ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 182




                                               

मोशे शॅरेड

मोशे शॅरेड इज़राइल के द्वितीय प्रधानमन्त्री थे। उनका कार्यकाल लगभग दो सालोंका था; २६ जनवरी १९५४ से २९ जून १९५५ तक और फिर से २९ जून १९५५ से ३ नवम्बर १९५५ तक।

                                               

वी॰ वी॰ गिरि

वराहगिरी वेंकट गिरी या वी वी गिरी भारत के तीसरे उपराष्ट्रपति एवं चौथे राष्ट्रपति थे। उनका जन्म ब्रह्मपुर, ओड़िशा में हुआ था। उन्हें 1975 में भारत के सर्वोच्च नागरिक अलंकरण भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

                                               

हरबर्ट सटक्लिफ

हरबर्ट सटक्लिफ अंग्रेज पेशेवर क्रिकेटर थे, जो यॉर्कशायर और इंग्लैंड के लिये सलामी बल्लेबाज के रूप में खेलते थे। 1945 के एक मैच को छोड़कर इनका करियर विश्वयुद्धों के मध्य की अवधि में चला। उनकी प्रसिद्धि जैक हॉब्स के साथ इंग्लैंड के लिये 1924 से 193 ...

                                               

गुर्रम जाशुवा

गुर्रम जाशुवा को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९७० में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये आंध्र प्रदेश राज्य से थे। वो तेलुगू भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक काव्य क्रीष्टु चरित्र के लिये उन्हें सन ...

                                               

बस्टर कीटन

जोसफ फ्रेंक "बस्टर" कीटन एक अमेरिकी हास्य अभिनेता, फिल्म निर्माता, निर्देशक और लेखक थे। उन्हें मुख्यतः उनकी मौन फ़िमों के लिए जाना जाता है, जिनमें वो भावशून्य, आत्मसंयम के साथ लगातार कार्य के ट्रेडमार्क का नाम प्राप्त किया "द ग्रेट स्टोन फेस"। "ए ...

                                               

लेव्हि एश्कॉल

लेव्हि एश्कॉल इज़राइल के तीसरे प्रधानमन्त्री थे। २६ जून १९६३ से उनकी मौत तक उनका कार्यकाल रहा। वे दिल के दौरे से मर गए। ग़ज़ा के पास स्थीत एश्कॉल राष्ट्रीय उद्यान का नाम उनके नाम पर है।

                                               

सादुद्दीन कायनात

सादुद्दीन का जन्म इस्तांबुल में हुआ था। वे कम आयु में ही हाफ़िज़ बने। उन्होंने "इस्तांबुल विश्वविद्यालय से संगीत की शिक्षा प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने अनातोलिया जाकर वहाँ की तुर्क लोक संगीत पर शोध किया। गणराज्य के समर्थकों ने सादुद्दीन को प् ...

                                               

सियारामशरण गुप्त

सियारामशरण गुप्त का जन्म सेठ रामचरण कनकने के परिवार में चिरगाँव, झांसी में हुआ था। प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने घर में ही गुजराती, अंग्रेजी और उर्दू भाषा सीखी। सन् 1929 ई. में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और कस्तूरबा गाँधी के सम्पर्क ...

                                               

सी॰ के॰ नायडू

कोट्टेरी कनकैया नायडू भारतीय क्रिकेट टीम के पहले टेस्ट क्रिकेट मैचों के कप्तान थे। इन्होंने लंबे समय तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला था। इन्होंने लगभग १९५८ तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला और अंतिम बार ६८ साल की उम्र में १९६३ में क्रिकेट खेला था। सन १९२ ...

