ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 306




                                               

क्लोरीन

क्लोरीन, फीका हरा) एक रासायनिक तत्व है, जिसकी परमाणु संख्या १७ तथा संकेत Cl है। ऋणात्मक आयन क्लोराइड के रूप में यह साधारण नमक में उपस्थित होती है और सागर के जल में घुले लवण में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। सामान्य तापमान और दाब पर क्लोरीन गैस क ...

                                               

नाइट्रोजन

नाइट्रोजन, भूयाति या नत्रजन एक रासायनिक तत्व है जिसका प्रतीक N है। इसका परमाणु क्रमांक 7 है। सामान्य ताप और दाब पर यह गैस है तथा पृथ्वी के वायुमण्डल का लगभग 78% नाइट्रोजन ही है। यह सर्वाधिक मात्रा में तत्व के रूप में उपलब्ध पदार्थ भी है। यह एक रं ...

                                               

हॉकिंग विकिरण

उग्रता कृष्णिका विकिरण होता है जो ब्रह्माण्ड में कालेछिद्रों के घटना क्षितिजों के पास प्रमात्रा प्रभावों से उत्पन्न होता है। इसका नाम भौतिकशास्त्री स्टीफन हॉकिंग पर रखा गया जिन्होंने सैद्धांतिक अध्ययन के आधापर सन् 1974 में ऐसे विकिरण प्रभाव होने ...

                                               

स्वप्न व्याख्या

स्वप्न व्याख्या सपनों को अर्थ देने की प्रक्रिया है। मिस्और ग्रीस जैसे कई प्राचीन समाजों में, स्वप्न देखने को एक अलौकिक संचार या ईश्वरीय हस्तक्षेप माना जाता था जिसे वे ही सुलझा सकते थे जिनके पास निश्चित शक्तियां होती थीं। आधुनिक समय में, मनोविज्ञा ...

                                               

फेंग शुई

फेंग शुई सौन्दर्यशास्त्र की एक प्राचीन चीनी पद्धति है जिसके बारे में लोगों का विश्वास है कि इसमें स्वर्ग और धरती दोनों के नियम प्रयुक्त होते हैं जिसके द्वारा सकारात्मक ची प्राप्त करके किसी के जीवन में सुधार लाया जा सकता है। इस कला का मूल पदनाम का ...

                                               

दैवज्ञ

प्राचीन पुरातनता में, दैवज्ञ एक व्यक्ति या एजेंसी को कहा जाता था जिसे ईश्वरप्रेरित बुद्धिमत्तापूर्ण सलाह या भविष्यसूचक विचार, भविष्यवाणियों या पूर्व ज्ञान का एक स्रोत माना जाता था। इस प्रकार यह भविष्यवाणी का एक रूप है। इस शब्द की उत्पत्ति लैटिन क ...

                                               

मूर का नियम

मूर का नियम दीर्घ अवधि में संगणन के हार्डवेयर में विकास की गति की एक भविष्यवाणी है। सन् १९५८ में एकीकृत परिपथ के आविष्कार के बाद से किसी आईसी पर निर्मित किये जा सकने वाले ट्रांजिस्टरों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ी है। यह संख्या प्राय: हर दो वर्ष म ...

                                               

हस्तरेखा शास्त्र

हस्तरेखा शास्त्र या काइरमैन्सी "हाथ" और मंटिया से बना है) हथेली को पढ़कर लक्षण का वर्णन और भविष्य बताने की कला है जिसे हस्तरेखा अध्ययन या हस्तरेखा शास्त्र भी कहा जाता है। इस कला का प्रयोग कई सांस्कृतिक विविधताओं के साथ दुनिया भर में देखा जाता है। ...

                                               

गणितीय उपपत्ति

गणित में उपपत्ति अथवा गणितीय उपपत्ति एक गणितीय कथन के लिए निगमनात्मक तर्क है। तर्क में पूर्व से स्थापित शब्द जैसे प्रमेय आदि का उपयोग किया जा सकता है।

                                               

परतंत्र और स्वतंत्र चर

गणित में स्वतंत्चर ऐसी राशि होती है जिसका मान किसी अन्य राशि पर निर्भर न हो। इसके विपरीत परतंत्चर ऐसी राशि होती है जिसका मान एक या एक से अधिक स्वतंत्र चरों पर निर्भर हो। उदाहरण के लिए यदि किसी खेत में डाली गई खाद की मात्रा को x {\displaystyle x} ...

