा संरक्षित है। पुरातत्वीय धार्मिक एवं सांस्कृति महत्व का स्थल राजिम रायपुर से 48 कि॰मी॰ दक्षिण में महानदी के दक्षिण तट पर स्थित है जहां पैर ...

                                               

चितावरी देवी मंदिर,धोबनी,रायपुर

चितावरी देवी मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में रायपुर-बिलासपुर रोड पर रायपुर नगर से ५७ कि॰मी॰ दूर स्थित दामाखेड़ा नामक प्रसिद्ध स्थल से २ किलोमीटर की दूरी पर धोबनी नामक गांव में तालाब के किनारे प्रस्तर और ईंट से निर्मित है। ऊंची जगती पर नि ...

                                               

प्राचीन ईंटों का मंदिर,नवागाँव,रायपुर

प्राचीन ईंटों का मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में नागपुर-संबलपुर राष्ट्रीय मार्ग पर रायपुर से १९ कि॰मी॰ पर स्थित नवागांव में तालाब की मेड़ पर स्थित है। ऊंचे चबूतरे पर विद्यमान इस पूर्वाभिमुखी मंदिर में गर्भगृह, अन्तराल एवं मण्डप तीन अंग ह ...

                                               

महामाया मंदिर,रतनपुर,बिलासपुर

महामाया मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले में रतनपुर नगर में स्थित है। यह स्मारक छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा संरक्षित है। यह मंदिर ५१ शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर लगभग १२वीं शताब्दी में निर्मित माना जाता है। मंदिर के अंदर महामाया माता का मंद ...

                                               

मावली देवी मंदिर,तरपोंगा,रायपुर

मवाली देवी मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में यह मंदिर रायपुर से ६२ किलोमीटर तथा रायपुर-बिलासपुर रोड पर स्थित विश्रामपुर से ३ कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित तरपोंगा ग्राम में शिवनाथ नदी के दक्षिण तट पर स्थित है। वास्तव में यह प्राचीन ध्वस्त मंदिर ...

                                               

विष्णु मंदिर, बानवरद, दुर्ग

विष्णु मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले में नंदिनी नगर अहिवारा के समीप बानवरद नगर में स्थित है। यह स्मारक छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा संरक्षित है। अनुमान है कि इस मंदिर का निर्माण वाकाटक वंश या गुप्त वंश के राजाओ द्वारा कराया गया था चूँकि यहाँ के क ...

                                               

शिव मंदिर,गिरौद,रायपुर

शिव मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में गिरौद नगर में स्थित है। यह स्मारक छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा संरक्षित है। जो धरसीवां विकास खंड मे आता है यह रायपुर शहर के पास स्थित है जो छत्तीसगढ़ के आदर्श ग्राम मे सम्मिलित है यह ग्राम औद्योगिक नगर मे स् ...

                                               

शिव मंदिर,चंदखुरी,रायपुर

शिव मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में राष्ट्रीय राज मार्ग क्रमांक NH-53 नागपुर-सम्बलपुर रोड पर १६ कि॰मी॰ पर स्थित मंदिर हसौद से १२ किलोमीटर दूर चंदखुरी गांव में अवस्थित है। इस मंदिर का निर्माण १०-११ वीं शती ईस्वी में हुआ था किन्तु इस मंदिर ...

                                               

शिव मंदिर,बेलसर हर्राटोला,सरगुजा

यह जीर्ण प्राचीन शिव मंदिर, सरगुजा जिले में अंबिकापुर-कुसमी रोड पर स्थित शंकरगढ़, विकासखण्ड मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर स्थित बेलसर गांव के हर्राटोला मुहल्ला में महा नदी तथा केरछान नामक नाला के संगम पर स्थित है। यहां पर 8वीं शती ईस्वी में निर्मित ...

                                               

सिद्धेश्वर मंदिर, पलारी, रायपुर

सिद्धेश्वर मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में रायपुर से बलोदाबाजार रोड पर ७० कि॰मी॰ दूर स्थित पलारी ग्राम में बालसमुंद तालाब के तटबंध पर यह शिव मंदिर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण लगभग ७-८वीं शती ईस्वी में हुआ था। ईंट निर्मित यह मंदिर पश्चि ...

