ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 240




                                               

सूरा

सूरा एक अरबी शब्द है। इसका अक्षरशः अर्थ है "कोई वस्तु, जो किसी दीवार या बाडः से घिरी है"। यह शब्द कुरान के अध्याय के लिए प्रयोग होता है, जो कि परंपरा अनुसार कम होती लम्बाई के क्रम से लिखे हैं। प्रत्येक सूरा का नाम एक शब्द पर है, जो उस सूरा के अया ...

                                               

अत-तकाथुर

102:1 बहुत ज्यादा माल जमा करने की लालच ने तुम्हे गाफिल भटका कर दिया हे 102:2 यहाँ तक कि तुमने कब्रों के मुह देख लिए 102:3 यक़ीनन तुम अन-करीब जल्दी ही जान लोगे 102:4 फिर देखो तुम जल्दी ही जान लोगे 102:5 सच तो यह हे कि अगर तुम अपना अंजाम जानते तो क ...

                                               

अल-आदियात

सुरः अल क़ारिया सुरः अल क़ारिया मक्का में नाज़िल हुई। यह क़ुरान की 101 नंबर की सुर: हे, लेकिन नाज़िल होने के हिसाब से इसका नंबर 30 हे। अल क़ारिया का मतलब "आपदा" या "क़यामत" है 1। क़ारिया शब्द क़ार से बना हे जिसका मतलब हे "प्रहार" या "मारना" यानि ...

                                               

अल-कारियह

सुरः अल क़ारिया सुरः अल क़ारिया मक्का में नाज़िल हुई। यह क़ुरान की 101 नंबर की सुर: हे, लेकिन नाज़िल होने के हिसाब से इसका नंबर 30 हे। अल क़ारिया का मतलब "आपदा" या "क़यामत" है 1। क़ारिया शब्द क़ार से बना हे जिसका मतलब हे "प्रहार" या "मारना" यानि ...

                                               

अल-इंशिकाक

अल-इंशिकाक at Altafsir.com अल-इंशिकाक at Sacred Texts it is in the quran Its English transliteration By Yussef Ali is: Surah 84. The Sundering, Splitting Open 1. When the sky is rent asunder, 2. And hearkens to the Command of its Lord, and it mus ...

                                               

अल-इखलास

अल-इख़लास, आका अत-तौहीद । यह "कुरान का 112वां सूरा है। यह तौहीद, ईश्वर की पूर्णतया एकता का निरुपण है। इसमें ४ आयतें हैं। अल-इख़लास का अर्थ है "शुद्धता" या "परिशोधन", ईश्वर हेतु यानि शुद्ध एवं स्वामिभक्त रहना, या अपनी आत्मा से गैर-इस्लामी धारणा को ...

                                               

अल-इन्फितार

सूरा अल-इफ़्तियार कुरान का 82वाँ सूरा है। इसमें 19 आयतें हैं। इस सूरा का अनुवाद, 11 They know all that you do. 12 Verily, the Abrâr pious and righteous will be in Delight Paradise; 13 And verily, the Fujjâr will be in the blazing Fire Hell, 14 Th ...

                                               

अत-तकविर

सूरा अत-तकविर कुरान का 81वां सूरा है। इसमें 29 आयतें हैं। इस सूरा की आयत 8.9 में लड़कियों की भ्रूण हत्या पर प्रतिबन्ध प्रकट किया गया है। "और स्त्री शिशु को जिंदा जलाना, जैसा कि अरबों की पगान जाति में होता था), का हिसाब लिया जायेगा, कि उसने क्या प ...

                                               

अत-तिन

यह सूरा, आरम्भ होता है अंजीर के नाम से, जो कि इस सूरा का नाम भी है। इसके साथ ही यह बता है जैतून, सिनाइ पर्वत के बारे में भी, साथ ही रक्षित नगर मक्का। 1 अंजीर एवं जैतून पर विचार करें, 2 और सिनाई पर्वत, 3 और यह रक्षित भूमि! मुहम्मद असद, कुरान के सन ...

                                               

अद-धुहा

सूरा अद-धुहा कुरान का 93वां सुर है। इसमें 11 आयतें हैं। कुछ ज्ञाताओं में मतभेद है, फिर भी यह सूरा मुहम्मद को प्रकट किया हुआ द्वितीय सूरा माना जाता है। प्रथम सूरा अल-अलक के प्राप्त होने के उपरांत एक शांत अंतराल था, जिसमें कोई वार्तालाप नहीं हुआ। इ ...

