ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 159




                                               

तारों की श्रेणियाँ

खगोलशास्त्र में तारों की श्रेणियाँ उनसे आने वाली रोशनी के वर्णक्रम के आधापर किया जाता है। इस वर्णक्रम से यह ज़ाहिर हो जाता है कि तारे का तापमान क्या है और उसके अन्दर कौन से रासायनिक तत्व मौजूद हैं। अधिकतर तारों कि वर्णक्रम पर आधारित श्रेणियों को ...

                                               

तार्केक (चंद्रमा)

तार्केक, जो सेटर्न LII के रूप में भी जाना जाता है, शनि का एक प्राकृतिक उपग्रह है। इसकी खोज की घोषणा 5 जनवरी 2006 और 22 मार्च 2007 के मध्य लिगए प्रेक्षणों के आधार पर, 13 अप्रैल 2007 को स्कॉट एस शेपर्ड, डेविड सी. जेविट, जान क्लेयना और ब्रायन जी मार ...

                                               

थर्सिस चतुष्कोण

थर्सिस चतुष्कोण, संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण, खगोलभूविज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम द्वारा इस्तेमाल के लिए मंगल ग्रह की 30 चतुष्कोणिय नक्शों की श्रृंखला में से एक है। थर्सिस चतुष्कोण को MC-9 के रूप में भी जाना जाता है।

                                               

थाउमेसिया चतुष्कोण

कोप्रेट्स चतुष्कोण, संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण, खगोलभूविज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम द्वारा इस्तेमाल के लिए मंगल ग्रह की 30 चतुष्कोणिय नक्शों की श्रृंखला में से एक है। कोप्रेट्स चतुष्कोण को MC-25 के रूप में भी जाना जाता है।

                                               

थेमीस्टो (उपग्रह)

थेमीस्टो, बृहस्पति का एक छोटा अनियमित उपग्रह है। 1975 में खोज हुई, खो गया, उसके बाद 2000 में फिर से खोजा गया। यह ज्यूपिटर XVIII के रूप में भी जाना जाता है।

                                               

दानव तारा

खगोलशास्त्र में दानव तारा ऐसे तारे को बोलते हैं जिसका आकाऔर चमक दोनों उस से बढ़ के हो जो उसकी सतह के तापमान के आधापर मुख्य अनुक्रम के किसी तारे के होते। ऐसे तारे आम तौपर सूरज से १० से १०० गुना व्यास में बड़े होते हैं और चमक में १० से १००० गुना ज़ ...

                                               

दायाँ आरोहण

दायां आरोहण एक खगोलीय माप होता है, जो भूमध्यीय निर्देशांक प्रणाली के दो निर्देशांकों में से एक है। दूसरा निर्देशांक झुकाव होता है।

                                               

दिक्पात

खगोलशास्त्र में, दिक्पात भूमध्यीय निर्देशांक प्रणाली के दो निर्देशांकों में से एक होता है। दूसरा निर्देशांक दायां आरोहण या घंटा कोण होता है। झुकाव की तुलना अक्षांश से की जा सकती है। इसका मापन डिग्री उत्तर या दक्षिण में किया जाता है। खगोलीय भूमध्य ...

                                               

दोहरा तारा

खगोलशास्त्र में दोहरा तारा दो तारों का ऐसा जोड़ा होता है जो पृथ्वी से दूरबीन के ज़रिये देखे जाने पर एक-दुसरे के समीप नज़र आते हैं। ऐसा दो कारणों से हो सकता है - ये सिर्फ पृथ्वी से देखने में ही पास लगते हैं जिस तरह से दूर एक-के-पीछे-एक दो पहाड़ एक ...

                                               

द्वितारा

द्वितारा या द्विसंगी तारा दो तारों का एक मंडल होता है जिसमें दोनों तारे अपने सांझे द्रव्यमान केंद्र की परिक्रमा करते हैं। द्वितारों में ज़्यादा रोशन तारे को मुख्य तारा बोलते हैं और कम रोशन तारे को अमुख्य तारा या "साथी तारा" बोलते हैं। कभी-कभी द्व ...

                                               

धातु हाइड्रोजन

धातु हाइड्रोजन हाइड्रोजन की ऐसी अवस्था को कहते हैं जब वह भयंकर दबाव में कुचली जाकर अवस्था परिवर्तन करके विकृत हो जाए। भौतिकशास्त्रियों का मानना है कि ठोस धातु हाइड्रोजन में हाइड्रोजन के नाभिएक क्रिस्टल ढाँचे में सुसज्जित हो जाते हैं जिसमें एक नाभ ...