                                               

कमलाबाई होसपेट

कमलाबाई होसपेट नागपुर स्थित मटरू सेवा संघ नामक सामाजिक संस्था की सहसंस्थापिका थी। इसमें उनकी सहयोगी वेणुताई नेने थीं। उन्हें उनके सामाजिक कार्यों के लिए १९६१ में भारत सरकार ने पद्म श्री और बाद में १९८० में जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित किया।

                                               

गर्टी कोरी

गर्टी थेरेसा कोरी चेक-अमरीकी जैव वैज्ञानी थी जो की नोबेल ईनाम जीतने वाली दुनिया की तीसरी और अमेरिका की पहली औरत थी। चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल ईनाम जीतने वाली वह पहली औरत थी। उसका जन्म प्राग में हुआ था। तभी के समय में स्त्रियों को विज्ञान के क ...

                                               

गोस्था पाल

गोस्था बेहरी पॉल भारतीय पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी थे। उनका जन्म बंगाल प्रेसिडेन्सी के फ़रिदाबाद जिले के भोजेश्वर में हुआ। वो बचपन में ही कोलकाता आ गये और जीवन भर कोलकाता में ही रहे। भारत सरकार ने १९६२ में उन्हें खेलों के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम् ...

                                               

ज़ाँ प्याज़े

ज़ाँ प्याज़े स्विटजरलैण्ड के एक चिकित्सा मनोविज्ञानी थे जो बाल विकास पर किये गये अपने कार्यों के कारण प्रसिद्ध हैं। पियाजे, विकासात्मक मनोविज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी हस्ती हैं। अनेक पांडित्यपूर्ण अवधारणाओं के लिए हम पियाजे के ऋणी हैं जिनमें आज ...

                                               

ज्योतिर्मयी देवी

ज्योतिर्मयी देवी बांग्ला भाषा की भारतीय लेखिका थी। उन्होने अपने बचपन के दिनों में राजस्थान की तथा भारत के विभाजन के समय बांग्लादेश की महिलाओं के बारे में मुख्य रूप से लिखा। वे अपनी कहानियों के लिए तथा सामाजिक टिप्पणियों के लिए जानी जाती हैं। उनकी ...

                                               

झवेरचन्द मेघाणी

झवेरचंद मेघाणी गुजराती साहित्यकार तथा पत्रकार थे। गुजराती-लोकसाहित्य के क्षेत्र में मेघाणी का स्थान सर्वोपरि है। वे सफल कवि ही नहीं, उपन्यासकार, कहानीकार, नाटककार, निबंधकार, जीवनीलेखक तथा अनुवादक भी थे।

                                               

फ़िराक़ गोरखपुरी

फिराक गोरखपुरी उर्दू भाषा के प्रसिद्ध रचनाकार है। उनका जन्म गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में कायस्थ परिवार में हुआ। इनका मूल नाम रघुपति सहाय था। रामकृष्ण की कहानियों से शुरुआत के बाद की शिक्षा अरबी, फारसी और अंग्रेजी में हुई।

                                               

मोरारजी देसाई

मोरारजी देसाई भारत के स्वाधीनता सेनानी और देश के छठे प्रधानमंत्री थे। वह प्रथम प्रधानमंत्री थे जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बजाय अन्य दल से थे। वही एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न एवं पाकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान ...

                                               

सुन्दरलाल होरा

भारतीय प्राणि विज्ञानी सुंदरलाल होरा का जन्म पश्चिमी पंजाब के हाफिज़ाबाद नामक कस्बे में हुआ था। पंजाब विश्वविद्यालय की एम. एस-सी. परीक्षा में आपने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा आपको मैकलैगेन पदक और अन्य सम्मान प्राप्त हुए। सन् 1919 में आप भारत के ...

                                               

ओंकारनाथ ठाकुर

ओंकारनाथ ठाकुर भारत के शिक्षाशास्त्री, संगीतज्ञ एवं हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीतकार थे। उनका सम्बन्ध ग्वालियर घराने से था। उन्होने वाराणसी में महामना पं॰ मदनमोहन मालवीय के आग्रह पर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में संगीत के आचार्य पद की गरिमा में वृ ...