                                               

प्राचल

गणित, सांख्यिकी एवं गणितीय विज्ञानों में उस राशि को प्राचल कहते हैं जो फलनों एवं चरों को एक उभयनिष्ट चर की सहायता से परस्पर जोड़ती है। प्राय: t को प्राचल के रूप में प्रयोग किया जाता है। प्राचल के प्रयोग से चरों के सम्बन्ध सरल तरीके से अभिव्यक्त् ...

                                               

सुपरिभाषित

गणित में, किसी कथन को सुपरिभाषित कहा जाता है यदि यह स्पष्ट है और इसके अवयव इसके निरूपण से स्वतंत्र होते हैं। अधिक सरल शब्दों में, इसका मतलब यह है कि एक गणितीय कथन प्रत्यक्ष और स्पष्ट हो। विशेष रूप से, एक फलन सुपरिभाषित कहलाता है यदि इसके निविष्ट ...

                                               

संथाली भाषा

संताली संथाल परिवार की प्रमुख भाषा है। यह असम, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ, बिहार, त्रिपुरा तथा बंगाल में बोली जाती है। संताली, हो और मुंडारी भाषाएँ ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा-परिवार में मुंडा शाखा में आती हैं। भारत, बांग्लादेश, नेपाल और भूटान में लगभग ७६ ...

                                               

चामी भाषाएँ

चामी भाषाएँ या आचेह-चामी भाषाएँ दक्षिणपूर्वी एशिया के आचेह, कम्बोडिया, वियतनाम और हाइनान में बोली जाने वाली कुछ भाषाओं का एक भाषा-परिवार है। इसका नाम चाम भाषा पर पड़ा है जो इस परिवार की सदस्य है। चामी भाषाएँ ऑस्ट्रोनीशियाई भाषा-परिवार की मलय-पोले ...

                                               

नाभिकीय मलय-पोलेनीशियाई भाषाएँ

नाभिकीय मलय-पोलेनीशियाई भाषाएँ ऑस्ट्रोनीशियाई भाषा-परिवार की एक प्रस्तावित शाखा है, जो इण्डोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर एक मूल भाषा से उत्पन्न होकर भौगोलिक विस्तार करती रहीं और जिनमें कई संतान भाषाएँ विकसित होती रहीं। इन्हें नाभिकीय इसलिए कहा जात ...

                                               

चुग भाषा

चुग या दुहुम्बी भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य के पश्चिम कमेंग ज़िले में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह खो-ब्वा भाषा-परिवार की सदस्य है और लिश भाषा से बहुत मिलती-जुलती है।

                                               

लिश भाषा

लिश या लिश्पा या खिस्पी भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य के पश्चिम कमेंग ज़िले में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह खो-ब्वा भाषा-परिवार की सदस्य है।

                                               

शेरडुकपेन भाषा

शेरडुकपेन की दो भिन्न बोलियाँ है, शेरगांव की मेय, और रूपा की मेय। शेरडुकपेन नाम शेरगांव और तुकपेन रूपा का मोनपा नाम शब्दों से उत्पन्न हुआ है। भाषा को बोलने वाले इसे मेय न्यूक के नाम से जानते हैं। शेरडुकपेन शेरगांव और रूपा, पश्चिम कमेंग जिला में ब ...

                                               

सरतंग भाषा

सरतंग या बुतपा भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह खो-ब्वा भाषा-परिवार की सदस्य है। यह शेरडुकपेन भाषा से बहुत मिलती-जुलती है।

                                               

अपतानी भाषा

अपतानी भाषा भारत के अरुणाचल प्रदेश में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह तिब्बती-बर्मी भाषा-परिवार की तानी उपशाखा की भाषा है। यह सर्वाधिक संकटग्रस्त केवल बोली जाने वाली भाषा है। इसके लिखने का कोई मानक नहीं है।

                                               

गालो भाषा

गालो या गालोंग भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य के कुछ भागों में बोली जाने वाली एक तानी भाषा-परिवार की भाषा है। इसे आदी समुदाय के गालो उपसमुदाय के लोग मातृभाषा के रूप में बोलते हैं।

                                               

निशि भाषा

निशि भाषा, जो कि न्यिशी, निसि, निशिंग नामों से भी जानी जाती है, एक तानी शाखा की चीनी-तिब्बती भाषा है जो कि भारत के अरुणाचल प्रदेश तथा असम राज्यों में बोली जाती है। भारत की संकटग्रस्त भाषाओं में से एक है। यह अत्यधिक गंभीर रूप से खतरे में है। यह ची ...