                                               

अल-फज्ऱ(सूरा)

सूरा अल-फज्र कुरान का 89वां सूरा है। इसमें 30 आयतें हैं। यह सूरा विश्वास ना रखने वाले लोगों के विनाश के बारे में वर्णन करता है, जैसे प्राचीन मिस्र के लोग और स्तंभों वाले ईरम के लोग। जो लोग धन-सम्पत्ति को चाहते हैं, एवं गरीब एवं अनाथों की अवहेलना ...

                                               

अल-बय्यिना

इस सूरा का प्रकटीकरण स्थान विवादित है, जिसे अधिकांश मदीना मानते हैं। फ़िर भी, क्योंकि इसमें बताया गया है, कि ईश्वर ने एक पैगम्बर भेजा है, इसलिये इसे मक्का से पहले प्रकट मानते हैं, ऐसी कई लोगों की दलील रही है। इब्न अज़ जु़बैर एवं अता बिन यासर इसे ...

                                               

अल-मुल्क

सूरा उल-मुल्क कुरान का 67वां सूरा है। इसमें 30 आयतें हैं। इस सूरा का नाम मलिक अल मुल्क का हवाला देता है। पूर्ण सार्वभौमिकता का शासक्, शाब्दिक तौपर "कायनात का बादशाह", यह अल्लाह के 99 नामों में से एक है। यह सूरा कहता है अल्लाह की असीम शक्तियों के ...

                                               

या सिन

Yasin at Altafsir.com interpretation of the meanings of - Surah Ya-sin - Arabic text with English translation Learn Surah Yaseen on MountHira.com with Arabic audio, Arabic text, English translation and English transliteration of the Arabic text T ...

                                               

अश-शम्स

सुरा अस-सम्स । यह कुरान का 91वां सूरा है। इसमें 15 "आयत|आयतें हैं। यह भिन्न आसमानी पवित्र शपथों की शृंखला से आरम्भ होता है, जिसमें प्रथम "सूर के द्वारा" से इस सूरा को नाम मिला है। फिर स्वयं मानवी आत्मा। फिर यह बताता है थमूद के भाग्य के बारे में। ...

                                               

ख़्वाजा हुसैन अजमेरी

ख़्वाजा हुसैन अजमेरी ख्वाजा हुसैन चिश्ती अजमेरी English: Khwaja Husain Chishty Ajmeri اُردُو:- خواجه حسین आपको शैख़ हुसैन अजमेरी और मौलाना हुसैन अजमेरी, ख्वाजा हुसैन चिश्ती के नाम से भी जाना जाता है, ख्वाजा हुसैन अजमेरी ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश ...

                                               

पाकपत्तन

पाकपत्तन जिसे अक्सर पाकपत्तन शरीफ़ के रूप में जाना जाता है, पाकिस्तान के मध्य पंजाब प्रांत में स्थित पाकपत्तन ज़िला की राजधानी शहर है। पाकपत्तन सूफीवाद के पाकिस्तान के चिश्ती राज्य है, और प्रसिद्ध पंजाबी कवि और सूफी संत फ़रीदुद्दीन गंजशकर आमतौपर ...

                                               

शीर ख़ुर्मा

शीर ख़ुर्मा या शीर खोरमा फारसी में "सेवियों के साथ दूध", ईद उल-फ़ित्और ईद अल-अज़हा के दिन अफ़गानिस्तान में मुस्लिमों द्वारा तैयार एक सेवियों का पकवान है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों में यह एक पारंपरिक मुस्लिम त्यौहार ...

                                               

ज़ामोरा बड़ा गिरजाघर

ज़ामोरा बड़ा गिरजाघर ज़ामोरा, स्पेन में सथित एक बड़ा गिरजाघर है। यह दुएरो नदी की दायीं और दक्ष्ण में शहर के पुराने इलाके में सथित है। अभी भी इसकी पुरानी दीवारें और दरवाज़ा मौजूद है। इसका निर्माण 1151 से 1174 के बीच हूया और यह स्पेनी रोमानैस्क निर ...