                                               

निरपेक्ष कांतिमान

निरपेक्ष कांतिमान किसी खगोलीय वस्तु के अपने चमकीलेपन को कहते हैं। मिसाल के लिए अगर किसी तारे के निरपेक्ष कांतिमान की बात हो रही हो तो यह देखा जाता है कि यदि देखने वाला उस तारे के ठीक १० पारसैक की दूरी पर होता तो वह कितना चमकीला लगता। इस तरह से "न ...

                                               

नीला महादानव तारा

नीले महादानव तारे वह महादानव तारे होते हैं जो O या B श्रेणी के तारे हों। इनमें आम तौपर 10 से 50 सौर द्रव्यमान का द्रव्यमान होता है और इनका अर्धव्यास 25 सौर अर्धव्यास तक हो सकता है। यह ब्रह्माण्ड के सबसे गरम और सबे रोशन तारे होते हैं और कम तादाद म ...

                                               

नेइथ

सन् 1672 में गियोवन्नी कैसिनी ने एक छोटी सी खगोलीय वस्तु को शुक्र के नजदीक पाया। अपने इस प्रेक्षण पर उन्होने कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। किंतु 1686 में जब इसे फिर से देखा तो उन्होने शुक्र के एक संभावित चांद की औपचारिक घोषणा कर दी। इस वस्तु को एक ब ...

                                               

नेहरू तारामंडल, दिल्ली

नेहरू तारामंडल तीन मूर्ति भवन में वह जगह है जहां जाकर ब्रह्मांड, तारों, सितारों और खगोलीय घटनाओं से जुड़ी जिज्ञासा को शांत कर सकते हैं। भारत के अन्य शहरों के तारामंडलों की अपेक्षा इस तारामंडल के पास बहुत ज्यादा सुविधाएं नहीं हैं तो भी वह लोगों को ...

                                               

नोआकीस चतुष्कोण

नोआकीस चतुष्कोण, संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण, खगोलभूविज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम द्वारा इस्तेमाल के लिए मंगल ग्रह की 30 चतुष्कोणिय नक्शों की श्रृंखला में से एक है। नोआकीस चतुष्कोण को MC-27 के रूप में भी जाना जाता है।

                                               

न्यूट्रॉन तारा

न्यूट्रॉन तारा किसी भारी तारे के महानोवा घटना के बाद उसके गुरुत्वीय पतन से बना हुआ अवशेष होता है। यह तारे केवल न्यूट्रॉन के बने होते हैं। इनका आकार बहुत छोटा मगर द्रव्यमान बहुत ज्यादा होता है।इनमें नाभिकीय घनत्व होता है, जो पानी के घनत्व का लगभग1 ...

                                               

पंचांग

अगर आप हिन्दू पंचांग पर जानकारी ढूंढ रहें हैं, तो हिन्दू पंचांग का लेख देखिये पंचांग ऐसी तालिका को कहते हैं जो विभिन्न समयों या तिथियों पर आकाश में खगोलीय वस्तुओं की दशा या स्थिति का ब्यौरा दे। १) तिथि, २) वार, ३) नक्षत्र, ४) योग, तथा ५) करण यह प ...

                                               

पटना तारामंडल

पटना तारामंडल पटना के इंदिरा गांधी विज्ञान परिसर में स्थित है। प्लैनेटरीयम बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी के माध्यम से ₹ 11 करोड़ की कुल लागत पर बनाया गया था। 1989 में बिहार के मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिन्हा ने उसी वर्ष शुरू होने के स ...

                                               

परमदानव तारा

परमदानव तारा एक अत्याधिक द्रव्यमान और चमक वाला तारा होता है जिस से लगातार गैस, प्लाज़्मा और अन्य द्रव्य बड़ी मात्राओं में अंतरिक्ष में उछलते रहते हैं। यर्कीज़ वर्णक्रम श्रेणीकरण में इसकी चमक की श्रेणी "0" है ।

                                               

परिक्रमण गति

परिक्रमण गति, किसी पिंड की वह गति है जिस पर वह किसी प्रणाली के द्रव्यमान केन्द्र के इर्दगिर्द परिक्रमा करता है। प्रायोगिक तौपर किसी बड़े वृहत पिंड के इर्दगिर्द। कक्षीय चाल: किसी उपग्रह को किसी कक्ष में स्थापित करने के लिए आवश्यक चाल को उस उपग्रह ...