                                               

बोरी भाषा

बोरी या बोरी कारको भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य के कुछ भागों में बोली जाने वाली एक तानी भाषा-परिवार की भाषा है। इसे आदी समुदाय के बोरी समुदाय शाखा के लोग मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। बोरी भाषा मुख्य रूप से पश्चिम सियांग ज़िले में बोली जाती है।

                                               

मिसिंग भाषा

मिसिंग या मिशिंग या मैदानी मिरी भारत के अरुणाचल प्रदेश व असम राज्यों के कुछ भागों में बोली जाने वाली एक तानी भाषा-परिवार की भाषा है। इसे आदी समुदाय के मिसिंग समुदाय शाखा के लोग मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। मिसिंग की मुख्य साहित्यिक संस्था "मिसि ...

                                               

नेपालभाषा का प्राचीन वाङ्मय काल

लिखित नेपालभाषा का प्रथम काल प्राचीन वाङ्मय काल है। यह नेपालभाषा का वह काल है जिसमें नेपालभाषा में लिखित परम्परा का विकास हो चुका था, परन्तु साहित्य का निर्माण नहीं हुआ था। नेपालभाषा के बहुत सारे प्राचीन हस्तलिखित ग्रन्थ प्राकृतिक व मानवीय का‍रण ...

                                               

देओरी भाषा

देओरी या जिमोसाया पूर्वोत्तर भारत के असम और अरुणाचल प्रदेश के देओरी समुदाय द्वारा बोली जाने वाली ब्रह्मपुत्री भाषा-परिवार की एक भाषा है। देओरी समाज में केवल दिबोंगिया उपसमुदाय ही अब इस भाषा को बोलता है और अन्य सभी ने असमिया भाषा बोलना आरम्भ कर दि ...

                                               

बलती भाषा

बलती एक तिब्बताई भाषा है जो पाक-अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्और भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के करगिल क्षेत्र में बोली जाती है। यह आधुनिक तिब्बती भाषा से काफ़ी भिन्न है। पुरानी तिब्बती की कई ध्वनियाँ जो आधुनिक तिब्बती में खोई जा चुकी ...

                                               

भोटी भाषाएँ

भोटी भाषाएँ, जिनका नाम तिब्बत के पारम्परिक नाम "बोड" या "भोट" पर आधारित है, तिब्बती भाषाओं का सामूहिक नाम है। यह तिब्बत के अलावा उत्तर भारत, नेपाल, भूटान और पाक-अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र में भी बोली जाती हैं।

                                               

किन्नौरी भाषा

किन्नौरी भाषा भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के किन्नौर ज़िले में बोली जाने वाली एक तिब्बती-बर्मी भाषा है। यह हिमाचल से भी बाहर कुछ क्षेत्रों में बोली जाती है।

                                               

तिब्बती-किन्नौरी भाषाएँ

तिब्बती-किन्नौरी भाषाएँ या भोटी भाषाएँ या भोटिया-हिमालियाई या पश्चिमी तिब्बती-बर्मी चीनी-तिब्बती भाषा-परिवार की एक प्रस्तावित माध्यमिक श्रेणी है जिसमें तिब्बताई भाषाएँ और किन्नौरी भाषा की सभी उपभाषाएँ शामिल हैं। यह भारत, तिब्बत व नेपाल में बोली ज ...

                                               

वोल्टा-नाइजर भाषाएँ

वोल्टा-नाइजर भाषाएँ, जिन्हें पश्चिम बेनुए-कांगो भाषाएँ और पूर्व क्वा भाषाएँ भी कहा जाता है, नाइजर-कांगो भाषा-परिवार की एक शाखा है। लगभग ५ करोड़ लोग वोल्टा-नाइजर भाषा-परिवार की सदस्य भाषाएँ बोलते हैं। इसमें दक्षिणी नाइजीरिया, बेनिन, टोगो और दक्षिण ...