                                               

बेसिलिका दे सांता मारिया दे ला असंक्शन (आरकोस दे ला फ़्रॉन्तेरा)

The संता मारिया का गिरजाघर एक गिरजाघर है जो आरकोस दे ला फ़्रॉन्तेरा, स्पेन में मौजूद है। इसे बिएन दे इंतेरेस कल्चरल के रूप में 1931 में घोषित कर दिया गया था।

                                               

सांता फे गिरजाघर

सांता फे गिरजाघर एक कैथोलिक गिरजाघर है जो तोलेदो, स्पेन में स्थित है। यह पुराने शहर के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है। 30 सितंबर 1919 को इसे बीएन दे इन्तेरेस कुल्तूराल घोषित किया गया। यह पुरातन मुसलान खंडहरों के ऊपर बनाया गया है।

                                               

सांतो तोमास का गिरजाघर

सांतो तोमास का गिरजाघर हारो, स्पेन में स्थित एक गिरजाघर है। यह 1931 में बिएन दे इंतेरेस कल्चरल की सूची में शामिल किया गया था। इसकी योजना फ़ेलिपे बिगरनी Felipe Bigarny ने बनाई थी और इसे 1525 में पूरा किया गया था।

                                               

सेगोरबे का गिरजाघर

सेगोरबे का गिरजाघर, एक रोमन कैथलिक गिरजाघर है। यह सेगोरबे, कास्तिलोन, स्पेन में मौजूद है। यह सेगोरबे के रोमन कैथलिक डायोसीज़ का कार्यालय भी है। इसे 1985 एक छोटे बैसेलिका का दर्जा दिया गया था।

                                               

सेबिया गिरजाघर

सेबिया गिरजाघर अंग्रेज़ीCathedral of Saint Mary of the See, स्पैनिश: Catedral de Santa María de la Sede एक रोमन कैथोलिक गिरजाघर है। ये सेबिया आंदालुसिया स्पेन में स्थित है। ये गोथिक अंदाज़ का सबसे बड़ा और संसार का तीसरा बड़ा गिरजाघर है। विश्व में ...

                                               

अगलोड तीर्थ

गुजरात के महसाना में अगलोड स्थित यह चर्चित जैन तीर्थस्थल 151 सेमी. ऊंची भगवान वौपूज्यस्वामी की पदमासन मुद्रा में स्थापित प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। मुख्य मंदिर के निकट मनीभद्रवीर मंदिर भी देखा जा सकता है। अदभुत वास्तुकारी का प्रतीक यह मंदिर सिदा ...

                                               

घंबू तीर्थ

घंबू तीर्थ महसाना, गुजरात में स्थित है। यह लोकप्रिय जैन तीर्थस्थल मेहसाना के घंबू में स्थित है। गंबीरा पार्श्‍वनाथ को समर्पित यहां का प्रमुख प्रमुख आकर्षण है। यहां तीर्थ यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। हर साल हजारों की तादाद में सैलानियों का य ...

                                               

तरंगा हिल्स

अहमदाबाद से 140 किलोमीटर दूर स्थित तरंगा हिल्स को जैन मंदिरों के लिए जाना जाता है। इस पहाड़ी को जैन सिद्ध क्षेत्र कहा जाता है। पहाडी पर 5 दिगंबर और 5 श्‍वेतांबर मंदिर बने हुए हैं। माना जाता है कि इन पहाड़ियों के शिखर पर अनेक संतों ने मोक्ष प्राप् ...

                                               

भोयानी तीर्थ

गुजरात के के निकट भोयानी गांव में स्थित जैन तीर्थस्थल भगवान मल्लीनाथ की सफेद मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। पदमासन मुद्रा में स्थापित इस मूर्ति की ऊंचाई लगभग 1 मीटर है। मंदिर परिसर में तीन खूबसूरत गोपुरों को देखा जा सकता है। इसके निकट ही पदमावती देवी ...

                                               

रूनी तीर्थ

मेहसाना के रूनी गांव में स्थित यह तीर्थ 126 सेमी. ऊंची भगवान गोडीजी पार्श्‍वनाथ की सफेद प्रतिमा के लिए लोकप्रिय है। यह मूर्ति पदमासन मुद्रा में स्थापित है। माना जाता है कि इसे हेमचन्द्राचार्य ने 450 साल पहले स्थापित किया था।

                                               

शंखेश्वर पद्मावती तीर्थ

मेहसाना के शंखेश्वर में स्थित यह जैन तीर्थस्थल 125 फीट ऊंची पदमावती देवी की आकर्षक प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। पदमावती देवी की मूर्ति के अलावा सरस्वती देवी, महालक्ष्मी देवी, नकोडा भरवजी और मनीभद्रवीर की प्रतिमाएं भी यहां देखी जा सकती हैं। इस तीर् ...