                                               

परिध्रुवी तारा

पृथ्वी पर किसी अक्षांश रेखा के लिए परिध्रुवी तारा ऐसे तारे को बोलते हैं जो उस रेखा पर स्थित देखने वाले के लिए कभी भी क्षितिज से नीचे अस्त न हो। यह केवल ऐसे तारों के साथ होता है को खगोलीय गोले के किसी ध्रुव के पास होते हैं। अगर किसी स्थान के लिए क ...

                                               

पल्सर

अत्यधिक चुम्बकीय, बहुत तेज घूर्णन करने वाले न्यूट्रॉन तारे हैं, जो की विद्युतचुम्बकीय विकरण उतपन्न करते हैं। इनका विकरण तभी आभासित होता है जब विकरण पैदा होने की दिशा प्रथ्वी की ओर हो। क्योंकि इनके द्वारा उतपन्न विकरण निश्चित अंतराल के बाद ही पृथ् ...

                                               

पान (चंद्रमा)

पान, शनि का एक अंतरतम चंद्रमा है। 35 किलोमीटर लम्बा और 23 किमी ऊँचाई वाला यह अखरोट के आकार का एक छोटा चंद्रमा है; जो कि शनि के A रिंग में एंके अंतराल के भीतर परिक्रमा करता है। पान एक चरवाहे के रूप में कार्य करता है और एंके अंतराल को कणों से मुक्त ...

                                               

पालिन (चंद्रमा)

पालिन,शनि का एक छोटा सा प्राकृतिक उपग्रह है। यह माइमस और ऍनसॅलअडस की कक्षाओं के बीच स्थित है। यह सेटर्न XXXIII तौपर भी नामित है।

                                               

पालियाक (चंद्रमा)

पालियाक, शनि का एक प्रतिगामी अनियमित उपग्रह है। इसकी खोज ब्रेट जे ग्लैडमेन, जॉन जे कावेलार्स, जीन मार्क पेटिट,हैंस स्कॉल, मैथ्यू जे होल्मन, ब्रायन जी मार्सडेन, फिलिप डी. निकोल्सन और जोसेफ ए बर्न्स द्वारा अक्टूबर 2000 के उत्तरार्ध में हुई थी। उन्ह ...

                                               

पॉलीड्युसस (चंद्रमा)

पॉलीड्युसस या सेटर्न XXXIV, शनि का एक छोटा प्राकृतिक उपग्रह है जिसका डायोनी चंद्रमा के साथ सह-कक्षीय है तथा लाग्रंगियन बिंदु L 5 के आसपास से इसका अनुगमन करता है। इसका व्यास 2–3 किमी होना अनुमानित है। डायोनी का एक अन्य सह-कक्षीय हेलेन है जो कि बडा ...

                                               

प्रकाशमंडल

Fronhophere line. प्रकाश मंडल photosphere, किसी तारे का बाहरी खोल होता है जिससे प्रकाश निकलता है। असल में हम सूर्य, या किसी भी अन्य तारे, में इसी प्रकाश मंडल को देखते हैं।

                                               

प्रकाशानुपात

अपने ऊपर पड़ने वाले किसी सतह के प्रकाश या अन्य विद्युतचुंबकीय विकिरण को प्रतिबिंबित करने की शक्ति की माप को प्रकाशानुपात या धवलता कहते हैं। अगर कोई वस्तु अपने ऊपर पड़ने वाले प्रकाश को पूरी तरह वापस चमका देती है तो उसका ऐल्बीडो १.० या प्रतिशत में ...

                                               

प्रतिगामी चाल

प्रतिगामी चाल किसी वस्तु की ऐसी चाल को बोलते हैं जो किसी और वस्तु की चाल के विपरीत हो। इसका प्रयोग भौतिकी और खगोलशास्त्र में अक्सर तब किया जाता है जब किसी घुमते हुए ग्रह के इर्द-गिर्द कोई उपग्रह परिक्रमा कर रहा हो लेकिन उस उपग्रह की परिक्रमा की द ...