                                               

जानकी अम्माल

एडावलेठ कक्कट जानकी अम्माल भारत की एक महिला वैज्ञानिक थीं। अम्माल एक ख्यातिनाम वनस्पति और कोशिका वैज्ञानिक थीं जिन्होंने आनुवांशिकी, उद्विकास, वानस्पतिक भूगोल और नृजातीय वानस्पतिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। पद्म श्री से सम्मानित जानकी ...

                                               

नितिन बोस

नितिन बोस हिन्दी सिनेमा एवं बाङ्ला सिनेमा दोनों में समान रूप से विख्यात निर्देशक, कैमरामैन एवं पटकथा लेखक थे। उनका अधिकांश कार्य कोलकाता के न्यू थियेटर्स के साथ हुआ था, जहाँ हिन्दी और बाङ्ला दोनों भाषाओं की फिल्में बनती थीं। बाद में वे मुम्बई चले ...

                                               

मिर्ज़ाली ख़ान (फ़क़ीर-ए-ईपी)

ग़ाज़ी मिर्ज़ाली ख़ान, जिन्हें फकीर-ए-ईपी के रूप में भी जाना जाता है, पाकिस्तान के आज के खैबर पख्तूनख्वा में एक उग्रवादी और वजीरिस्तान के पश्तून आदिवासी नेता थे । 1923 में हज करने के बाद, वे उत्तरी वजीरिस्तान में मिराली के पास स्थित ईपी नामक गांव ...

                                               

मेहरचद खन्ना

मेहर चन्द खन्ना भारत के एक राजनेता थे जो १९५४ से १९६२ तक भारत के पुनर्वास मन्त्री तथा १९५४ से १९५७ तक विधि मन्त्री रहे। मेहर चन्द खन्ना का जन्म पेशावर में हुआ था। उनके पिता करम चन्द खन्ना एक धनी व्यवसायी थी। उनकी विद्यालयी शिक्षा पेशावर में ही हु ...

                                               

यशवंत नारायण सुकथनकर

सुकथनकर एम॰ए॰, विधि स्नातक थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, युद्ध में भाग लेने के लिए भारत को सक्षम करने के लिए विभिन्न आर्थिक और प्रशासनिक सुधार हुए। तब केंद्र में कई महत्वपूर्ण आर्थिक, वाणिज्यिक, औद्योगिक और आपूर्ति संबंधी क्षमता रखने वाले व्य ...

                                               

राजाराम तृतीय

राजाराम तृतीय, भोसले वंश के कोल्हापुर के महाराज थे। वे अपने पिता महाराज शाहू के बाद वे पद पर आये और 1922 से 1940 तक राजगद्दी पर विराजमान रहे। एक उदार शासक, वह अपने राज्य में दलितों और शोषित जातियों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। उन्हो ...

                                               

मिसावो ओकावा

मिसावो ओकावा का जन्म ५ मार्च १८९८ ओसाका, जापान मे हुआ था और इनका निधन १ अप्रैल २०१५ मे हुआ। यह पुरा ११७ साल और २७ दिन तक जिवित रही। इनको दुनिया सबसे पुराना में जीवित महीला व्यक्ति के नाम से जाना जाता है। इनके पती का नाम युकिओ था इनका जीवनकाल १९१९ ...

                                               

कुमार पद्म शिव शंकर मेनन

कुमार पद्म शिव शंकर मेनन को प्रशासकीय सेवा के क्षेत्र में सन १९५८ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये केरल राज्य से थे।

                                               

गोकुलभाई भट्ट

गोकुलभाई भट्ट राजस्थान के एक स्वतंत्रता सेनानी एवं कांग्रेस के नेता थे। उन्हें राजस्थान का गांधी माना जाता है। उन्होंने गांधी जी के नेतृत्व में तो आजादी की लड़ाई लड़ी ही राजस्थान में कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष भी रहे। उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र म ...