                                               

निषध

अयोध्या के एक राजा तथा वैदिक काल के एक देश का नाम। निषाद देश के राजा गुहा अयोध्या के राजा राम के मीत्र थे, उनहोने राम और सीता को गंगा नदी लाघंने में साहायता की थी। एकलव्य हिरण्य धनु नामक निषाद के पुत्र थे। नल निषाद देश के राजा थे। श्रीहर्ष रचित न ...

                                               

कालाराम मन्दिर

कालाराम मन्दिर एक प्राचीन हिन्दू मन्दिर है जिसमें भगवान राम की मूर्ति स्थापित है। यह मन्दिर महाराष्ट्र राज्य के नासिक ज़िले के पंचवटी के निकट स्थित है।

                                               

धोड़प

धोड़प, महाराष्ट्र के नासिक ज़िले के कालवां तहसील में स्थित एक पहाड़ी दुर्ग है। यह दुर्ग ४८२९ फिट में फैला हुआ है। यह सह्याद्री पहाड़ का दूसरा सबसे बड़ा दुर्ग है जबकि पहला सेल्हर है।

                                               

कल्कि

कल्कि को हिन्दू भगवान विष्णु के दसवें अवताऔर विष्णु का भावी या अंतिम अवतार माना गया है। वैष्णव ब्रह्माण्ड विज्ञान के अनुसार अन्तहीन चक्र वाले चार कालों में से अन्तिम कलियुग के अन्त में हिन्दू भगवान विष्णु के दसवें अवतार माने जाते हैं।जब भगवान कल् ...

                                               

कूर्म अवतार

कूर्म अवतार को कच्छप अवतार भी कहते हैं। कूर्म के अवतार में भगवान विष्णु ने क्षीरसागर के समुद्रमंथन के समय मंदार पर्वत को अपने कवच पर संभाला था। इस प्रकार भगवान विष्णु, मंदर पर्वत और वासुकि नामक सर्प की सहायता से देवों एंव असुरों ने समुद्र मंथन कर ...

                                               

मत्स्य अवतार

मत्स्यावतार Matsyavatar भगवान विष्णु का अवतार है जो उनके दस अवतारों में से एक है। विष्णु को पालनकर्ता कहा जाता है अत: वह ब्रह्मांड की रक्षा हेतु विविध अवतार धरते हैं।

                                               

हयग्रीव

हयग्रीव विष्णु के अवतार थे। जैसा कि नाम से स्पष्ट है उनका सिर घोड़े का था और शरीर मनुष्य का। वे बुद्धि के देवता माने जाते हैं। इससे आगे, उक्त विषय पर योगी अनुराग द्वारा लिखित एक टीका को जोड़ा जा रहा है। योगी अनुराग, सोशल मीडिया के हिन्दी बेल्ट मे ...

                                               

कामदेव

कामदेव को हिंदू शास्त्रों में प्रेम और काम का देवता माना गया है। उनका स्वरूप युवा और आकर्षक है। वे विवाहित हैं और रति उनकी पत्नी हैं। वे इतने शक्तिशाली हैं कि उनके लिए किसी प्रकार के कवच की कल्पना नहीं की गई है। उनके अन्य नामों में रागवृंत, अनंग, ...

                                               

केतु

केतु भारतीय ज्योतिष में उतरती लूनर नोड को दिया गया नाम है। केतु एक रूप में स्वरभानु नामक असुर के सिर का धड़ है। यह सिर समुद्र मन्थन के समय मोहिनी अवतार रूपी भगवान विष्णु ने काट दिया था। यह एक छाया ग्रह है। माना जाता है कि इसका मानव जीवन एवं पूरी ...

                                               

उडुपी कृष्ण मंदिर

उडुपी श्री कृष्ण मठ भारत के कर्नाटक राज्य के उडुपी शहर में स्थित भगवान श्री कृष्ण को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। मठ का क्षेत्र रहने के लिए बने एक आश्रम जैसा है, यह रहने और भक्ति के लिए एक पवित्र स्थान है। श्री कृष्ण मठ के आसपास कई मंदिर ह ...