                                               

प्रसरकोण

प्रसरकोण, किसी पिंड के लिए वह कोण है जो पृथ्वी पर खड़े प्रेक्षक की दृष्टी में उस पिंड और सूर्य के बीच बनता है। पिंड का कोणांतर सूर्य के सापेक्ष मापा जाता है इसलिए इसे सूर्यांतर कोण भी कहा जाता है।

                                               

प्राग सम्मेलन

प्राग सम्मेलन, सौरमंडल में ग्रहों को नई परिभाषा देने के लिए 15-24 अगस्त, 2006 को चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा एक आयोजित किया गया एक सम्मेलन था। इस सम्मेलन में कुल 75 देशों के 2500 से अधिक खगोलविदों ने भाग लिया ...

                                               

प्रेक्षणात्मक खगोलिकी

अवलोकन खगोल विज्ञान खगोलीय विज्ञान का एक प्रभाग है, जो कि सैद्धांतिक खगोल भौतिकी के विपरीत, जो मुख्य रूप से भौतिक मॉडल के औसत दर्जे का प्रभाव खोज रही है, यह दूरबीन और अन्य खगोलीय उपकरण का उपयोग करके आकाशीय पिंडों को अवलोकित करने की प्रथा है। एक व ...

                                               

फाएथोंटीस चतुष्कोण

फाएथोंटीस चतुष्कोण, संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण, खगोलभूविज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम द्वारा इस्तेमाल के लिए मंगल ग्रह की 30 चतुष्कोणिय नक्शों की श्रृंखला में से एक है। फाएथोंटीस चतुष्कोण को MC-24 के रूप में भी जाना जाता है।

                                               

फोनीसिस लैकस चतुष्कोण

फोनीसिस लैकस चतुष्कोण, संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण, खगोलभूविज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम द्वारा इस्तेमाल के लिए मंगल ग्रह की 30 चतुष्कोणिय नक्शों की श्रृंखला में से एक है। फोनीसिस लैकस चतुष्कोण को MC-17 के रूप में भी जाना जाता है।

                                               

फोबे (चंद्रमा)

फोबे, शनि का एक अनियमित उपग्रह है। इसे कुइपर बेल्ट से हथियाया हुआ एक ग्रहाणु माना गया है। इसकी खोज 17 मार्च 1899 को विलियम हेनरी पिकरिंग ने फोटोग्राफिक प्लेट से की, जिसके खींचने की शुरुआत 16 अगस्त 1898 को डीलाइसल स्टीवर्ट द्वारा आरक्विपा, पेरू के ...

                                               

फोस्फोरस

फोस्फोरस, नाम का अर्थ भोर का तारा, यानि शुक्र ग्रह की सुबह की हाजरी है। Φαοσφόρος और Φαεσφόρος कुछ ग्रीक बोलियों में एक ही नाम के रूप हैं।

                                               

बहिर्ग्रह

बहिर्ग्रह या ग़ैर-सौरीय ग्रह ऐसे ग्रह को कहा जाता है जो हमारे सौर मण्डल से बाहर स्थित हो। सन् 1992 तक खगोलशास्त्रियों को एक भी ग़ैर-सौरीय ग्रह के अस्तित्व का ज्ञान नहीं था, लेकिन उसके बाद बहुत से ऐसे ग्रह मिल चुके हैं। 1 सितम्बर 2018 तक 3823 बहिर ...

                                               

बहु तारा

खगोलशास्त्र में बहु तारा दो से अधिक तारों का ऐसा गुट होता है जो पृथ्वी से दूरबीन के ज़रिये देखे जाने पर एक-दूसरे के समीप नज़र आते हैं। ऐसा दो कारणों से हो सकता है - यह सिर्फ पृथ्वी से देखने में ही पास लगते हैं जिस तरह से दूर एक-के-पीछे-एक दो पहाड ...

                                               

बायर नामांकन

बायर नामांकन तारों को नाम देने का एक तरीक़ा है जिसमें किसी भी तारामंडल में स्थित तारे को एक यूनानी अक्षर १ और उसके तारामंडल के यूनानी नाम से बुलाया जाता है। बायर नामों में तारामंडल के यूनानी नाम का सम्बन्ध रूप २ इस्तेमाल होता है। मिसाल के लिए, पर ...

                                               

बिबकोड

बिबकोड एक अभिज्ञापक है जिसका प्रयोग खगोलशास्त्रीय ज्ञानकोशों में खगोलशास्त्र-सम्बन्धी लेखों और अन्य सामग्री की पहचान करने के लिए किया जाता है। इसका आविष्कार सिम्बाद और नासा के कोषों में प्रयोग के लिए हुआ था लेकिन अब इसे अन्य स्थानों पर भी इस्तेमा ...