                                               

तूमन

तूमन या तोमान शब्द का अर्थ मंगोल भाषा और बहुत सी तुर्की भाषाओँ में दस हज़ार की संख्या होता है और आधुनिक फ़ारसी में इसका अर्थ विस्तृत होकर असंख्य या बहुत अधिक भी हो गया है। इसका प्रयोग मध्य एशिया, मंगोलिया और ईरान में कई सन्दर्भों में मिलता है, जै ...

                                               

फ़िनिक भाषाएँ

फ़िनिक भाषाएँ उत्तरी यूरोप में बाल्टिक सागर से सटे हुए क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषाओं का एक समूह है। यह यूराली भाषा-परिवार की एक उपशाखा है। कुल मिलाकर लगभग 70 लाख लोग फ़िनिक भाषाओं के मातृभाषी हैं और इनमें से अधिकांश फ़िनलैंड व एस्टोनिया के ...

                                               

विवृत स्वर

विवृत स्वर या निम्न स्वर ऐसी स्वर ध्वनि होती है जिसमें जिह्वा को मुँह में जितना सम्भव हो सके उतना नीचे और तालू से दूर रखा जाता है। उदाहरण के लिए "आ" ऐसा एक स्वर है।

                                               

विवृत-समीप स्वर

विवृत-समीप स्वर या निम्न-समीप स्वर एक प्रकार की स्वर ध्वनि होती है जो लगभग विवृत स्वर की तरह हो, लेकिन जिसमें जिह्वा हल्की-सी वायु-प्रवाह के मार्ग में हो। उदाहरण के लिए "ऐ" ऐसा एक स्वर है।

                                               

संवृत स्वर

संवृत स्वर या ऊँचा स्वर ऐसी स्वर ध्वनि होती है जिसमें, बिना व्यंजन की ध्वनि बनाए, जिह्वा को मुँह में जितना सम्भव हो सके उतना ऊँचा और तालू से समीप रखा जाता है। उदाहरण के लिए "ई" ऐसा एक स्वर है। अगर जिह्वा को किसी संवृत स्वर से अधिक ऊपर उठाया जाए त ...

                                               

अल्फाज़ीरो

अल्फाज़ीरो एक कम्प्यूटर प्रोग्राम है जो शतरंज, गो और शोगि खेल सकते हैं। यह गूगल डीपमाइंड का आविष्कार है। ५ दिसम्बर २०१७ को यह स्टॉक्फिश नामक शतरंज प्रोग्राम को एक टूर्नामेन्ट में पराजित किया। सौ खेलों में से अल्फाज़ीरो २८ जीता, ७२ ड्रॉ किया और ० ...

                                               

कृत्रिम चेतना

कृत्रिम चेतना, जिसे मशीन चेतना या सिंथेटिक चेतना के रूप में भी जाना जाता है, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संज्ञानात्मक रोबोटिक्स से संबंधित क्षेत्र है। कृत्रिम चेतना के सिद्धांत का उद्देश्य "परिभाषित करना है कि जिसे संश्लेषित करना होगा वह चेतना एक इंजी ...

                                               

कृत्रिम बुद्धिके प्रयोग

कृत्रिम बुद्धि, मशीनों द्वारा प्रदर्शित बुद्धिमत्ता के रूप में परिभाषित हे, आज के समाज में कई अनुप्रयोग हैं। विशेष रूप से, यह कमजोर एआई है, एआई का रूप जहां विशिष्ट कार्यों को करने के लिए कार्यक्रम विकसित किए जाते हैं, जिसका उपयोग चिकित्सा निदान, ...

                                               

विशेषज्ञ प्रणाली

कृत्रिम बुद्धि के सन्दर्भ में, विशेषज्ञ प्रणाली या विशेषज्ञ तन्त्र उस कम्प्यूटर प्रणाली को कहते हैं जो किसी विशेषज्ञ मानव के निर्णय लेने की क्षमता जैसी क्षमता का प्रदर्शन करता है। विशेषज्ञ प्रणालियाँ जटिल समस्याओं को हल करने के लिए डिजाइन की गयी ...

                                               

मस्तिष्क फिंगरप्रिंटिंग

मस्तिष्क फिंगरप्रिंटिंग तंत्रिका विज्ञान की शाखा है और न्यूरोऐनाटमी के अध्ययन से संबंधित है। ब्रेन फिंगरप्रिंटिंग लॉरेंस फर्वेल्ल द्वारा आविष्कार किया गया था। यह तकनीक निर्धारित करती है कि निश्चित जानकारी व्यक्ति के मस्तिष्क में मौजूद है या नहीं। ...