                                               

गोल्डा मेयर

उनका जन्म ३ मई १८९८ को कीव, रूस अब युक्रेन मे हुआ। १९०५ मे उनके पिता न्यूयॉर्क नगर संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए और उसके अगले साल काफी पैसा जमा होने के बाद पुरा परीवार मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन मे चला गया जहा उनके पिता रेल यार्ड मे काम करते और माता एक ...

                                               

ताराशंकर बंद्योपाध्याय

ताराशंकर बंधोपाध्याय एक बांग्ला साहित्यकार हैं। इन्हें गणदेवता के लिए १९६६ में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ताराशंकर बंधोपाध्याय को साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९६९ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये प ...

                                               

प्रबोध चंद्र बागची

प्रबोध चंद्र बागची जिन्हें पी सी बागची भी कहा जाता था, २०वीं शताब्दी के सबसे उल्लेखनीय चीनी भाषा के पंडितों में से एक थे। वे विश्व भारती विश्वविद्यालय के तीसरे उपचार्य थे।

                                               

फेदेरीको गार्सिया लोरका

फेदेरीको गार्सिया लोरका मूल रूप में एक कवि था लेकिन बाद में वह नाटककार के रूप में भी उतना ही प्रसिद्ध हुआ। उसने कोई औपचारिक विश्वविद्यालय शिक्षा प्राप्त नहीं की थी। उसने ग्रानादा विश्वविद्यालय में दाख़िला ले लिया था पर वह पूर्ण शिक्षा प्राप्त नही ...

                                               

महाराजपुरम सीताराम कृष्णन

महाराजपुरम सीताराम कृष्णन को विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९७० में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये तमिलनाडु राज्य से हैं।

                                               

हास्टिंग्स बान्डा

हस्टिंग्स कामुज़ू बाण्डा १९६१ से १९९४ तक मलावी और इसके पूर्ववर्ती राज्य न्यासलैण्ड के नेता थे। उनकी अधिकत्तर शिक्षा के बाद बाण्डा अपनी गृह काउंटी, उपनिवेशवाद के विरुद्ध बोलने के लिए और स्वतंत्रता के लिए वकालत करने के लिए वापस पहुँचे। १९६३ में उन् ...

                                               

अमीय चक्रवर्ती

अमीय चक्रवर्ती को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९७० में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये पश्चिम बंगाल राज्य से थे। वह बंगाली भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक कविता–संग्रह घरे फेरार दिन के लिये उन् ...

                                               

आशा देवी आर्ययानाकम

आशा देवी आर्ययानाकम एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् और गांधीवादी थी। वह महात्मा गांधी के सेवाग्राम और विनोबा भावे के भूदान आंदोलन के साथ जुड़ी हुए थी। उनका जन्म १९०१ में लाहौर में हुआ था। उन्होंने लाहौर से ही अपनी शिक्षा पप्राप्त की और फि ...

                                               

उमाशंकर दीक्षित

उमाशंकर दीक्षित जी का जन्म 12 जनवरी, 1901 ई. को उन्नाव, उत्तर प्रदेश मे हुआ था इनके पिता का नाम राम सरूप तथा माता का नाम शिव प्यारी देवी था। इनके एकमात्र पुत्र का नाम विनोद दीक्षित था। इन्होंने स्वतंत्रता सेनानी के रूप मे असहयोग आन्दोलन में भाग ल ...

                                               

ए. आर. देशपांडे अनिल

ए. आर. देशपांडे अनिल मराठी भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक कविता–संग्रह दशपदी के लिये उन्हें सन् 1977 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

                                               

एडविना माउंटबेटन

एडविना सिंथिया एनेट माउंटबेटन, बर्मा की काउंटेस माउंटबेटन एक अंग्रेजी उत्तराधिकारिणी, सोशलाइट, राहत कार्यकर्ता था बर्मा के पहले अर्ल माउंटबेटन, लुई माउंटबेटन की पत्नी के रूप में भारत की आखिरी वाइसरीइन थी।

                                               