                                               

बीटा रीजियो

बीटा रीजियो, "ज्वालामुखी उदय" के रूप में जाना गया शुक्र ग्रह का एक क्षेत्र है। 3000 किलोमीटर आकलित, 25.3°N 282.8°E  / 25.3; 282.8 पर केन्द्रित यह शुक्र का एक प्रमुख उच्चभूमि क्षेत्र गठित करता है।. ग्रह के पूर्व राडार सर्वेक्षण में दिखी इन प्रारं ...

                                               

ब्रह्माण्ड

ब्रह्माण्ड सम्पूर्ण समय और अंतरिक्ष और उसकी अंतर्वस्तु को कहते हैं। ब्रह्माण्ड में सभी ग्रह, तारे, गैलेक्सियाँ, खगोलीय पिण्ड, गैलेक्सियों के बीच के अंतरिक्ष की अंतर्वस्तु, अपरमाणविक कण, और सारा पदार्थ और सारी ऊर्जा शामिल है। अवलोकन योग्य ब्रह्माण ...

                                               

भस्मवर्ण प्रकाश

भस्मवर्ण प्रकाश, एक सूक्ष्म चमक है जो शुक्र ग्रह की रात्रि पक्ष की तरफ से दिखाई देती है। यह बहुत हद तक चंद्रमा पर चांदनी के होने के समान है पर इसके चमकीलेपन में विशिष्टता नहीं होती है। यह पहली बार 9 जनवरी 1643 को खगोलविद् गिओवन्नी बतिस्ता रिक्कीओ ...

                                               

भूकेन्द्रीय मॉडल

खगोल विज्ञान में, भूकेन्द्रीय मॉडल ब्रह्मांड का वर्णन है जहां पृथ्वी सभी खगोलीय पिंडों के कक्षीय केंद्पर है। यह मॉडल अनेक प्राचीन सभ्यताओं, जैसे कि प्राचीन ग्रीस, में प्रमुख ब्रह्माण्ड संबंधी प्रणाली के रूप में पेश हुआ। जैसे, अरस्तू और टॉलेमी की ...

                                               

भूमध्यीय निर्देशांक प्रणाली

भूमध्यीय निर्देशांक प्रणाली एक बहुप्रचलित प्रणाली है, जिसके प्रयोग से खगोलीय पिंडों या बिन्दुओं का मापन किया जाता है। इसमें पृथ्वी की भूमध्य रेखा, ध्रुवओं को आगे खगोलीय वृत्त में प्रोजेक्ट कर माप किया जाता है। इसके दो निर्देशांक होते हैं: दायां आ ...

                                               

मंगल के चतुष्कोणों की सूची

मंगल ग्रह के भूपृष्ठ को संयुक्त राज्य भूगर्भ सर्वेक्षण द्वारा 30 चतुष्कोणों में विभाजित किया गया है, ऐसा नाम इसलिए क्योंकि उनकी सीमाएं अक्षांश और देशांतर रेखाओं के साथ-साथ स्थित है, इसलिए नक्शे आयताकार दिखाई देते हैं। मंगल चतुष्कोणों के नाम स्थान ...

                                               

महादानव तारा

महादानव तारा एक अत्याधिक द्रव्यमान और चमक वाला तारा होता है। यर्कीज़ वर्णक्रम श्रेणीकरण में इसकी चमक की श्रेणी "Ia" और "Ib" है। इनसे बड़े तारे ब्रह्माण्ड में मुट्ठी-भर ही हैं और वे परमदानव तारे कहलाते हैं।

                                               

महानोवा

खगोलशास्त्र में महानोवा किसी तारे के भयंकर विस्फोट को कहते हैं। महानोवा नोवा से अधिक बड़ा धमाका होता है और इस से निकलता प्रकाश और विकिरण इतना ज़ोरदार होता है के कुछ समय के लिए अपने आगे पूरी आकाशगंगा को भी धुंधला कर देता है लेकिन फिर धीरे-धीरे ख़ु ...

                                               

महापृथ्वी

महापृथ्वी ऐसे ग़ैर-सौरीय ग्रह को कहा जाता है जो पृथ्वी से अधिक द्रव्यमान रखता हो लेकिन सौर मंडल के बृहस्पति और शनि जैसे गैस दानव ग्रहों से काफ़ी कम द्रव्यमान रखे।