                                               

ऊष्मायन

ऊष्मायन या उद्भवन कुछ अण्डज प्राणियों की उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें वह अपने अण्डों को किसी विषेश तापमान पर रखते हैं ताकि उनके अंदर शिशु अनुकूल तापमान में जीवित रहें और पनप सकें। अक्सर इसमें जानवर या पक्षी अपने अण्डों पर बैठकर उन्हें गरम रखते ...

                                               

निष्क्रयता (जीवविज्ञान)

निष्क्रयता किसी जीव के जीवनचक्र में ऐसा कोई चरण होता है जिसमें उस जीव का विकास और बहुत-सी अन्य क्रियाएँ कुछ काल के लिए रोक दी जाती हैं। प्राणियों में इस अवस्था में प्राणी सोया हुआ प्रतीत हो सकता है। निष्क्रयता से कठिन परिस्थितियों के समय में जीव ...

                                               

द गेम (मानसिक खेल)

द गेम एक मानसिक खेल है जिसमें खेलने वाले का उद्देश्य द गेम के बारे में सोचने से बचना होता है। द गेम के ध्यान में आने का मतलब है हार, जिसका तुरंत एलान किया जाना चाहिए। द गेम के ज़्यादातर संस्करणों को जीतना नामुमकिन है।

                                               

संज्ञानात्मक मनोविज्ञान

संज्ञानात्मक मानोविज्ञान ध्यान, भाषा का उपयोग करना, स्मृति, धारणा, समस्या को हल करना और सोच आदि मानसिक प्रक्रियाओं का अध्ययन है। संज्ञानात्मक मानोविज्ञान के बहुत से काम मानोविज्ञानिक अध्ययन के विभिन्न अन्य आधुनिक विषयों में एकीकृत किये गए हैं- सा ...

                                               

ग्राफ़ सिद्धान्त

गणित तथा संगणक विज्ञान में ग्राफ सिद्धांत में वस्तुओं से जुड़ी वस्तुओं और उनकी आपसी दूरी का अध्ययन किया जाता है। इस संदर्भ में ग्राफ उन गणितीय संरचनाओं को कहते हैं जो वस्तुओं के बीच जुड़े या युग्मित संबन्धों को मॉडल करने के काम आती हैं। इसकी तुलन ...

                                               

अलिजिह्वीय व्यंजन

स्वनविज्ञान में अलिजिह्वीय व्यंजन ऐसा व्यंजन होता है जिनका उच्चारण जिह्वा के पिछले भाग को गले के ऊपरी भाग से स्पर्श करा के किया जाता है। इनमें ग़ और क़ शामिल हैं।

                                               

उत्क्षिप्त व्यंजन

स्वनविज्ञान में उत्क्षिप्त व्यंजन ऐसा व्यंजन होता है जिसे अचानक मुँह में जिह्वा या अन्य किसी भाग को सिकोड़कर किसी अन्य भाग की ओर ज़ोर से फेंका जाए। उदाहरण के लिए ड़ और ढ़ के उच्चारण में ऐसा होता है।

                                               

कण्ठ्य व्यंजन

कंठ्य अक्षर वो अक्षर हैं जो सीधे ही कंठ से निकलते हैं। यानि कि उनके उच्चारण में जीभ को मुख के किसी भी भाग को छूना नहीं पड़ता। जैसे कि:" क" "ख" "ग" "घ" "ड वैसे तो इस श्रेणी के बिन्दु वाले अक्षर भी कंठ्य अक्षर होते हैं पर वो "अलिजिह्वीय श्रेणी" में ...

                                               

काकलीय व्यंजन

स्वनविज्ञान में काकलीय व्यंजन ऐसा व्यंजन होता है जिनका उच्चारण प्रमुख रूप से कण्ठद्वार के प्रयोग द्वारा किया जाता है। इनमें ह शामिल है। कुछ भाषावैज्ञानिक काकलीय व्यंजनों को असली व्यंजन मानते ही नहीं क्योंकि उन्हें केवल कण्ठद्वार का खोल बदलकर बिना ...