एन जी रंगा

गोगिनेनी रंगा नायकुलु, जिसे एनजी रंगा भी कहा जाता है, एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, संसद और किसान नेता थे। वह किसान दर्शन का एक प्रवक्ता था, और भारतीय किसान आंदोलन के पिता माना जाता था।

                                               

गोविन्द शंकर कुरुप

गोविन्द शंकर कुरुप या जी शंकर कुरुप मलयालम भाषा के प्रसिद्ध कवि हैं। उनका जन्म केरल के एक गाँव नायतोट्ट में हुआ था। ३ साल की उम्र से उनकी शिक्षा आरंभ हुई। ८ वर्ष तक की आयु में वे अमर कोश सिद्धरुपम श्रीरामोदन्तम आदि ग्रन्थ कंठस्थ कर चुके थे और रघु ...

                                               

थेन्नपट्टिनम पोन्नुस्वामी मीनाक्षी सुंदरम

थेन्नपट्टिनम पोन्नुस्वामी मीनाक्षी सुंदरम तमिल भाषा और अंग्रेजी भाषा के साहित्य के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। वे मदुराई कामराज विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके थे। मीनाक्षीसुंदरम ने तमिल भाषा में प्राचीन काव्य तिरुक्कुरल का अंग्रेजी अनुवाद किया जो की ...

                                               

पोट्टि श्रीरामुलु

पोट्टि श्रीरामुलु भारत के एक क्रांतिकारी थे। मद्रास राज्य से अलग आंध्र प्रदेश राज्य के निर्माण की मांग को लेकर उन्होने आमरण अनशन किया जिसके कारण अन्ततः उनकी अनशन के 58वे दिन मृत्यु हो गयी। भारत में भाषा के आधापर राज्यों के निर्माण के निर्णय के पी ...

                                               

प्रताप सिंह कैरों

प्रताप सिंह कैरो पंजाब के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और नेता थे। पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। उस समय पंजाब के अन्तर्गत हरियाणा और हिमाचल प्रदेश भी थे।

                                               

बिस्मिल अज़ीमाबादी

बिस्मिल अज़िमाबादी Patna, Bihar से एक उर्दू कवि थे। 1921 में उन्होंने सरफरोशी की तमन्ना" नामक देशभक्ति कविता लिखी थी।यह कविता राम प्रसाद बिस्मिल, एक भारतीय महान क्रान्तिकारी नेता ने मुकदमे के दौरान अदालत में अपने साथियों के साथ सामूहिक रूप से गाक ...

                                               

बीरेन्द्रनाथ सरकार

बी॰ एन॰ सरकार के नाम से प्रसिद्ध बीरेन्द्रनाथ सरकार भारतीय फ़िल्म-निर्माता थे। फिल्म-निर्माण के क्षेत्र में उनके महान् योगदान को सम्मान देते हुए भारत सरकार द्वारा सन् 1970 में उन्हें भारतीय फ़िल्म-क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस् ...

                                               

राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी

राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण स्वतंत्रता सेनानी थे। युवा क्रान्तिकारी लाहिड़ी की प्रसिद्धि काकोरी काण्ड के एक प्रमुख अभियुक्त के रूप में हैं।

                                               

लक्ष्मण शास्त्री जोशी

लक्ष्मणशास्त्री बाळाजी जोशी एक संस्कृतवादी, वैदिक विद्वान, विचारक और महाराष्ट्र राज्य से मराठी लेखक थे। उन्हे भारत सरकार द्वारा सन १९७६ में साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्म भूषण से और १९९२ में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। जोशी का जन ...

                                               

वित्तोरियो दे सिका

वित्तोरियो दे सिका एक प्रसिद्ध इतालवी फ़िल्म निर्देशक थे। उनकी गणना नवयथार्थवादी फिल्मकारों की अगली पंक्ति में की जाती है।

                                               

विष्णु सहाय

विष्णु सहाय पूर्व आयसीएस अधिकारी और केबिनेट सचिव थे जिन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के पश्चात नागालैण्ड और असम के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवायें दी।