                                               

एकांगा

एकांगा यशोदा की पुत्री का नाम है जो कृष्ण और बलराम कि बहन थीं।यशोदा और देवकी आपस में सगे संबंधी थे। इनका वर्णन इसलिए नहीं हो पाया की इन्होने एकांतवाश ग्रहण कर लिया था जिन्हे योगमाया भी कहते हैं जो यादवों की कुल देवि मानी जाती हैं

                                               

कदंब वृक्ष

कदम्ब का अधुनातन वानस्पतिक नाम है- रूबियेसी कदम्बा । उसका पुराना नाम था नॉक्लिया कदम्बा । इसे रूबियेसी परिवार से संबंधित माना जाता है। यह मुख्य रूप से अंडमान, बंगाल तथा आसाम में पाया जाता है। यह पेढ़ बहुत जल्दी बढ़ता है।

                                               

कृष्णसहस्रनामस्तोत्र

कृष्ण सहस्रनाम स्तोत्र में सोलह कलाओं से पूर्ण भगवान श्रीकृष्ण के एक हजार नाम श्लोकबद्ध रूप से वर्णित हैं। इनके एक हजार नामों से संबंधित इस स्तोत्र का पाठ करने से मनुष्य को किन-किन फलों की प्राप्ति होती है, इसका अद्भुत वर्णन इस सहस्रनाम स्तोत्र म ...

                                               

गोविन्दाष्टकम्‌

सत्यं ज्ञानमनन्तं नित्यमनाकाशं परमाकाशं गोष्ठप्रांगण-रिंगल-लोलमनायासं परमायासम्‌। मायाकल्पित-नानाकारमनाकारं भुवनाकारं क्ष्माया नाथमनाथं प्रणमत गोविंद परमानन्दम्‌॥1॥ मृत्स्नामत्सीहेति यशोदाताडन-शैशव-सन्त्रासं व्यादित-वक्त्रालोकित-लोकालोक-चतुर्दशलो ...

                                               

जगन्नाथ

जगन्नाथ हिन्दू भगवान विष्णु के पूर्ण कला अवतार श्रीकृष्ण का ही एक रूप हैं। इनका एक बहुत बड़ा मन्दिर ओडिशा राज्य के पुरी शहर में स्थित है। इस शहर का नाम जगन्नाथ पुरी से निकल कर पुरी बना है। यहाँ वार्षिक रूप से रथ यात्रा उत्सव भी आयोजित किया जाता ह ...

                                               

राधा कृष्ण

राधा कृष्ण एक हिंदू देवता हैं। कृष्ण को गौड़ीय वैष्णव धर्मशास्त्र में अक्सर स्वयं भगवान के रूप में सन्दर्भित किया गया है और राधा एक युवा नारी हैं, एक गोपी जो कृष्ण की सर्वोच्च प्रेयसी हैं। कृष्ण के साथ, राधा को सर्वोच्च देवी स्वीकार किया जाता है ...

                                               

रुक्मिणी

{{ ज्ञानसन्दूक महिला | नाम = रुक्मिणी | पिता = भीष्मक | सम्बन्धी = रुक्मी रुक्मरथ रुक्मिणी भगवान कृष्ण की पत्नी थी। रुक्मिणी को लक्ष्मी का अवतार भी माना जाता है। उन्होंने श्रीकृष्ण से प्रेम विवाह किया था| रुक्मिणी या रुक्मणी भगवान कृष्ण की प्रमुख ...

                                               

सुदामा

श्री सुदामा जी भगवन श्री कृष्ण के परम मित्र तथा भक्त थे। वे समस्त वेद-पुराणों के ज्ञाता और विद्वान् ब्राह्मण थे। श्री कृष्ण से उनकी मित्रता ऋषि संदीपनी के गुरुकुल में हुई। सुदामा जी अपने ग्राम के बच्चों को शिक्षा प्रदान करते थे और अपना जीवन यापन ...

                                               

स्यमंतक मणि

स्यमन्तक मणि एक दुर्लभ, आध्यात्मिक मणि है । इस मणि में एक सूक्ष्म शक्ति होती है जो की आध्यात्मिक और सांसारिक प्रगति में सहायक करती है। इसकी कथा द्वापर युग से बतायी जाती है।

                                               

३१०२ ईसा पूर्व

३१०२ ईसा पूर्व का एक वर्ष है। ये ईसा पूर्व तीसरी सहस्राब्दी का १०२वां वर्ष था। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का निधन इसा कलेंडर के अनुसार सन 3102 इसा पूर्व में हुआ था। उनके निधन के पश्चात् से ही कलियुग का प्रारंभ माना जाता ह ...