                                               

छत्तीसगढ़ राज्य के पर्यटन स्थल

सातधारा जलप्रपात: इंद्रावती नदी पर चित्रकोट जलप्रपात: जगदलपुर से 40 कि.मी. और रायपुर से 273 कि.मी. की दूरी पर स्थित यह जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा, सबसे चौड़ा और सबसे ज्यादा जल की मात्रा प्रवाहित करने वाला जलप्रपात है। यहां इंद्रावती नदी का ज ...

                                               

रानीदाह

रानीदाह जल प्रपात छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले में स्थित है यह जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दुरी में घने जंगलों एवम पहाड़ो के बीच स्थित सूंदर और मनमोहक झरना है और पर्यटन का केंद्र भी है गर्मी के मौसम में इसमें पानी ना के बराबर होता है कि ...

                                               

झारखंड का इतिहास

झारखंड के कुछ स्थानों में जीवाश्म के कुछ अंश उन कलाकृतियों की ओर इशारा करते हैं जिससे यह पता चलता है कि छोटानागपुर क्षेत्र में होमो इरेकटस से होमो सिपियंस जाति में बदलाव को दर्शाता है। यहाँ पत्थर और अन्य उपकरण, सभ्यताओं के प्रारंभिक वर्षों से 300 ...

                                               

मांझी विद्रोह

मांझी विद्रोह १७८४ में तिलका मांझी के नेतृत्व में प्रारम्भ हुआ आंदोलन है। १७८५ में तिलका मांझी को फांसी दे देने के बाद इसका नेतृत्व भागीरथी मांझी ने किया।

                                               

रामगढ़ रियासत

रामगढ राज ब्रितानी राज का एक बड़ा ज़मींदार ठिकाणा था। यह तत्कालीन बिहार प्रदेश में था। वर्तमान में रामगढ के क्षेत्र रामगढ़, हज़ारीबाग, कोडेरमा और बोकारो में बंटा हुआ है। यह पूरा क्षेत्र कोयला और अभ्रक जैसे खनिज पदार्थों की भरमार वाला है। रामगढ़ र ...

                                               

जोलो

जोलो एक छोटा सा गाव है। झारखण्ड राज्य के गुमला जिला के बसिया थाने के अन्त‍र्गत कुम्हारी के पास जोलो स्थित है। कई सौ परिवार के लोग इस गाव में रहते हैं। मिन्ज गोत्र के लोग यही से अनेक जगहो पर गए हैं। जोलो में कुड़ुख लोग आधिक है।

                                               

टुंडी

धनबाद जिला के अन्तर्गत टुंडी एक विधानसभा क्षेत्र है। यह गोविंदपुर गिरीडीह मुख्य मार्ग पर स्थित है। यह क्षेत्र अभी भी आधुनिकता से अछुता है। ग्रामीण आदिवासी परिवेश समाज की झलक देखने को मिलती है। टुंडीवाशी जंगली हाथियों के कहर से परेशान है। किसानों ...

                                               

पटमदा

पटमदा झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित कस्बा है। यह एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है। पटमदा के पास माचाबिरला गाँव है, जहां ब्रितानी काल में नील की खेती होती थी। अभी भी वहाँ नील की भट्टियाँ स्थित हैं हालांकि ये बंद पड़ी है लेकिन ब्रिटिश काल का एक ...

                                               

भंडरिया

भंडरिया गाँव झारखण्ड के गढवा जिले में एक गाँव और इसी नाम के एक प्रखण्ड का मुख्यालय है जो कि गढवा से 70 कि॰मी॰ की दूरी पर है। यह गढवा से दक्षिण-पूर्वी कोने में है।

                                               

सिपाहीजोला वन्य जीवन अभयारण्य

सिपाहीजोला वन्य जीवन अभयारण्य भारत के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में स्थित एक अभयारण्य है। यह अभयारण्य 18.53 वर्ग किलोमीटर में विस्तृत है और बिशालगढ़ में नगर केन्द्र से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है।

                                               

गढ़पुरा

गढ़पुरा- बिहार के बेगूसराय जिले का एक गांव के साथ प्रखंड मुख्यालय भी है। यह क्षेत्र नमक सत्याग्रह से जुड़ा हुआ है। यहां बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह के नेतृत्व में सिमरिया से गंगा जल लेकर अपनें हजारों सहयोगियों के साथ पदयात्रा कर सा ...